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किस्मत कनेक्शन

कुंडली में कमजोर चंद्रमा से बढ़ सकता है मानसिक तनाव

05 अक्टूबर 2026

किस्मत कनेक्शन के इस खास कार्यक्रम में चंद्रमा से जुड़ी समस्याओं और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताया गया. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है. कार्यक्रम में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए ‘नमः शिवाय’ का जप, सुगंधित या गुलाब जल से स्नान और पूर्णिमा का उपवास जैसे उपाय बताए गए. साथ ही मोती और चांदी धारण करने से जुड़ी सावधानियों पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा 6 अक्टूबर 2026 का पंचांग, 12 राशियों का दैनिक राशिफल और अनजाने में हुई गलतियों के प्रायश्चित के उपाय भी बताए गए.

किस्मत कनेक्शन: आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ के नियम, सरकारी नौकरी में लाभ और 12 राशियों का राशिफल

04 अक्टूबर 2026

किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने सूर्य देव की चमत्कारी स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र के महत्व और नियमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह स्तोत्र वाल्मीकि रामायण के युद्ध कांड का 105वां सर्ग है, जिसे अगस्त्य ऋषि ने भगवान राम को युद्ध में विजय दिलाने के लिए सुनाया था. जीवन में बड़ी समस्याओं, मुकदमों, सरकारी बाधाओं और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के निवारण के लिए इसका पाठ अत्यंत लाभकारी माना जाता है. प्रशासनिक सेवा और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए भी यह पाठ फलदायी है. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि रोज प्रातः सूर्योदय या रविवार को उषा काल में सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इसका पाठ करना चाहिए और रविवार को नमक के सेवन से परहेज रखना चाहिए. इसके अलावा कार्यक्रम में 5 अक्टूबर 2026 का पंचांग, ग्रहों की स्थिति, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, एक लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.

सही नियम से आरती कैसे करें जिससे पूजा की समाप्ति पर लाभ मिले?

03 अक्टूबर 2026

किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने आरती के महत्व और सही नियमों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि स्कंद पुराण में आरती का विशेष उल्लेख मिलता है और किसी भी पूजा-पाठ या अनुष्ठान की समाप्ति पर ही आरती की जानी चाहिए. आरती केवल ज्योति घुमाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाव और श्रद्धा से स्तुति गाना सबसे अधिक प्रभावशाली होता है. पंचमुखी दीपक या कपूर से आरती करते समय थाल को 'ॐ' की आकृति में घुमाना चाहिए, जिसमें भगवान के चरणों में चार बार, नाभि में दो बार, मुख पर एक बार और पूरे शरीर पर सात बार घुमाने का विधान है. शैलेंद्र पांडे ने स्पष्ट किया कि आरती लेने के बाद कम से कम पांच मिनट तक जल का स्पर्श नहीं करना चाहिए और थाल में दक्षिणा नहीं डालनी चाहिए। इसके साथ ही कार्यक्रम में 4 अक्टूबर 2026 का पंचांग, ग्रहों की स्थिति, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.

किस्मत कनेक्शन: घर की अलमारियों का ग्रहों से संबंध, जानें सही रखरखाव और 12 राशियों का राशिफल

02 अक्टूबर 2026

किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने घर की विभिन्न अलमारियों के रख-रखाव और ग्रहों से उनके संबंध पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कपड़ों की अलमारी शुक्र ग्रह से जुड़ी है, जिसे व्यवस्थित रखने से जीवन में समृद्धि आती है. रसोई की अलमारी का संबंध सूर्य से है, जिसे स्वच्छ रखने पर घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. धन और आभूषण की अलमारी बृहस्पति से संबंधित है, जिसे घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना और उत्तर या पूर्व की ओर खोलना शुभ माना जाता है. दक्षिण दिशा में खुलने से धन बीमारियों में नष्ट हो सकता है. किताबों की अलमारी बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है और इसका उचित रख-रखाव बुद्धि तथा याददाश्त बढ़ाता है. इसके अलावा उन्होंने 12 राशियों का दैनिक राशिफल और संपत्ति विवाद सुलझाने के विशेष उपाय भी बताए.

किस्मत कनेक्शन: बृहस्पति कमजोर हो या वैवाहिक जीवन खराब, रखें बृहस्पतिवार व्रत

01 अक्टूबर 2026

ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने बताया कि बृहस्पतिवार का व्रत रखने से मुख्यतः भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की कृपा मिलती है. उन्होंने कहा कि जिनकी कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो, जिनका विवाह नहीं हो पा रहा हो या वैवाहिक जीवन खराब हो, उन्हें यह व्रत जरूर रखना चाहिए. इसके अलावा संतान संबंधी समस्या या पेट और मोटापे की दिक्कत होने पर भी यह व्रत लाभकारी होता है. शैलेंद्र पांडे ने स्पष्ट किया कि 'बृहस्पतिवार का व्रत रखने से हर बालिका का विवाह जल्दी नहीं होता.' केवल वही कन्याएं जिनका विवाह बृहस्पति की कमजोरी या दोष के कारण बाधित है, उन्हें इस व्रत से लाभ मिलता है. व्रत के नियमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सुबह स्नान के बाद जल में हल्दी मिलाकर सूर्य देव और केले के पौधे में अर्पित करें. दिन में केवल जल और फल का सेवन करना चाहिए और भोजन में नमक नहीं लेना चाहिए.

आहार और विचार का संबंध, जानिए सात्विक भोजन के लाभ और 12 राशियों का राशिफल

30 सितंबर 2026

किस्मत कनेक्शन के इस विशेष एपिसोड में खानपान और विचारों के गहरे संबंध पर प्रकाश डाला गया है. कार्यक्रम में बताया गया कि भोजन का सीधा असर मानव मस्तिष्क, स्वभाव और सोच पर पड़ता है. अन्नमय कोष की शुद्धि के बिना मानसिक शुद्धि संभव नहीं होती है. तामसिक और सात्विक आहार के अंतर को स्पष्ट करते हुए प्याज, लहसुन, मशरूम, बासी भोजन और मांसाहार को तामसिक बताया गया, जबकि अनाज, दालें, फल, दूध और मेवों को सात्विक श्रेणी में रखा गया. स्वभाव के अनुसार खानपान के बदलाव के सुझाव भी दिए गए, जैसे अधिक क्रोध आने पर तामसिक भोजन से परहेज और भावुकता अधिक होने पर मीठी चीजें व ताजी रोटी खाने की सलाह दी गई. इसके साथ ही मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के दैनिक भविष्यफल, सरल ज्योतिषीय उपाय और पंचांग की विस्तृत जानकारी भी साझा की गई.

कौन से ग्रह ले जाते हैं विदेश? विदेश में बसने के योग भी जानें

29 सितंबर 2026

किस्मत कनेक्शन के इस अंक में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने विदेश यात्रा और विदेश में स्थायी रूप से बसने से जुड़े ज्योतिषीय योगों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुंडली के पंचम, नवम, अष्टम और द्वादश भाव विदेश यात्रा से जुड़े होते हैं. राहु, शनि और मंगल ग्रह विदेश जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि शनि की साढ़ेसाती या ढैया के दौरान भी विदेश यात्रा के अवसर बनते हैं. शैलेंद्र पांडे ने कहा, 'कुंडली में अगर पाप ग्रहों का प्रभाव हो, कुंडली का बारहवाँ, आठवाँ या चौथा भाव अगर पीड़ित हो, तो व्यक्ति विदेश जाता है और उसके विदेश में बसने की संभावना बहुत होती है.' इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मजबूत चंद्रमा या शुक्र व्यक्ति को मातृभूमि से दूर नहीं जाने देते. कार्यक्रम में विदेश यात्रा की बाधाओं को दूर करने और विदेश में बसने के लिए शनि मंत्र के जप और हल्दी से जुड़े विशेष उपाय साझा किए गए.

धोखे का ग्रह चक्र: प्रेम, व्यापार और दोस्ती में कब मिलता है धोखा?

28 सितंबर 2026

किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों जैसे प्रेम, विवाह, व्यापार और दोस्ती में मिलने वाले धोखे और उससे बचाव के ज्योतिषीय उपायों की चर्चा की. उन्होंने बताया कि धोखा देने और भरोसा टूटने में चंद्रमा, बुध, शनि और राहु मुख्य भूमिका निभाते हैं. जल तत्व की राशियां कर्क, वृश्चिक और मीन सबसे अधिक धोखे की शिकार होती हैं, जबकि पृथ्वी तत्व की राशियां चालाकी का इस्तेमाल करती हैं. व्यापार में धोखे के लिए कुंडली का सप्तम और आठवां भाव तथा कमजोर बुध जिम्मेदार होता है. प्रेम और विवाह में पुरुष का शुक्र और महिला का बृहस्पति खराब होने पर धोखा मिल सकता है. दोस्ती में बार-बार धोखा मिलने पर सूर्य देव को जल अर्पित करने, मध्यमा अंगुली में लोहे का छल्ला पहनने या गार्नेट लॉकेट धारण करने की सलाह दी गई. साथ ही सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और उपाय भी बताए गए.

गरुड़ पुराण में बताए नरक का सच, क्या ये यातनाएं प्रतीकात्मक हैं?

27 सितंबर 2026

किस्मत कनेक्शन के इस विशेष अंक में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने गरुड़ पुराण के गूढ़ रहस्यों और इसके महत्व पर विस्तृत चर्चा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गरुड़ पुराण में वर्णित नरक की यातनाएं प्रतीकात्मक हैं, जो वास्तव में मन की अवस्थाओं और कर्मफलों की मानसिक पीड़ा को दर्शाती हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि गरुड़ पुराण केवल किसी की मृत्यु के समय ही नहीं, बल्कि अमावस्या अथवा पितृपक्ष में पूर्वजों की शांति और आत्मज्ञान के लिए भी पढ़ा जा सकता है। इसके साथ ही तुलसी, कुश, जल और दूध के दान तथा गुरु कृपा से मुक्ति की प्राप्ति का उल्लेख किया गया। इसके अतिरिक्त 28 सितंबर 2026 का पंचांग, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, एक लकी टिप और दिन की सफलता के लिए शिव मंत्र के जाप का विधान भी साझा किया गया।

पितरों की शांति के लिए क्या करें? पितृपक्ष में जल से कुश तक जानें खास उपाय

26 सितंबर 2026

किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए पांच चमत्कारी वस्तुओं के महत्व और उनके प्रयोग के नियम बताए. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि पितरों को जल अर्पित करने और सूर्योदय से पहले पीपल में जल डालने से तृप्ति मिलती है, जबकि जल की बर्बादी से पूजा निष्फल हो जाती है. उन्होंने कहा कि श्राद्ध में पहली आहुति अग्नि में दी जाती है और उड़द की दाल का संबंध शनि व राहु से होने के कारण इसका विशेष महत्व है. उन्होंने स्पष्ट किया कि काले तिल और कुश घास के बिना तर्पण अधूरा रहता है. कुश से अभिषेक करने से बाधाएं समाप्त होती हैं और पितरों को मुक्ति मिलती है. इसके साथ ही उन्होंने मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया और नया मकान बनवाने के लिए तांबे के सिक्के से जुड़ा विशेष उपाय भी साझा किया.

Pitru Paksha: पुरुष न हो तो कौन कर सकता है श्राद्ध? जानिए जरूरी नियम

25 सितंबर 2026

पितृपक्ष का आरंभ 26 सितंबर से हो रहा है, जो 10 अक्टूबर यानी पितृ विसर्जन अमावस्या तक रहेगा. इस अवधि में परिवार के दिवंगत पूर्वजों को याद कर उनके सम्मान में दान और धर्म का पालन किया जाता है. पितृपक्ष के दौरान दोपहर के समय दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल में काला तिल और हाथ में कुश लेकर पितरों को तर्पण देने का विधान है. घर का वरिष्ठ पुरुष या अन्य पुरुष सदस्य तर्पण और श्राद्ध कर सकते हैं, जबकि पुरुष सदस्य न होने पर स्त्रियां भी यह कार्य कर सकती हैं. पितृपक्ष में सात्विक आहार ग्रहण करने और प्याज, लहसुन, मांस व मदिरा से परहेज करने की सलाह दी जाती है. साथ ही पितरों की आत्मा की शांति के लिए भगवद गीता का नियमित पाठ करने का महत्व बताया गया है. यदि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से असमर्थ है, तो वह श्राद्ध तिथि पर स्नान के बाद सूर्य देव और पितरों को जल अर्पित कर गाय को हरा चारा खिलाकर भी श्राद्ध कर्म पूरा कर सकता है.