राजस्थान के जोधपुर में स्थित मंडोर ओपन जेल में एक अनोखी शादी संपन्न हुई, जहां उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदियों ने सात फेरे लिए। दूल्हा मूलाराम नागौर का निवासी है, जिसे पड़ोसी की हत्या के मामले में सजा मिली थी, जबकि दुल्हन सीमा मुंबई की निवासी है, जिसे जोधपुर में पति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अच्छे आचरण के कारण दोनों को मंडोर ओपन एयर कैंप में स्थानांतरित किया गया था, जहां कृषि कार्य करते समय दोनों के बीच प्रेम संबंध बने. संविधान के तहत शादी के अधिकार को ध्यान में रखते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एक मानवीय फैसला सुनाते हुए 22 जुलाई को शादी की अनुमति दी. अदालत के निर्देशानुसार 21 रिश्तेदारों के साथ-साथ पुलिसकर्मी, वकील और जेल के अन्य बंदी बाराती बने. विवाह की सभी रस्में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार ओपन जेल परिसर के भीतर ही पूरी की गईं.