भाद्रपद शुक्ल पक्ष की परिवर्तनी एकादशी के महत्व, पूजा विधान और विशेष ज्योतिषीय उपायों की जानकारी साझा की गई है. इसे पद्मा एकादशी और जयंती एकादशी भी कहा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु के वामन स्वरूप और भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विधान है. संतान सुख और आर्थिक समस्याओं के निवारण के लिए विशेष मंत्र जप और पूजा के प्रयोग बताए गए हैं. इसके साथ ही मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया है, जिसमें स्वास्थ्य, करियर और पारिवारिक स्थिति के अनुसार आवश्यक दान और सावधानियों का उल्लेख है. कार्यक्रम में भाग्य वृद्धि के लिए पूजा स्थान पर घी या तिल के तेल का दीपक जलाने का सुझाव और सफलता के लिए हनुमान चालीसा पाठ का मंत्र भी साझा किया गया.
कुंडली में विभिन्न ग्रहों की अशुभ दशाओं के प्रभाव और उनके निवारण के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई है. सूर्य की अशुभ दशा में नेत्र व हृदय रोग और अपयश का खतरा रहता है, जिससे बचाव के लिए नियमित जल अर्पित करने और सूर्य मंत्र का जप करने की सलाह दी गई है. चंद्र की बुरी दशा में मानसिक समस्याओं और दुर्घटनाओं से बचने के लिए भगवान शिव की पूजा और पूर्णिमा को चंद्रमा की उपासना का विधान बताया गया. मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु-केतु की अशुभ दशाओं में दान, मंत्र जप और विशिष्ट देवी-देवताओं की पूजा से दुष्प्रभावों को कम करने के उपाय साझा किए गए हैं. इसके साथ ही मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, पंचांग, लकी टिप और सफलता मंत्र की जानकारी भी दी गई है.
किस्मत कनेक्शन के इस अंक में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने भगवान गणेश की पूजा में दूर्वा यानी दूब के धार्मिक और औषधीय महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि दूर्वा की उत्पत्ति भगवान विष्णु के रोम से मानी जाती है और समुद्र मंथन के बाद अमृत कलश को सबसे पहले इसी पर रखा गया था. शैलेंद्र पांडे ने कहा कि नियमित रूप से भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करने या 21 दिनों तक दूर्वा चढ़ाने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं और धन-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही बुध ग्रह के दोष भी शांत होते हैं. दूब के वैज्ञानिक गुणों पर बात करते हुए उन्होंने इसे 'हरा रक्त' बताया जो शरीर को विषमुक्त करने और एनीमिया जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक है. कार्यक्रम में 20 सितंबर 2026 का पंचांग, 12 राशियों का दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में 19 सितंबर 2026 के पंचांग और मंगल के राशि परिवर्तन पर विस्तार से चर्चा की गई. मंगल मिथुन राशि से निकलकर 18 सितंबर को कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 12 नवंबर तक इसी कमजोर स्थिति में बने रहेंगे. इस दौरान कर्क, वृश्चिक और मीन जैसी जल राशियां प्रभावित रहेंगी, जिससे प्राकृतिक आपदाओं और वैश्विक तनाव की संभावना जताई गई है. यह गोचर वृषभ, कन्या, तुला और कुंभ राशि के लिए अनुकूल रहेगा, जबकि मेष, सिंह और धनु राशि के लिए सबसे अधिक नकारात्मक प्रभाव ला सकता है. प्रतिकूल प्रभाव से बचाव के लिए सूर्य देव को जल अर्पित करने, कार्तिकेय स्तोत्र का पाठ करने, लाल रंग की वस्तुओं से परहेज करने और नियमित रूप से गुड़ का दान करने की सलाह दी गई है. साथ ही कर्ज मुक्ति के लिए शिवलिंग पर गुड़ मिश्रित जल चढ़ाने का उपाय भी बताया गया.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने विचारों की शक्ति और उसके जीवन पर प्रभाव के बारे में बताया. सकारात्मक सोच, सही मानसिक नियंत्रण और शुभ आचरण किस तरह जीवन को बेहतर दिशा दे सकते हैं, जानिए उनकी खास बातें. साथ ही मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और दिन को बेहतर बनाने के ज्योतिषीय उपाय भी जानें.
17 सितंबर को सूर्यदेव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कन्या संक्रांति कहा जाता है. सूर्य के इस गोचर का प्रभाव अगले एक महीने तक सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा. जानिए करियर, स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर इसके संभावित प्रभाव और नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए बताए गए ज्योतिषीय उपाय. रोज सुबह सूर्यदेव को सादा जल अर्पित करना, सूर्य मंत्रों का जाप और संक्रांति के दिन अन्न-वस्त्र का दान करने की मान्यता बताई गई है. साथ ही जानिए सभी 12 राशियों का राशिफल.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने शकुन और अपशकुन के महत्व, लक्षणों और जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने बताया कि जीवन में अचानक घटने वाली घटनाओं के शुभ और नकारात्मक संकेत ही शकुन और अपशकुन कहलाते हैं, जिनका उल्लेख रामायण और महाभारत में भी मिलता है. कार्यक्रम में 16 सितंबर 2026 के पंचांग, ग्रहों की स्थिति और मेष से लेकर मीन राशि तक के 12 राशियों के दैनिक राशिफल पर चर्चा की गई. यात्रा के समय शव या मछली दिखना, आईना टूटना या खाली बर्तन दिखने जैसे संकेतों के अर्थ समझाए गए. इसके साथ ही दिन को सफल बनाने के लिए लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं के माध्यम से वास्तु दोष दूर करने के नियम समझाए. उन्होंने बताया कि घर के मुख्य द्वार पर अंदर की तरफ गणेश जी की प्रतिमा लगाना शुभ होता है, जबकि पूजा स्थान पर एक साथ तीन मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए. बाईं तरफ सूंड वाली और पीले रंग की मूर्ति को सर्वोत्तम माना गया है. इसके अलावा मेटल की प्रतिमा लिविंग एरिया में, सफेद गणपति धन स्थान पर और हरे रंग के गणपति अध्ययन कक्ष में रखने की सलाह दी गई है. कार्यक्रम में 12 राशियों का दैनिक राशिफल और कर्ज मुक्ति के उपाय भी बताए गए.
ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने गणेश चतुर्थी और गणेश महोत्सव के महत्व, पूजा विधि और 12 राशियों के दैनिक राशिफल के बारे में विस्तार से बताया है. उन्होंने बताया कि गणेश चतुर्थी का पर्व मुख्य रूप से भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है, जो 14 सितंबर से आरंभ होकर 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक चलेगा. गणपति की स्थापना दोपहर 11:01 से 01:30 के बीच करना शुभ होगा. पूजा के दौरान पीले या रक्त वर्ण की मध्यम आकार की मूर्ति स्थापित करने, दूर्वा और उम्र के बराबर लड्डू का भोग लगाने की सलाह दी गई है. गणेश जी की पूजा में तुलसी दल न चढ़ाने और चतुर्थी के चंद्रमा को सीधे न देखने की चेतावनी दी गई है. साथ ही, सभी 12 राशियों के लिए दिन को बेहतर बनाने के ज्योतिषीय उपाय भी साझा किए गए हैं.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने शनि की साढ़ेसाती और ढैया के प्रभाव व 12 राशियों के दैनिक राशिफल पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 13 सितंबर 2026 को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि और हस्त नक्षत्र है. शैलेंद्र पांडे के अनुसार, शनि जब किसी राशि से 12वें, उसी राशि में या दूसरे स्थान पर भ्रमण करते हैं तो साढ़े सात साल की साढ़ेसाती लगती है. वहीं राशि से चौथे या आठवें भाव में होने पर ढाई साल की ढैया लगती है. इस समय कुंभ, मीन और मेष राशि पर साढ़ेसाती तथा सिंह और धनु राशि पर ढैया चल रही है. शैलेंद्र पांडे ने कहा कि साढ़ेसाती हमेशा नुकसान नहीं करती; यदि कुंडली में शनि और दशा अनुकूल हों तो व्यक्ति करियर में बड़ी तरक्की और उच्च पद हासिल करता है. इसके साथ ही उन्होंने सभी राशियों का राशिफल और शनि शांति के उपाय बताए.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में डायबिटीज यानी मधुमेह के ज्योतिषीय कारणों और उससे बचाव के उपायों पर चर्चा की गई. ज्योतिष के अनुसार शरीर में इंसुलिन की कमी और ग्लूकोज के न पचने से डायबिटीज की शुरुआत होती है. शुक्र और चंद्रमा जल तत्व और रसायन के कारक हैं, जबकि बृहस्पति पाचन तंत्र के स्वामी हैं. इन तीनों ग्रहों में से किसी के कमजोर होने पर डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है. इसके अलावा हथेलियों का रंग काला होना, शुक्र पर्वत पर रेखाओं का जाल होना या घर में सूर्य के प्रकाश की कमी भी इसके लक्षणों व कारणों में शामिल हैं. डायबिटीज से बचाव के लिए रोज सुबह उगते सूर्य को जल चढ़ाने, दोपहर के भोजन में दही शामिल करने, चांदी का छल्ला पहनने और धनुरासन व पश्चिमोत्तानासन करने की सलाह दी गई. साथ ही 12 राशियों का दैनिक राशिफल और लकी टिप भी साझा किया गया.