नवरात्रि के पावन अवसर पर सिद्ध कुंजिका स्तोत्र के पाठ का विशेष महत्व रेखांकित किया गया है. यह स्तोत्र श्री रुद्रयामल के गौरी तंत्र में शिव-पार्वती संवाद के रूप में वर्णित है. दुर्गा सप्तशती का पाठ कठिन होने और उसमें त्रुटि की संभावना के कारण सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ अधिक सरल और प्रभावशाली माना जाता है. इसके स्वतः सिद्ध मंत्रों के नियमित पाठ से दुर्गा सप्तशती के संपूर्ण पाठ का फल प्राप्त होता है. इसके जप से वाणी और मन की शक्ति बढ़ती है, आलस्य दूर होता है तथा शनि, राहु और केतु जैसे पाप ग्रहों के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलती है. साथ ही व्यक्ति तंत्र-मंत्र की नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रहता है. इसके पाठ के लिए गोधूलि वेला या मध्य रात्रि में देवी के समक्ष घी का दीपक जलाकर लाल आसन और लाल वस्त्र में संकल्प लेने का विधान बताया गया है. इसके अलावा सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया है.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने देवी कवच के अमोघ प्रभाव और इसके पाठ के नियमों पर विस्तार से चर्चा की. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि ब्रह्मा जी द्वारा मार्कंडेय ऋषि को दिए गए इस उपदेश के पाठ से गंभीर रोगों, तंत्र-मंत्र, कानूनी मुकदमों और शत्रुओं के भय से मुक्ति मिलती है. उन्होंने कहा कि लगातार स्वास्थ्य समस्याएं रहने या असाध्य रोगों की स्थिति में दुर्गा कवच का पाठ अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है. इसके प्रयोग के लिए सुबह या मध्य रात्रि में घी का दीपक जलाकर शुद्ध जल सामने रखकर श्रद्धापूर्वक पाठ करने और उस जल को शरीर पर छिड़कने की सलाह दी गई. साथ ही पाठ के दौरान सात्विक रहने और मांस-मदिरा से परहेज करने का निर्देश दिया गया. कार्यक्रम में सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, पंचांग, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडेय ने शारदीय नवरात्रि के महत्व, कलश स्थापना की विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक रहेगी और इस बार देवी का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो संपन्नता, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. कलश स्थापना घर के उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मिट्टी के कलश, जल, सिक्का, मौली बंधे नारियल और अखंड दीपक के साथ की जाती है. 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए प्रातः 06:18 से 10:11 तक और दोपहर 11:44 से 12:30 तक का समय सबसे शुभ रहेगा. इसके साथ ही कार्यक्रम में पंचांग, ग्रहों की स्थिति और सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया.
अश्विन कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को पितृ विसर्जन अमावस्या के रूप में मनाया जाता है. इस दिन सूक्ष्म लोक से धरती पर आए पितरों को श्रद्धापूर्वक याद कर उनकी विदाई की जाती है. यदि पूरे पितृपक्ष में पितरों का स्मरण न किया गया हो या देहांत की तिथि अज्ञात हो, तो इस अमावस्या पर श्राद्ध और दान करने से पितरों की आत्मा को शांति प्राप्त होती है. इस अवसर पर दोपहर के समय सात्विक भोजन बनाकर पंच बलि निकालने, अग्नि में आहुति देने और सात्विक ब्राह्मण को भोजन कराने का विधान बताया गया है. इसके अलावा, पूर्वजों और पितरों का संबंध राहु ग्रह से होने के कारण इस दिन उड़द की दाल, बड़े और खीर-पूड़ी का दान करने तथा राहु मंत्रों का जप करने से राहु की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. निर्धन व्यक्ति केवल जल तर्पण, श्रद्धा और प्रार्थना द्वारा भी श्राद्ध कर्म संपन्न कर सकते हैं.
ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय के अनुसार सही तरीके से चरण स्पर्श करने से भाग्य बेहतर हो सकता है और संकट मिट सकते हैं. चरण स्पर्श केवल एक अभिवादन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है जिससे ऊर्जा का प्रवाह होता है. उन्होंने बताया कि चरण स्पर्श तीन प्रकार से किया जाता है—झुककर, घुटनों के बल बैठकर और साष्टांग प्रणाम. साष्टांग प्रणाम केवल गुरु और ईष्ट देव का करना चाहिए, जबकि महिलाओं के लिए अर्ध साष्टांग का विधान है. माता-पिता और वरिष्ठजनों को पुत्रियों तथा दामाद से चरण स्पर्श नहीं कराना चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिता के चरण स्पर्श से सूर्य, माता से चंद्रमा, बड़े भाई-बहन से मंगल और वृद्धों से बृहस्पति मजबूत होता है. इसके अतिरिक्त उन्होंने लेटे या सोए व्यक्ति के चरण स्पर्श से आयु घटने की बात को आधारहीन और अतार्किक बताया.
किस्मत कनेक्शन के इस अंक में ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडे ने वाणी के ज्योतिषीय महत्व और इसके जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव पर प्रकाश डाला. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि कुंडली का दूसरा भाव वाणी, परिवार और आर्थिक स्थिति को नियंत्रित करता है. जब कुंडली में शनि और राहु जैसे पाप ग्रहों का वाणी भाव से संबंध होता है, तो व्यक्ति की बोली खराब होती है और आर्थिक नुकसान व पारिवारिक कलह बढ़ती है. वहीं बुध और बृहस्पति के शुभ प्रभाव से वाणी में गंभीरता और मिठास आती है. वाणी को प्रभावशाली और मधुर बनाने के लिए उन्होंने नियमित रूप से गायत्री मंत्र का जप करने, सात्विक खानपान रखने और पूर्णिमा का उपवास रखने की सलाह दी. इसके साथ ही उन्होंने 8 अक्टूबर 2026 का पंचांग, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने बजरंग बाण के महत्व, इसके प्रयोग की स्थितियों और नियमों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने स्पष्ट किया कि बजरंग बाण हनुमान जी की एक अमोघ स्तुति है, जिसमें बीज मंत्रों का प्रयोग होने के कारण यह अत्यधिक शक्तिशाली है. इसे सामान्य परिस्थितियों में पढ़ने से बचना चाहिए. गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, भारी कर्ज, कानूनी मुकदमों, मंगल दोष या नकारात्मक ऊर्जा जैसी अत्यंत कठिन परिस्थितियों में ही इसका संकल्प लेकर पाठ करना चाहिए. शैलेंद्र पांडे ने पाठ की विधि बताते हुए कहा कि मंगलवार या शनिवार को लाल वस्त्र धारण कर और घी का दीपक जलाकर भगवान राम के स्मरण के साथ पाठ शुरू करें. इसके साथ ही उन्होंने 7 अक्टूबर 2026 के पंचांग, ग्रहों की स्थिति, सभी 12 राशियों के दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र की जानकारी भी दी.
किस्मत कनेक्शन के इस खास कार्यक्रम में चंद्रमा से जुड़ी समस्याओं और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताया गया. ज्योतिष में चंद्रमा को मन और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है. कार्यक्रम में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए ‘नमः शिवाय’ का जप, सुगंधित या गुलाब जल से स्नान और पूर्णिमा का उपवास जैसे उपाय बताए गए. साथ ही मोती और चांदी धारण करने से जुड़ी सावधानियों पर भी चर्चा हुई. इसके अलावा 6 अक्टूबर 2026 का पंचांग, 12 राशियों का दैनिक राशिफल और अनजाने में हुई गलतियों के प्रायश्चित के उपाय भी बताए गए.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने सूर्य देव की चमत्कारी स्तुति आदित्य हृदय स्तोत्र के महत्व और नियमों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह स्तोत्र वाल्मीकि रामायण के युद्ध कांड का 105वां सर्ग है, जिसे अगस्त्य ऋषि ने भगवान राम को युद्ध में विजय दिलाने के लिए सुनाया था. जीवन में बड़ी समस्याओं, मुकदमों, सरकारी बाधाओं और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के निवारण के लिए इसका पाठ अत्यंत लाभकारी माना जाता है. प्रशासनिक सेवा और सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए भी यह पाठ फलदायी है. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि रोज प्रातः सूर्योदय या रविवार को उषा काल में सूर्य को अर्घ्य देने के बाद इसका पाठ करना चाहिए और रविवार को नमक के सेवन से परहेज रखना चाहिए. इसके अलावा कार्यक्रम में 5 अक्टूबर 2026 का पंचांग, ग्रहों की स्थिति, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, एक लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने आरती के महत्व और सही नियमों की विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने बताया कि स्कंद पुराण में आरती का विशेष उल्लेख मिलता है और किसी भी पूजा-पाठ या अनुष्ठान की समाप्ति पर ही आरती की जानी चाहिए. आरती केवल ज्योति घुमाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाव और श्रद्धा से स्तुति गाना सबसे अधिक प्रभावशाली होता है. पंचमुखी दीपक या कपूर से आरती करते समय थाल को 'ॐ' की आकृति में घुमाना चाहिए, जिसमें भगवान के चरणों में चार बार, नाभि में दो बार, मुख पर एक बार और पूरे शरीर पर सात बार घुमाने का विधान है. शैलेंद्र पांडे ने स्पष्ट किया कि आरती लेने के बाद कम से कम पांच मिनट तक जल का स्पर्श नहीं करना चाहिए और थाल में दक्षिणा नहीं डालनी चाहिए। इसके साथ ही कार्यक्रम में 4 अक्टूबर 2026 का पंचांग, ग्रहों की स्थिति, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने घर की विभिन्न अलमारियों के रख-रखाव और ग्रहों से उनके संबंध पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि कपड़ों की अलमारी शुक्र ग्रह से जुड़ी है, जिसे व्यवस्थित रखने से जीवन में समृद्धि आती है. रसोई की अलमारी का संबंध सूर्य से है, जिसे स्वच्छ रखने पर घर के सदस्यों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है. धन और आभूषण की अलमारी बृहस्पति से संबंधित है, जिसे घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना और उत्तर या पूर्व की ओर खोलना शुभ माना जाता है. दक्षिण दिशा में खुलने से धन बीमारियों में नष्ट हो सकता है. किताबों की अलमारी बुध ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है और इसका उचित रख-रखाव बुद्धि तथा याददाश्त बढ़ाता है. इसके अलावा उन्होंने 12 राशियों का दैनिक राशिफल और संपत्ति विवाद सुलझाने के विशेष उपाय भी बताए.