साल 2026 का अंतिम सूर्य ग्रहण श्रावण अमावस्या यानी हरियाली अमावस्या के दिन लग रहा है. भारतीय मानकानुसार यह ग्रहण रात नौ बजकर चार मिनट से शुरू होकर अगले दिन सुबह एक बजकर सत्ताईस मिनट तक रहेगा. यह पूर्ण सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके कारण देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि, यह यूरोप, ग्रीनलैंड, आइसलैंड और उत्तरी रूस जैसे क्षेत्रों में दिखाई देगा. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि और अशलेषा नक्षत्र में लग रहा है. इस दौरान कर्क राशि में बुध, सूर्य, गुरु और चंद्रमा की युति से चतुर्ग्रही योग बन रहा है. ज्योतिषविदों के अनुसार, भले ही भारत में ग्रहण दिखाई न दे, लेकिन इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए सावन माह में भगवान शिव की विशेष पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र का जाप और दान-पुण्य करने की सलाह दी गई है.