राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलिया सेठ मंदिर में फागुन माह के उपलक्ष्य में खोली गई दान पेटियों से कुल 46 करोड़ 58 लाख रुपये से अधिक दान प्राप्त हुआ है. इसमें 36 करोड़ 57 लाख रुपये नकदी, 10 करोड़ रुपये मनी ऑर्डर और ऑनलाइन भेंट तथा लगभग 3 किलो सोना और 152 किलो से अधिक चांदी शामिल है. यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को सांवलिया सेठ के रूप में पूजता है, जहां व्यापारी उन्हें अपना बिजनेस पार्टनर मानते हैं. मंदिर की स्थापना लगभग 1840 में हुई थी जब भोलाराम गुर्जर नामक ग्वाले को सपने में मूर्तियों के बारे में संकेत मिला था. मान्यता है कि संत मीराबाई भी इन प्रतिमाओं की पूजा करती थीं. पिछले 30 सालों में मंदिर का चढ़ावा 340 गुना बढ़ा है.