सावन के महीने में शिवरात्रि का पर्व देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ मनाया जा रहा है. इस अवसर के तुरंत बाद श्रावण अमावस्या पर वर्ष का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लग रहा है. लगभग 18 वर्षों के बाद सावन माह में सूर्य ग्रहण का यह संयोग बन रहा है. भारतीय समयानुसार यह सूर्य ग्रहण बुधवार रात 09:04 बजे से शुरू होकर गुरुवार तड़के 01:27 बजे तक रहेगा. भारत में दिखाई न देने के कारण यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक स्थलों के कपाट खुले रहेंगे. यह ग्रहण यूरोप और अमेरिका समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में दिखाई देगा. ज्योतिषाचार्यों ने शिवरात्रि पर जलाभिषेक, पार्थिव शिवलिंग पूजन, शिव मानस पूजा और दान-पुण्य के धार्मिक महत्व पर जानकारी साझा की है. इसके अतिरिक्त, विशेषज्ञों ने सूर्य ग्रहण के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों, सभी 12 राशियों पर इसके ज्योतिषीय प्रभाव तथा उनसे बचाव के उपायों का विस्तार से विवरण दिया है.