आज से सावन के पावन महीने की शुरुआत हो चुकी है और देशभर के शिवालयों में सुबह से ही जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस वर्ष सावन का शुभारंभ 53 साल बाद पंच योग (गजकेसरी, प्रीति, शनि-गुरु महासंयोग, श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग) जैसे बेहद दुर्लभ और शुभ संयोगों के साथ हुआ है। इसके अलावा 23 साल बाद 17 अगस्त को तीसरे सोमवार पर सोमवती नाग पंचमी का अद्भुत महासंयोग भी बन रहा है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी इस महीने सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र का राशि परिवर्तन तथा हंस महापुरुष राजयोग जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। सावन मास में भगवान शिव के नीलकंठ बनने की अमर कथा जुड़ी है, जिसमें लोक कल्याण के लिए हलाहल विष का पान करने वाले महादेव का शीतल जल और बेलपत्र से अभिषेक करने की परंपरा है।