शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर कलश स्थापना और नवदुर्गा की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है. अश्विन शुक्ल प्रतिपदा पर घट स्थापना के लिए सुबह 06:32 से 10:26 बजे तक तथा अभिजित मुहूर्त सुबह 10:51 से दोपहर 01:09 बजे तक रहेगा. इस वर्ष अष्टमी तिथि दो दिन होने की वजह से शारदीय नवरात्रि 10 दिनों की होगी और समापन 20 अक्टूबर को दशहरे पर होगा. इसके साथ ही लगभग 100 साल बाद गजकेसरी राजयोग का संयोग बन रहा है. नवरात्रि के दौरान मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के नौ पावन स्वरूपों की विधिवत आराधना की जाती है. महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा से सभी नौ देवियों के पूजन का फल प्राप्त होता है.