किस्मत कनेक्शन में ग्रहों की बाधा से बचने के विशेष स्नान उपायों की जानकारी दी गई। अगर नियमित स्नान नहीं करते हैं तो चंद्रमा और शुक्र कमजोर होते हैं और इसका बुरा प्रभाव मानसिक स्थिति पर पड़ता है। विभिन्न ग्रहों के लिए अलग-अलग उपाय बताए गए। सूर्य को मजबूत करने के लिए जल में केसर, लाल फूल या लाल चंदन डालकर स्नान करें। चंद्रमा के लिए सुगंधित फूल या सफेद चंदन, मंगल के लिए बेल की छाल या लाल चंदन या गुड़, बुध के लिए गोरोचन, सौंफ या जायफल, बृहस्पति के लिए हल्दी, केसर या शहद, शुक्र के लिए इलायची या गुलाब जल या सफेद फूल जल में डालना चाहिए। शनि की समस्याओं से राहत के लिए काला तिल, सुरमा या लोबान, राहु के लिए गोमूत्र, कस्तूरी या संगमरमर का टुकड़ा और केतु के लिए केवड़ा जल, खस या सफेद चंदन का पाउडर जल में डालकर स्नान करना चाहिए।
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में मुकदमेबाजी और जेल यात्रा के ज्योतिषीय पहलुओं पर चर्चा की गई. कुंडली में छठवां भाव और ग्यारहवां भाव मुकदमेबाजी को दर्शाते हैं, जबकि बारहवां भाव जेल यात्रा का संकेत करता है. शनि न्याय, कानून और मुकदमे का मुख्य ग्रह है. सूर्य राज्य की ओर से सजा दिलाता है, जबकि मंगल अपराध करवाता है या व्यर्थ के झगड़ों में फंसा देता है. कुंडली में लग्न या छठे भाव का स्वामी कमजोर हो तो व्यक्ति जेल जाता है. सूर्य या चंद्रमा के साथ राहु का संबंध भी जेल यात्रा का योग बनाता है. मुकदमों से छुटकारे के लिए मंगलवार का उपवास, हनुमान जी को लाल फूल की माला अर्पित करना और मंत्र जाप करना शुभ बताया गया. जेल से मुक्ति के लिए मध्यरात्रि में हनुमान चालीसा का पाठ करने का उपाय सुझाया गया.
किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में जल तत्व के महत्व और उसके जादुई प्रयोगों पर चर्चा की गई। जल को जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए समझाया गया कि जल केवल व्यक्ति का जीवन नहीं चलाता, बल्कि जल तत्व से व्यक्ति की भावनाएं, क्षमता और आध्यात्मिकता निर्धारित होती है। बताया गया कि जल सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ऊर्जा को सोख सकता है और मंत्र से अभिमंत्रित किया जा सकता है। ज्योतिष के अनुसार जल का संबंध मुख्य रूप से चंद्रमा और शुक्र से है। चांदी के गिलास से पानी पीने से चंद्रमा मजबूत होता है और कांच के गिलास से पानी पीने से शुक्र मजबूत होता है। जल की बर्बादी करने से आर्थिक और मानसिक समस्याएं आती हैं। कार्यक्रम में 24 फरवरी 2026 का पंचांग और बारह राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया।
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि जीवन में अपयश या बदनामी क्यों मिलती है और ज्योतिषीय उपायों से इससे कैसे बचा जा सकता है. पांडेय के अनुसार, 'कुंडली का चतुर्थ, सप्तम और दशम भाव व्यक्ति के नाम और यश को निर्धारित करता है, जबकि शनि, राहु और खराब चंद्रमा अपयश के मुख्य कारक हैं.' उन्होंने बताया कि अगर सूर्य पर्वत पर तिल हो या सूर्य रेखा टूटी हो, तो भी बदनामी का योग बनता है. इससे बचने के लिए उन्होंने हर मंगलवार हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने और नियमित रूप से शिव तांडव स्तोत्र का पाठ करने की सलाह दी है. साथ ही, उन्होंने सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और मनचाहे विवाह के लिए विशेष उपाय भी साझा किए हैं.
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने 'किस्मत कनेक्शन' में शनि देव को प्रसन्न करने और उनके अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान के महत्व पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि 'शनि व्यक्ति के कर्म और उसके फल का स्वामी है' और शनि की पीड़ा को कम करने के लिए सेवा और दान सर्वोत्तम उपाय हैं. कार्यक्रम में स्वास्थ्य समस्याओं के लिए छाया दान, आर्थिक तंगी के लिए काले वस्त्र और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए काली उड़द की दाल के दान की सलाह दी गई. शैलेंद्र पांडे ने स्पष्ट किया कि दान हमेशा सूर्यास्त के बाद और अपनी सामर्थ्य अनुसार निर्बल वर्ग को करना चाहिए. इसके साथ ही, उन्होंने मेष से मीन राशि तक का दैनिक राशिफल साझा किया और करियर की बाधाओं को दूर करने के लिए लोहे का छल्ला धारण करने का लकी टिप भी दिया.
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने 'किस्मत कनेक्शन' में आंखों की समस्याओं और उनके ज्योतिषीय कारणों पर विस्तार से चर्चा की. उन्होंने बताया कि ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा का सीधा संबंध आंखों की रोशनी से है, जहाँ सूर्य दाहिनी और चंद्रमा बाईं आंख का प्रतिनिधित्व करते हैं. पांडे के अनुसार, 'अगर कुंडली के दूसरे या बारहवें भाव में पाप ग्रह बैठ जाएं, तो आंखों में समस्या की संभावना बनती है.' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शुक्र के कमजोर होने पर कम उम्र में चश्मा लग सकता है और मंगल की भूमिका आंखों की सर्जरी में महत्वपूर्ण होती है. कार्यक्रम में आंखों की सुरक्षा के लिए उगते सूर्य को जल देने, त्राटक का अभ्यास करने और चाक्षुषी स्तोत्र के पाठ जैसे प्रभावी उपाय बताए गए. इसके साथ ही, सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और सफलता के लिए 'सक्सेस मंत्र' भी साझा किया गया.
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय बता रहे हैं कि पूजा उपासना में धूप, दीपक और भोग का क्या वैज्ञानिक और आध्यात्मिक महत्व है. उन्होंने कहा, 'व्यक्ति जब पूजा करता है तब उसका मन एकाग्र हो जाए और तनाव कम हो जाए, इसके लिए सुगंध का प्रयोग किया जाता है.' कार्यक्रम में बताया गया कि सामान्यतः अगरबत्ती की तुलना में धूप बत्ती का प्रयोग करना ज्यादा अच्छा होता है. इसके अलावा, विभिन्न मनोकामनाओं के लिए अलग-अलग मुखी दीपक जलाने के लाभ भी समझाए गए, जैसे कर्ज मुक्ति के लिए नौ मुखी और करियर के लिए शनिवार को पीपल के नीचे चार मुखी दीपक जलाना शुभ होता है. अंत में, सभी 12 राशियों का सटीक दैनिक राशिफल और उपाय भी साझा किए गए हैं.
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने 'किस्मत कनेक्शन' में बताया कि हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठे का विशेष महत्व है. उन्होंने कहा, 'अंगूठे का सही अध्ययन करके व्यक्ति के जीवन और उसकी भावनाओं के बारे में जान सकते हैं.' कार्यक्रम में बताया गया कि अंगूठे के तीन पर्व इच्छाशक्ति, तर्क और अंतर्ज्ञान को दर्शाते हैं. लंबा अंगूठा बुद्धिमानी का प्रतीक है, जबकि छोटा और मोटा अंगूठा गुस्से वाले स्वभाव की ओर इशारा करता है. इसके अलावा, उन्होंने 19 फरवरी 2026 का दैनिक राशिफल साझा किया और आर्थिक समस्याओं को दूर करने के लिए शिवलिंग पर शमी पत्र अर्पित करने का लकी टिप दिया. अंत में, सफलता के लिए भगवान कृष्ण को पीला फूल अर्पित करने का 'सक्सेस मंत्र' भी बताया गया.
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने 'किस्मत कनेक्शन' में मंगल और राहु के संयोग से बनने वाले 'अंगारक योग' के प्रभावों पर विस्तृत चर्चा की. उन्होंने बताया कि 'मंगल और राहु के एक साथ बैठने को अंगारक योग कहा जाता है' जो 90 प्रतिशत मामलों में जीवन में दुर्घटना, विवाद और सर्जरी जैसी समस्याएं पैदा करता है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योग इंजीनियरिंग और कानून (Criminal Law) के क्षेत्र में बड़ी सफलता भी दिला सकता है. कार्यक्रम में मेष से मीन राशि तक का दैनिक राशिफल साझा किया गया और अंगारक योग के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए भगवान कार्तिकेय की उपासना, चांदी का छल्ला धारण करने और मंगलवार को गुड़ का दान करने जैसे विशेष उपाय बताए गए.
प्रसिद्ध ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने 'किस्मत कनेक्शन' में साल 2026 के पहले सूर्य ग्रहण के बारे में विस्तार से जानकारी दी है. यह वलयाकार सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को दोपहर 3:26 बजे शुरू होकर शाम 7:57 बजे समाप्त होगा. शैलेंद्र पांडे के अनुसार, 'यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहाँ सूतक के नियम या गर्भवती महिलाओं के लिए कोई विशेष परहेज लागू नहीं होगा.' हालांकि, इसका प्रभाव दुनिया भर की राशियों पर पड़ेगा. मेष, वृषभ, कन्या और धनु राशि के लिए यह ग्रहण अत्यंत शुभ परिणाम लेकर आएगा, जबकि कर्क, सिंह और कुंभ राशि वालों को स्वास्थ्य और धन के मामले में विशेष सावधानी बरतनी होगी. उन्होंने ग्रहण काल के दौरान 'ओम आदित्याय नमः' या 'नमः शिवाय' मंत्र के जप और ग्रहण के बाद गुड़, आटा व तांबे के बर्तनों के दान की सलाह दी है.
किस्मत कनेक्शन के इस अंक में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडेय सूर्य ग्रह के महत्व और कुंडली में बनने वाले तीन विशेष राजयोगों—वेशी, वाशी और उभयचारी—के बारे में विस्तार से बता रहे हैं. शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, 'सूर्य को ज्योतिष में व्यक्ति की आत्मा और आत्मकारक ग्रह माना जाता है, जो मान-सम्मान और राजकीय सेवा से संबंध रखता है.' कार्यक्रम में बताया गया कि यदि सूर्य के अगले घर में चंद्रमा, राहु या केतु के अलावा कोई ग्रह हो तो वेशी योग बनता है, जो व्यक्ति को अच्छा वक्ता बनाता है. वहीं, पिछले घर में ग्रह होने पर वाशी योग और दोनों तरफ ग्रह होने पर शक्तिशाली उभयचारी योग बनता है, जो राजनीति और प्रशासन में उच्च पद दिलाता है. इसके साथ ही सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और कोर्ट-कचहरी के विवादों से मुक्ति के विशेष उपाय भी साझा किए गए हैं.