मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि से पहले नौ दिवसीय 'शिव नवरात्रि' उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. उत्सव के चौथे दिन भगवान महाकाल का विशेष 'घटाटोप' शृंगार किया गया, जिसमें बाबा को नवीन वस्त्र, मेखला दुपट्टा, मुकुट और फलों की माला धारण कराई गई. इस दौरान भक्तों को महादेव के जटाधारी रूप के दर्शन हुए, जो सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. मंदिर में यह परंपरा सदियों पुरानी है, जहां महाशिवरात्रि तक हर दिन बाबा का अलग-अलग स्वरूपों में दूल्हे की तरह शृंगार किया जाता है. देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस दिव्य आयोजन का हिस्सा बन रहे हैं. आने वाले दिनों में बाबा महाकाल छबीना, मन महेश और शिव तांडव स्वरूप में दर्शन देंगे, जिसका समापन 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के महापर्व के साथ होगा.