11 मई का दिन भारत की आध्यात्मिक और सामरिक शक्तियों के लिहाज से बेहद खास है। इसी दिन 1951 में प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के मौजूदा स्वरूप की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इस ऐतिहासिक अवसर की 75वीं वर्षगांठ को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया। इस भव्य कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री शामिल हुए और विशेष महापूजा के साक्षी बने। वैदिक मंत्रों के बीच 11 तीर्थ स्थलों के पवित्र जल से मंदिर का कुंभाभिषेक किया गया। इसके बाद भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई और वायुसेना की सूर्यकिरण टीम ने मनमोहक एयर शो का प्रदर्शन किया। दिलचस्प बात यह है कि 11 मई को ही भारत ने पोखरण में परमाणु परीक्षण कर दुनिया को अपनी सामरिक शक्ति का अहसास कराया था। विदेशी आक्रांताओं द्वारा कई बार ध्वस्त किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर का बार-बार पुनर्निर्माण भारत की अटूट आस्था और संकल्प शक्ति का प्रतीक है।