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किस्मत कनेक्शन

प्रेम और विवाह में धोखे से कैसे बचें? ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए

08 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में शैलेंद्र पांडे ने 9 March 2026 के पंचांग और 12 राशियों के दैनिक राशिफल के साथ धोखे के ज्योतिषीय कारणों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि चंद्रमा, बुध, शनि और राहु धोखे के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ग्रह हैं. जल तत्व की राशियां कर्क, वृश्चिक और मीन को सबसे ज्यादा धोखा मिलता है, जबकि पृथ्वी तत्व की राशियां वृषभ, कन्या और मकर चालबाजी और धोखा देने में अग्रणी होती हैं. व्यापार में धोखे के लिए कुंडली का कमजोर सप्तम भाव, आठवें भाव में पाप ग्रह और कमजोर बुध जिम्मेदार हैं. प्रेम और विवाह में धोखे के लिए शुक्र-सूर्य या शुक्र-मंगल का संबंध, सातवें स्थान में चंद्रमा या बृहस्पति का होना और कमजोर बृहस्पति जिम्मेदार हैं. दोस्ती में धोखे के लिए कमजोर चंद्रमा, शुक्र या बुध जिम्मेदार हैं. बचाव के उपाय में रोज सूर्य को जल, भगवान गणेश को दूर्वा, राधा-कृष्ण को गुलाबी फूल चढ़ाना और लोहे का छल्ला मध्यमा अंगुली में धारण करना शामिल है.

राहु की दशा का जीवन पर क्या पड़ता है प्रभाव? जानें शुभ और अशुभ प्रभाव

07 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में एंकर शैलेन्द्र पांडेय ने राहु की दशा और उसके प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहु की गणना सूर्य और चंद्रमा के आधार पर की जाती है और यह एक रहस्यमय ग्रह है जो जीवन की आकस्मिकताओं से जुड़ा है। शैलेन्द्र पांडेय ने समझाया कि जब राहु की दशा चलती है तो जीवन में अचानक चीजें घटने लगती हैं। उन्होंने कहा कि राहु की प्रतिकूल दशा में भय, वहम, उतार-चढ़ाव, आर्थिक नुकसान और वैवाहिक समस्याएं हो सकती हैं, जबकि अनुकूल दशा में राजनीति और फिल्म क्षेत्र में सफलता, आकस्मिक धन लाभ और ऊंचाइयां मिलती हैं। कार्यक्रम में 12 राशियों के दैनिक राशिफल भी बताए गए और राहु के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने के लिए विभिन्न उपाय सुझाए गए।

राशि के अनुसार खाना बनाने के गुण, बुध-शुक्र-चंद्रमा का प्रभाव, रसोई के नियम

06 मार्च 2026

गुड न्यूज टुडे के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में 7 मार्च 2026 के दैनिक राशिफल के साथ बताया गया कि अलग-अलग राशि के लोगों का खाना बनाने का स्वभाव कैसा होता है। कार्यक्रम में बताया गया कि 'अच्छा खाना बनाने का संबंध होता है बुध के साथ। रस का स्वामी है बुध। इसके अलावा शुक्र प्रेजेंटेशन का मालिक है और चंद्रमा स्वाद का मालिक है।' वृषभ, कन्या और मकर राशि के लोग अच्छा खाना बनाते हैं और इन्हें स्वाद की अच्छी परख होती है। मेष, सिंह और धनु राशि के लोग सामान्य खाना बनाते हैं। कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के लोग मूड के अनुसार खाना बनाते हैं। खाना बनाने से पहले रसोई की सफाई, प्रसन्न मन से खाना बनाना और भोजन भगवान को समर्पित करने जैसे उपाय भी बताए गए।

चैत्र महीने में कैसा हो खान-पान? ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए पवित्र माह का महत्व

04 मार्च 2026

5 March 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में चंद्रमा कन्या राशि में संचरण कर रहे हैं। चैत्र का महीना 4 March से आरंभ हो रहा है और 2 April तक रहेगा। यह हिंदू पंचांग का पहला महीना है जिसमें नव संवत्सर का आरंभ होता है। इस महीने में वासंतिक नवरात्रि और भगवान राम का जन्मोत्सव रामनवमी मनाया जाता है। चैत्र महीने में रंग पंचमी, पापमोचनी एकादशी और चैत्र पूर्णिमा जैसे पर्व आते हैं। स्वास्थ्य के लिए चैत्र में चना खाना, पानी अधिक पीना और फल खाना लाभदायक है जबकि गुड़ खाने से बचना चाहिए। सूर्य देव और माता दुर्गा की उपासना इस महीने में विशेष लाभदायक मानी जाती है।

राशि अनुसार किस रंग से खेलें होली, ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए पूरा किस्मत कनेक्शन

03 मार्च 2026

4 मार्च 2026 को होली का पर्व मनाया जा रहा है। यह पर्व भक्त प्रहलाद की भक्ति और भगवान द्वारा उसकी रक्षा की याद में मनाया जाता है। होलिका स्वयं अग्नि में जल गई और भगवान ने प्रहलाद की रक्षा की, जो अच्छाई की विजय और बुराई के अंत का प्रतीक है। होली खेलने से पहले रंग या अबीर गुलाल को भगवान को समर्पित करना चाहिए। हर राशि के लिए विशेष रंग बताए गए हैं - मेष और कर्क राशि के लिए पीला, वृषभ और मिथुन के लिए नीला, सिंह के लिए लाल, कन्या और वृश्चिक के लिए सफेद या चंदन, तुला और मकर के लिए हरा, धनु के लिए गुलाबी, कुंभ के लिए सिल्वर और मीन राशि के लिए नारंगी रंग शुभ है। चंद्र ग्रहण 3 मार्च को समाप्त हो गया और होली पर ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं है। होली खेलने से पहले घर के बड़ों के चरणों में रंग लगाना चाहिए।

चंद्रग्रहण में किस तरह के नियमों का पालन करना होगा? ग्रहण का होली पर पड़ेगा असर

02 मार्च 2026

3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा। ग्रहण दोपहर 4:35 पर शुरू होगा और शाम 5:33 पर समाप्त होगा। ग्रहण का सूतक काल सवेरे 9:38 से शाम 6:46 तक रहेगा। इस दौरान भोजन करने, विश्राम करने और भौतिक कार्य करने की मनाही है। गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। होलिका दहन 3 मार्च को शाम 6:46 के बाद करना उचित होगा जब ग्रहण और भद्रा दोनों समाप्त हो जाएंगे। रंग वाली होली 4 मार्च को खेली जाएगी। ग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी या दूध का दान करना शुभ रहेगा। कार्यक्रम में 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया।

ईर्ष्या से मानसिक समस्या और अपयश, चंद्रमा-बुध की स्थिति बताती है जलन का कारण

01 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत Connection में एंकर शैलेंद्र पांडे ने ईर्ष्या की समस्या पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि चंद्रमा मन का स्वामी है और बुध बुद्धि का, इनकी स्थिति ईर्ष्या के बारे में बताती है. चंद्रमा अगर दूषित है तो ईर्ष्या का जन्म होता है. शैलेंद्र पांडे ने कहा कि ईर्ष्या लगातार करने से चंद्रमा और भी खराब होगा और मानसिक समस्याएं परेशान करेंगी. बुध कमजोर होने से सद्बुद्धि नहीं रहेगी. उन्होंने बताया कि ईर्ष्या करने वाले 90% लोग जीवन में अपयश के शिकार होते हैं और बदनामी मिलती है. ईर्ष्या दूर करने के उपाय में उन्होंने रोज स्नान, शिव उपासना, नमः शिवाय का जप, तुलसी की माला धारण करने की सलाह दी. कार्यक्रम में 2 मार्च 2026 का पंचांग और 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया.

शनि देव को प्रसन्न करने के मंत्र और उपाय, पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानिए 1 मार्च 2026 का राशिफल

01 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम 'किस्मत कनेक्शन' में एंकर शैलेन्द्र पांडेय ने बताया कि शनि की पीड़ा से बचने के लिए मंत्र जप सबसे प्रभावशाली उपाय है। शनि देव को प्रसन्न करने के तीन तरीके हैं - आचरण सुधार, रत्न धारण और मंत्र जप। मंत्र जप करते समय पश्चिम या पूर्व दिशा की ओर मुख करके संध्या काल या मध्य रात्रि में रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से जप करना चाहिए। सबसे सरल मंत्र है 'ओम शं शनैश्चराय नमः' जिसका रोज शाम को 108 बार जप करना चाहिए। शनि की महादशा में 'ओम प्रां प्रिम प्रों सह शनैश्चराय नमः' और साढ़ेसाती या ढैया में विशेष मंत्र का जप लाभकारी है। कार्यक्रम में 1 March 2026 का पंचांग, 12 राशियों का दैनिक राशिफल और Lucky Tip भी बताई गई।

चमत्कारी रत्न ओपल, पेरीडॉट और लाजवर्त की विशेषताएं, शैलेंद्र पांडेय से जानिए 28 फरवरी का राशिफल

27 फरवरी 2026

किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में शैलेंद्र पांडे ने तीन चमत्कारी रत्नों की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी. पहला रत्न ओपल है जो चंद्रमा, शुक्र और बृहस्पति तीन ग्रहों को एक साथ प्रभावित करता है. ओपल कुंडली के जल तत्व को सीधा प्रभावित करता है और भावनाओं को संतुलित करने में सहायक होता है. कर्क राशि वालों के लिए यह अत्यंत लाभकारी बताया गया. दूसरा रत्न पेरीडॉट है जो हरे रंग का होता है और बृहस्पति तथा बुध दोनों ग्रहों को नियंत्रित करता है. यह ज्ञान और बुद्धि के लिए शक्तिशाली माना जाता है और मिथुन या कन्या राशि वालों के लिए विशेष लाभकारी है. तीसरा रत्न लाजवर्त है जो नीले रंग का होता है और बृहस्पति तथा शनि को नियंत्रित करता है. कुंभ राशि वालों के लिए यह प्रभावशाली बताया गया. कार्यक्रम में 28 फरवरी 2026 का पंचांग और सभी बारह राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया.

बृहस्पति नौकरी में स्थिरता देता है, केले की जड़ में जल डालने से मिलेगा लाभ

26 फरवरी 2026

27 फरवरी 2025 की पंचांग जानकारी के साथ बृहस्पति ग्रह के विशेष प्रभावों की चर्चा की गई. बताया गया कि 'बृहस्पति वित्त, फाइनेंस, कानून, लॉ और सलाहकारिता कंसल्टेंसी से संबंध रखता है' और नौकरी में स्थिरता के लिए जिम्मेदार है. अगर बृहस्पति कमजोर है तो कम वेतन की नौकरी मिलती है और बार-बार मुश्किलें आती हैं. उपाय के रूप में बृहस्पतिवार को केले की जड़ में जल डालने, चने की दाल और केले का दान करने की सलाह दी गई. विवाह के मामलों में भी बृहस्पति की भूमिका बताई गई, जहां स्त्रियों के लिए विष्णु सहस्त्रनाम पाठ और पुरुषों के लिए शिव उपासना का सुझाव दिया गया. धन, स्वास्थ्य और धार्मिकता पर बृहस्पति के प्रभाव के साथ सभी बारह राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया.

ग्रहों की बाधा दूर करने के विशेष स्नान उपाय, पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानिए समाधान

25 फरवरी 2026

किस्मत कनेक्शन में ग्रहों की बाधा से बचने के विशेष स्नान उपायों की जानकारी दी गई। अगर नियमित स्नान नहीं करते हैं तो चंद्रमा और शुक्र कमजोर होते हैं और इसका बुरा प्रभाव मानसिक स्थिति पर पड़ता है। विभिन्न ग्रहों के लिए अलग-अलग उपाय बताए गए। सूर्य को मजबूत करने के लिए जल में केसर, लाल फूल या लाल चंदन डालकर स्नान करें। चंद्रमा के लिए सुगंधित फूल या सफेद चंदन, मंगल के लिए बेल की छाल या लाल चंदन या गुड़, बुध के लिए गोरोचन, सौंफ या जायफल, बृहस्पति के लिए हल्दी, केसर या शहद, शुक्र के लिए इलायची या गुलाब जल या सफेद फूल जल में डालना चाहिए। शनि की समस्याओं से राहत के लिए काला तिल, सुरमा या लोबान, राहु के लिए गोमूत्र, कस्तूरी या संगमरमर का टुकड़ा और केतु के लिए केवड़ा जल, खस या सफेद चंदन का पाउडर जल में डालकर स्नान करना चाहिए।