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Sawan Solar Eclipse: सावन की शिवरात्रि पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, 18 साल बाद बन रहा सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग

सावन की शिवरात्रि के अवसर पर देशभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। गाजियाबाद के दुधेश्वर महादेव मंदिर सहित तमाम शिवालयों में कांवड़िए गंगाजल अर्पित कर रहे हैं। वहीं इस पावन महीने में 18 साल बाद एक दुर्लभ खगोलीय संयोग बन रहा है। 12 अगस्त को साल 2026 का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 9 बजकर 04 मिनट से देर रात 1 बजकर 27 मिनट तक रहेगा और रात 11 बजकर 17 मिनट पर अपने उच्चतम स्तर पर होगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में रात के समय पड़ेगा, इसलिए देश में यह दिखाई नहीं देगा और इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। धार्मिक दृष्टिकोण से इस दौरान जप-तप और धार्मिक अनुष्ठान फलदायी माने गए हैं, जबकि वैज्ञानिकों के लिए यह सूर्य से जुड़े रहस्यों को समझने का अनूठा अवसर है।