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शिव महापुराण के अनुसार कैसे करें भोलेनाथ की पूजा? जानिए बेलपत्र, पुष्प, पंचाक्षरी मंत्र और महाउपाय का महत्व

शिव महापुराण में भगवान शिव की महिमा, पूजा पद्धतियों और कल्याणकारी स्वरूप का वर्णन किया गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शिव महापुराण के अध्ययन या श्रवण से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और समस्त कष्ट दूर होते हैं। शिव महापुराण के पाठ एवं पूजन के लिए स्नान, ध्यान, शुद्धता और सात्विकता जैसे नियमों का पालन अनिवार्य माना गया है। पूजन के दौरान शिवलिंग पर जल, बेलपत्र, अक्षत, दूध और धतूरा अर्पित करने से विभिन्न मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसके अतिरिक्त, शिव पंचाक्षरी मंत्र 'नमः शिवाय' का जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि मिलती है। महापुराण में विभिन्न पुष्पों जैसे चमेली, कनेर और हरसिंगार के अर्पण से मिलने वाले विशेष फलों का भी उल्लेख किया गया है।