भारत रक्षा क्षेत्र में 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है. इसी दिशा में महाराष्ट्र के शिरडी में देश के पहले 300 किलोमीटर रेंज वाले 'सूर्यास्त' रॉकेट सिस्टम का उद्घाटन किया गया है. यह आधुनिक मल्टी-बैरल और मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर 122 मिमी, 306 मिमी और 370 मिमी के हथियार दागने में सक्षम है. इसकी मारक क्षमता 150 से 300 किलोमीटर तक है और यह 1.5 से 2 मीटर के 'सर्कुलर एरर प्रोबेबल' के साथ सटीक निशाना लगाता है. 'सूर्यास्त' सिस्टम से प्रीडेटर हॉक, एक्स्ट्रा रॉकेट और कामिकेज़ ड्रोन भी दागे जा सकते हैं. पिछले पांच वर्षों में भारत के रक्षा उत्पादन में 90 फीसदी की वृद्धि हुई है और रक्षा आयात 70 फीसदी से घटकर 35 फीसदी रह गया है. रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए 4666 उपकरणों की 'पॉजिटिव इंडिजनाइजेशन लिस्ट' जारी की है. वर्तमान में भारत 100 से अधिक देशों को रक्षा उपकरणों का निर्यात कर रहा है, जिसे 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.