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किस्मत कनेक्शन

किस्मत कनेक्शन: नवरात्रि में देवी कवच के लाभ, पाठ विधि और 12 राशियों का राशिफल

19 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में शैलेंद्र पांडे ने नवरात्रि के दौरान देवी कवच की महिमा और महत्व के बारे में विस्तार से चर्चा की. देवी कवच का उपदेश ब्रह्मा जी ने मार्कंडे ऋषि को दिया था. इस कवच में अपूर्व शक्ति मानी जाती है जो हर प्रकार की सुरक्षा प्रदान करती है. देवी कवच का पाठ करने से अकाल मृत्यु, तंत्र-मंत्र, मुकदमे, दुर्घटना, बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है. कार्यक्रम में बताया गया कि रोज सुबह या मध्य रात्रि में देवी के सामने घी का दीपक जलाकर और जल रखकर देवी कवच का पाठ करना चाहिए. पाठ समाप्त होने के बाद उस जल को शरीर पर छिड़कना चाहिए. कार्यक्रम में 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया और नवरात्रि में लौंग की माला अर्पित करने का लकी टिप दिया गया.

नवरात्रि 19 March से शुरू, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और नौ दिनों की साधना के नियम

18 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि 19 March 2026 से 27 March तक नौ दिनों तक मनाई जाएगी। नवरात्रि से वातावरण की नकारात्मकता समाप्त होती है और जीवन सात्विक बनता है। नौ दिनों में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होती है - पहले दिन माता शैलपुत्री, दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी और नवमी को माता सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है। कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त 19 March को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक है। दूसरा मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 4 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट के बीच अभिजीत मुहूर्त में है। नवरात्रि में व्रत रखना या सात्विक भोजन करना चाहिए, प्याज-लहसुन से परहेज करें। कलश में जल भरकर सिक्का डालें, नारियल रखें और जौ बोएं। कलश के पास घी या तिल के तेल का अखंड दीपक जलाना आवश्यक है।

शहद के धार्मिक और आयुर्वेदिक प्रयोग, मंगल दोष और मोटापा कम करने के उपाय

17 मार्च 2026

किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में शैलेंद्र पांडे ने शहद के धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व पर चर्चा की। शहद मधुमक्खियों द्वारा बनाया जाने वाला प्राकृतिक मीठा पदार्थ है जिसका प्रयोग प्राचीन काल से औषधि और धार्मिक कार्यों में होता है। पंचामृत बिना शहद के नहीं बन सकता। ज्योतिष में शहद का संबंध बृहस्पति से माना जाता है। नियमित रूप से शिव जी का शहद से अभिषेक करने पर मंगल दोष समाप्त होता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। माता दुर्गा को शहद का भोग लगाने से शत्रु शांत होते हैं। प्रातःकाल गुनगुने पानी के साथ शहद लेने से मोटापा दूर होता है। शहद के साथ तुलसी और अदरक का प्रयोग करने से गले की समस्या में सुधार होता है। कार्यक्रम में 18 March 2026 के पंचांग और बारह राशियों के दैनिक राशिफल की जानकारी भी दी गई।

पशु-पक्षियों की सेवा से कैसे मिलता है भाग्य में सुधार और बीमारियों से छुटकारा

16 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में यह बताया गया कि पशु-पक्षियों का मानव जीवन और भाग्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। कार्यक्रम के अनुसार, पशु-पक्षी शनि से संबंध रखते हैं और इनकी सेवा से स्वास्थ्य और धन के मामलों पर सीधा असर पड़ता है। पशुओं की सहायता करने से शनि की पीड़ा कम होती है और जीवन का संघर्ष घटता है। गाय, भैंस, कुत्ते को चारा खिलाने से अन्न-जल का अभाव नहीं होता। बीमार पशुओं का इलाज कराने से बड़ी से बड़ी बीमारी से छुटकारा मिलता है। पक्षियों को दाना डालने से राहु की पीड़ा कम होती है और जीवन के उतार-चढ़ाव कम होते हैं। पिंजरे में कैद पक्षियों को छुड़ाने से कर्ज और मुकदमे से राहत मिलती है। हालांकि, पक्षियों को पालना अच्छा नहीं होता क्योंकि यह बेवजह के कर्जों का कारण बनता है। केतु खराब होने पर कुत्ता नहीं पालना चाहिए।

पापमोचनी एकादशी 15 मार्च को, क्या है पापमोचनी एकादशी?

14 मार्च 2026

गुड न्यूज टुडे के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में एंकर शैलेंद्र पांडे ने पापमोचनी एकादशी के बारे में विस्तार से जानकारी दी. यह व्रत 15 मार्च 2026 को चैत्र कृष्ण पक्ष की एकादशी पर रखा जाएगा. इस दिन सूर्य की मीन संक्रांति भी है. पापमोचनी का अर्थ है पापों का नाश करने वाली. एकादशी व्रत से मन की चंचलता समाप्त होती है, धन और आरोग्य की प्राप्ति होती है. इस व्रत से आरोग्य मिलता है, संतान की प्राप्ति होती है और गलतियों का प्रायश्चित होता है. यह व्रत दो प्रकार से रखा जाता है - निर्जल व्रत या फल और जल खाकर. प्रातःकाल भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए और श्रीमद्भगवद्गीता के ग्यारहवें अध्याय का पाठ करना चाहिए. ओम हरये नमः मंत्र का जप करना विशेष कल्याणकारी होता है. शाम के समय निर्धनों को अन्न और वस्त्र का दान करना चाहिए. कार्यक्रम में सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया.

कलाई घड़ी का ग्रहों से क्या सम्बन्ध है? ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए

13 मार्च 2026

एक ज्योतिषीय कार्यक्रम में घड़ी और ग्रहों के संबंध पर चर्चा की गई। बताया गया कि कलाई घड़ी सूर्य और चंद्र से जुड़ी है, जहां बड़ी सुई सूर्य और छोटी सुई चंद्र का प्रतिनिधित्व करती है। सेकेंड की सुई दोनों की balancer है और राहु का भी role होता है क्योंकि घड़ी में तारीखें भी बदलती हैं। बृहस्पति प्रधान लोगों के लिए golden घड़ी या golden पट्टे वाली घड़ी उपयुक्त है, जबकि शनि प्रधान लोगों को काला या नीला strap पहनना चाहिए। media या glamorous field में काम करने वालों को सफेद metal या सफेद strap वाली घड़ी पहननी चाहिए। घड़ी के dial में number स्पष्ट होने चाहिए। दीवार घड़ी गोल होनी चाहिए और पूरब या पश्चिम की दीवार पर लगानी चाहिए, लेकिन bathroom में नहीं। अनावश्यक धन खर्च रोकने के लिए हर शनिवार को निर्धन व्यक्ति को खाने पीने की वस्तु का दान करने की सलाह दी गई।

उपहार देते समय इन बातों का रखें ध्यान, क्या हैं गिफ्ट देने के नियम?

12 मार्च 2026

किस्मत कनेक्शन में शैलेंद्र पांडे ने उपहार देने और लेने के ज्योतिषीय नियमों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि 'उपहार देते समय मन में प्रसन्नता रखिए। मन में गाली देकर, मन में अपशब्द बोलकर कि मजबूरी में देना पड़ रहा है, यह कहकर उपहार देंगे तो जिसको देंगे उसका भी नुकसान होगा और जो दे रहा है उसको भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।' उन्होंने समझाया कि उपहार की पैकिंग में काले रंग के पेपर का प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए। वरिष्ठ व्यक्तियों को कलम या पुस्तक, प्रेमियों को सुगंध, कपड़े या आभूषण, विवाह में मिठाई के साथ कपड़े और नवजात शिशु को चांदी की वस्तुएं देनी चाहिए। कार्यक्रम में 13 मार्च 2026, शुक्रवार के पंचांग, सभी 12 राशियों के दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी बताए गए।

घर की आलमारियों से बदल सकती है किस्मत, जानें कैसे रखें धन और कपड़ों की अलमारी?

11 मार्च 2026

किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में शैलेंद्र पांडे ने घर की आलमारियों के महत्व और उनसे जुड़े ज्योतिष के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आलमारियां बचत और सुरक्षा की प्रतीक हैं और मुख्य रूप से शनि और शुक्र से संबंधित होती हैं। कपड़ों की अलमारी शुक्र से जुड़ी है और इसे व्यवस्थित रखने से समृद्धि बनी रहती है। रसोई की अलमारी सूर्य से संबंधित है और इसमें मसाले और अनाज अलग-अलग रखने चाहिए। धन की अलमारी बृहस्पति से जुड़ी है और इसे दक्षिण-पश्चिम कोने में रखना तथा उत्तर या पूर्व दिशा की ओर खोलना शुभ माना जाता है। धन की अलमारी का रंग काला नहीं होना चाहिए और उस पर लाल स्वस्तिक लगाना अच्छा होता है। कार्यक्रम में 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी बताया गया।

शीतला अष्टमी पर माता शीतला की पूजा का वैज्ञानिक आधार क्या है? ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए

10 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में होस्ट शैलेंद्र पांडे ने शीतला अष्टमी और माता शीतला के स्वरूप के वैज्ञानिक महत्व की चर्चा की। 11 मार्च 2026 को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। माता शीतला के हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते हैं जो साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर यह पर्व मनाया जाता है क्योंकि इस समय मौसम बदलने से चिकन पॉक्स, स्मॉल पॉक्स जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। शीतला अष्टमी पर बासी भोजन अर्पित किया जाता है और इसके बाद गर्मी के मौसम में ताजा भोजन, शीतल जल और नीम का उपयोग स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बताया गया। कार्यक्रम में 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया।

क्यों रहता है वैवाहिक जीवन को लेकर तनाव? जानिए तनाव दूर करने के ज्योतिषीय उपाय

09 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में 10 मार्च 2026 के पंचांग और राशिफल की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि जीवन में अलग-अलग तरह के तनाव होते हैं और उनका संबंध चंद्रमा की कुंडली में स्थिति से होता है। स्वास्थ्य संबंधी तनाव तब होता है जब चंद्रमा आठवें भाव में हो या त्रिक भाव में हो। नौकरी या कारोबार का तनाव तब होता है जब चंद्रमा अग्नि राशि में हो या सूर्य चंद्र का संबंध हो। वैवाहिक जीवन में तनाव चंद्रमा के साथ बृहस्पति या शुक्र के कमजोर होने से होता है। संतान को लेकर तनाव तब होता है जब चंद्रमा राहु या शनि से पीड़ित हो। कार्यक्रम में विभिन्न तनावों को दूर करने के ज्योतिषीय उपाय बताए गए जिनमें शिवलिंग पर जल अर्पण, मंत्र जाप, दान और रत्न धारण शामिल हैं। सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया।

प्रेम और विवाह में धोखे से कैसे बचें? ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए

08 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में शैलेंद्र पांडे ने 9 March 2026 के पंचांग और 12 राशियों के दैनिक राशिफल के साथ धोखे के ज्योतिषीय कारणों पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि चंद्रमा, बुध, शनि और राहु धोखे के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार ग्रह हैं. जल तत्व की राशियां कर्क, वृश्चिक और मीन को सबसे ज्यादा धोखा मिलता है, जबकि पृथ्वी तत्व की राशियां वृषभ, कन्या और मकर चालबाजी और धोखा देने में अग्रणी होती हैं. व्यापार में धोखे के लिए कुंडली का कमजोर सप्तम भाव, आठवें भाव में पाप ग्रह और कमजोर बुध जिम्मेदार हैं. प्रेम और विवाह में धोखे के लिए शुक्र-सूर्य या शुक्र-मंगल का संबंध, सातवें स्थान में चंद्रमा या बृहस्पति का होना और कमजोर बृहस्पति जिम्मेदार हैं. दोस्ती में धोखे के लिए कमजोर चंद्रमा, शुक्र या बुध जिम्मेदार हैं. बचाव के उपाय में रोज सूर्य को जल, भगवान गणेश को दूर्वा, राधा-कृष्ण को गुलाबी फूल चढ़ाना और लोहे का छल्ला मध्यमा अंगुली में धारण करना शामिल है.