आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से अगले चार महीनों के लिए चातुर्मास की शुरुआत हो रही है. इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिससे सभी तरह के मांगलिक व शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है. चातुर्मास के दौरान सावन में भगवान शिव, भाद्रपद में श्रीकृष्ण व गणेश जी, अश्विन में मां दुर्गा व पितरों तथा कार्तिक में श्रीहरि की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन विशेष पूजा, मंत्र जप और कीर्तन करने से मानसिक पापों और समस्याओं का नाश होता है. इसके साथ ही कार्यक्रम में मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, सेहत व करियर के उपाय, सफल सर्जरी के लिए ज्योतिषीय सुझाव और बार-बार चोट-चपेट से बचने के आसान उपाय भी साझा किए गए हैं.