किस्मत कनेक्शन के इस विशेष कार्यक्रम में भगवान विष्णु के स्वरूप शालिग्राम के धार्मिक महत्व, पौराणिक कथा और विधिवत पूजन पर प्रकाश डाला गया है. कार्यक्रम में बताया गया कि सती वृंदा के श्राप के कारण भगवान विष्णु शिला के रूप में परिवर्तित हुए, जिन्हें शालिग्राम कहा जाता है. शालिग्राम नेपाल की गंडकी नदी के तल में मिलने वाला एक विशिष्ट गोल काला पत्थर है, जिस पर शंख, चक्र, गदा या पद्म की आकृतियां पाई जाती हैं. श्रीमद् देवी भागवत के अनुसार कार्तिक माह में शालिग्राम पर तुलसी दल अर्पित करने से दस हजार गायों के दान के समान पुण्य मिलता है. इसके साथ ही शिवलिंग और शालिग्राम को साथ रखने के नियम स्पष्ट किए गए हैं. कार्यक्रम में 27 अक्टूबर 2026 का पंचांग, ग्रहों की गोचर स्थिति, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, लकी टिप और सफलता मंत्र साझा किया गया है.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडे ने कार्तिक मास के धार्मिक व आयुर्वेदिक नियमों पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि कार्तिक का महीना कृत्तिका नक्षत्र से संबंधित है और यह चातुर्मास का अंतिम मास होता है. इस महीने में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए तुलसी पूजन तथा दीपदान करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है. आयुर्वेद के अनुसार इस दौरान दाल खाने और दोपहर में सोने से बचने की सलाह दी गई है, जबकि मेवे, दूध, घी और स्निग्ध खाद्य पदार्थों का सेवन व सूर्य स्नान उत्तम माना गया है. कार्यक्रम में 26 अक्टूबर 2026 के पंचांग के साथ मेष से लेकर मीन राशि तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और उपाय भी बताए गए.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडे ने शरद पूर्णिमा के महत्व और विशेष उपायों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि शरद पूर्णिमा साल की सबसे बड़ी पूर्णिमा मानी जाती है और इस दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से युक्त होकर अमृत वर्षा करता है. उन्होंने कहा, 'शरद पूर्णिमा पर अगर आप विशेष प्रयोग करें, तो बेहतरीन स्वास्थ्य, अपार प्रेम और बहुत सारा धन पा सकते हैं.' कार्यक्रम में उत्तम स्वास्थ्य के लिए रात में गाय के दूध से बनी खीर को चंद्रमा की रोशनी में रखने और सुबह सूर्योदय से पहले ग्रहण करने का विधान बताया गया. इसके अलावा आर्थिक संपन्नता के लिए मध्यरात्रि में माता लक्ष्मी के समक्ष दीपक जलाकर इंद्रकृत लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ करने और प्रेम के लिए भगवान कृष्ण की पूजा में मधुराष्टक का पाठ करने की सलाह दी गई. साथ ही कार्यक्रम में सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडे ने घर में इस्तेमाल होने वाली सामान्य चीजों और उनके नियमों पर प्रकाश डाला है. उन्होंने बताया कि घर की छोटी चीजें संपन्नता और समृद्धि लाती हैं, लेकिन इनका गलत प्रयोग मुश्किलें बढ़ा सकता है. झाड़ू का संबंध घर की आर्थिक स्थिति से है; इसे छुपाकर रखना चाहिए और सूर्यास्त के समय झाड़ू लगाने से बचना चाहिए. कैंची का असर आपसी रिश्तों पर पड़ता है, इसलिए इसे कपड़े या कागज में लपेटकर रखें और बिना वजह हवा में न चलाएं. इसके अलावा, रसोई में चाकू को हमेशा धार वाला हिस्सा नीचे और हैंडल ऊपर करके रखना चाहिए. कार्यक्रम में फटे या धार्मिक प्रतीकों वाले पायदान के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई और 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया.
ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडे के अनुसार व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता का ज्योतिष और ग्रहों से सीधा संबंध होता है. कुंडली में पंचम, नवम और एकादश भाव से निर्णय क्षमता देखी जाती है. चंद्रमा मन का कारक होने के कारण निर्णयों में अहम भूमिका निभाता है, जबकि हस्तरेखा में अंगूठा निर्णय लेने की प्रवृत्ति दर्शाता है. सूर्य प्रधान लोग तुरंत और सटीक निर्णय लेते हैं, वहीं चंद्रमा प्रधान जातक भावनाओं में बहकर गलत फैसले ले बैठते हैं. मंगल प्रधान लोग जल्दबाजी और जोश में निर्णय करते हैं, जबकि बुध प्रधान अक्सर दुविधा में रहते हैं. इसके विपरीत बृहस्पति, शुक्र और शनि प्रधान जातकों के निर्णय अधिक संतुलित और बेहतर होते हैं. पंचम भाव कमजोर होने पर व्यक्ति गलत निर्णयों से असफलता पाता है. निर्णय क्षमता सुधारने के लिए उगते सूर्य को अर्घ्य देने, एकादशी या पूर्णिमा व्रत रखने, नमः शिवाय या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जप करने तथा गायत्री मंत्र का पाठ करने की सलाह दी गई है.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य शैलेन्द्र पांडे ने पापांकुशा एकादशी के विशेष धार्मिक महत्व और उसके सटीक पूजा विधान पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि आश्विन शुक्ल पक्ष की इस एकादशी पर भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप की उपासना की जाती है. इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के मन की शुद्धि होती है, पापों का प्रायश्चित होता है तथा परिजनों और मित्रों की पीढ़ियों को भी पापों से मुक्ति मिलती है. कार्यक्रम में पंचांग की जानकारी और ग्रह स्थिति के विश्लेषण के साथ सभी 12 राशियों—मेष से लेकर मीन तक—का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया. इसके अतिरिक्त विवाह कार्यों की सफलता के लिए एक विशेष लकी टिप और दिन भर के कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला भगवान विष्णु का सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
ज्योतिष शास्त्र में अक्सर पितृ दोष और कालसर्प दोष को लेकर डर का माहौल बना दिया जाता है. जीवन में आने वाली हर रुकावट, विवाह में देरी, स्वास्थ्य समस्याएं और दुर्घटनाओं को अक्सर पितृ दोष से जोड़ दिया जाता है. हालांकि प्रामाणिक ज्योतिषीय ग्रंथों के अनुसार पितृ दोष जैसा कुछ नहीं होता, बल्कि यह कुंडली में राहु की विभिन्न नकारात्मक स्थितियों का परिणाम होता है. राहु की प्रतिकूल स्थिति के कारण पूर्वजन्म के कर्मों का प्रभाव दिखाई देता है. इससे घबराने की जगह राहु के सरल उपाय किए जा सकते हैं. अमावस्या के दिन निर्धन व्यक्तियों को भोजन कराना या अन्न दान करना लाभदायक माना जाता है. इसके अतिरिक्त सार्वजनिक स्थानों पर पीपल के पौधे लगाना, ग्रहण के बाद दान करना, प्रतिदिन श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का पाठ करना और जीवन में कर्मों की शुद्धता बनाए रखना इन नकारात्मक प्रभावों को शांत करने में सहायक होता है.
दशहरा और विजयादशमी के पावन पर्व पर माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम की विधिवत पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन शारदीय नवरात्रि का समापन होता है और कलश विसर्जन के साथ ही शस्त्रों की पूजा की जाती है. मान्यता है कि दशहरे के दिन महिषासुर मर्दिनी और श्रीराम की आराधना करने से जीवन की समस्त बाधाएं समाप्त होती हैं और विजय की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही दशहरे के दिन घर के मुख्य द्वार पर शमी का पौधा लगाने और उसकी नियमित पूजा करने से सुख-समृद्धि बनी रहती है. कार्यक्रम में सभी 12 राशियों के दैनिक राशिफल के साथ दिन को शुभ बनाने के दान संबंधी उपाय भी साझा किए गए हैं. व्यापारी वर्ग के लिए दशहरे पर नए कार्य की शुरुआत और बहीखाता बदलने की परंपरा का भी उल्लेख किया गया है.
नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर बने संशय को स्पष्ट किया गया है. 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट पर अष्टमी तिथि शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद तुरंत नवमी तिथि आरंभ हो जाएगी. सप्तमी युक्त अष्टमी होने के कारण दोनों तिथियों का पालन 19 अक्टूबर को ही किया जाएगा. सुबह 10 बजकर 51 मिनट से पहले अष्टमी की पूजा और इसके बाद नवमी की पूजा करने का विधान है. अष्टमी पर मां महागौरी की पूजा से विवाह बाधाएं दूर होती हैं, जबकि नवमी पर मां सिद्धिदात्री की उपासना व हवन से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. अष्टमी और नवमी एक ही दिन होने से व्रत का पारण दशमी तिथि पर होगा.
किस्मत कनेक्शन के इस विशेष एपिसोड में ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने नवरात्रि के दौरान धन प्राप्ति, आर्थिक स्थिरता और कर्ज मुक्ति के अचूक उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि संसार का संपूर्ण धन, संपत्ति और ऐश्वर्य देवी के अधीन है और मां दुर्गा, मां लक्ष्मी, मां अन्नपूर्णा तथा मां ललिता की साधना से विभिन्न फल प्राप्त होते हैं. कार्यक्रम में 18 अक्टूबर 2026 के पंचांग का विवरण दिया गया और मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के लिए दैनिक राशिफल के साथ उनके जरूरी उपाय भी बताए गए. इसके साथ ही कठोर परिश्रम के बावजूद धन न मिलने, आमदनी के बाद बचत न होने, व्यापार में रुकावट आने तथा भारी कर्ज से छुटकारा पाने के लिए मंत्र जप, हवन और विशेष पूजन विधियों का उल्लेख किया गया है.
Kismat Connection | सूर्यदेव 17 अक्टूबर को तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां सूर्य की स्थिति को कमजोर माना जाता है. इस गोचर के दौरान सूर्य बुध और शुक्र के साथ युति करेंगे, जबकि अष्टम भाव में चंद्रमा की उपस्थिति और मंगल की दृष्टि रहेगी. यह खगोलीय स्थिति दुनिया भर में उथल-पुथल और उपद्रव के संकेत दे रही है, जिसका असर अगले चार महीनों तक देखने को मिल सकता है. यह गोचर वृषभ, सिंह, धनु और मकर राशि वालों के लिए अनुकूल रहेगा, जबकि कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी. गोचर के नकारात्मक प्रभावों से बचाव के लिए प्रतिदिन सूर्यदेव को जल अर्पित करने, सूर्याष्टक का पाठ करने और रविवार के दिन नमक व तेल के त्याग की सलाह दी गई है. साथ ही हनुमान जी के दर्शन और संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान व दान को शुभ माना गया है.