सावन की शुरुआत के साथ कामिका एकादशी, हरियाली तीज, नागपंचमी और रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाएंगे. इस दौरान 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण और 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण लगेगा, लेकिन भारत में न दिखने के कारण रक्षाबंधन के शुभ कार्यों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. बाबा विश्वनाथ धाम काशी में सावन के दौरान लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है, जिसके लिए सुरक्षा, छह प्रवेश द्वार, और स्वास्थ्य सुविधाओं की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है. साथ ही, हरियाली तीज पर महिलाओं के सोलह श्रृंगार, निर्जल व्रत और पूजा-अर्चना के धार्मिक महत्व एवं उपायों के बारे में विस्तार से बताया गया.