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सूर्य ग्रहण और चतुर्ग्रही योग का दुनिया पर असर | जानिए राशि अनुसार महाउपाय और मंत्र जाप

सावन महीने की हरियाली अमावस्या पर साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. भारतीय समयानुसार यह खगोलीय घटना रात 9:04 बजे शुरू होकर देर रात 1:28 बजे समाप्त होगी. भारत में दिखाई न देने के कारण देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा और मंदिरों के कपाट खुले रहेंगे. यह ग्रहण यूरोप, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, उत्तरी रूस, स्पेन, पुर्तगाल, जर्मनी, इटली और फ्रांस में देखा जा सकेगा. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कर्क राशि में चार ग्रहों के गोचर से चतुर्ग्रही योग बन रहा है, जिससे वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक आपदाओं और भू-राजनीतिक तनाव की संभावना जताई गई है. मेष, वृष, मिथुन, तुला, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों पर इसका अनुकूल प्रभाव पड़ेगा, जबकि कर्क, सिंह, कन्या, धनु, मकर और कुंभ राशि वालों को सावधानी बरतने का सुझाव दिया गया है. आचार्यों ने ग्रहण काल के दौरान सूर्य देव के मंत्रों, गायत्री मंत्र और पितृ गायत्री जाप के साथ गेहूं, लाल मसूर की दाल और वस्त्र दान करने का परामर्श दिया है.