गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम किस्मत कनेक्शन में ज्योतिष शैलेंद्र पांडे ने सावन के पहले सोमवार के महत्व और पूजा विधि पर विस्तृत चर्चा की है. कार्यक्रम में 3 अगस्त 2026 का पंचांग और प्रातःकाल ग्रहों की स्थिति के बारे में जानकारी दी गई. शैलेंद्र पांडे ने बताया कि सावन का महीना जप, तप और ध्यान के लिए उत्तम माना जाता है. सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से चंद्रमा और शिवजी दोनों की कृपा प्राप्त होती है. वैवाहिक जीवन की अड़चनों को दूर करने, उत्तम स्वास्थ्य और मनोकामना पूर्ति के लिए सोमवार का व्रत व पूजन बेहद फलदायी है. इसके साथ ही सावन के सोमवार की सामान्य पूजा विधि, शीघ्र विवाह के विशेष उपाय बताए गए. कार्यक्रम में मेष से लेकर मीन तक की सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, भाग्य संवारने वाला लकी टिप और दिन को सफल बनाने के लिए सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन में ज्योतिषाचार्य शैलेंद्र पांडेय ने रविवार को सूर्य देव की विशेष पूजा-उपासना के महत्व और लाभ के बारे में बताया है. उन्होंने बताया कि रविवार के दिन प्रातःकाल स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करने और तांत्रिक मंत्र ओम ह्रांग ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः का जप करने से आरोग्य का वरदान मिलता है. इसके अलावा, हृदय रोग से मुक्ति पाने के लिए गुड़हल का फूल, गुड़ का भोग और ओम आदित्याय नमः मंत्र का जप करने का सुझाव दिया गया है. शत्रुओं और विरोधियों पर विजय पाने के लिए रविवार के उपवास, आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ और बिना नमक के सात्विक आहार का महत्व बताया गया है. कार्यक्रम में सभी 12 राशियों—मेष, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया है. साथ ही, सूर्य दर्शन न होने पर सूर्य के 21 नामों के पाठ और सफलता के लिए लकी टिप व सक्सेस मंत्र भी साझा किए गए हैं.
किस्मत कनेक्शन के इस विशेष एपिसोड में शैलेंद्र पांडे ने सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की विभिन्न स्तुतियों के महत्व और लाभ पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि शिव पंचाक्षरी स्तोत्र, शिव तांडव स्तोत्र और दारिद्र दहन स्तोत्र का नियमित पाठ करने से जीवन की कठिन से कठिन परिस्थितियां, आर्थिक तंगी और दरिद्रता समाप्त हो जाती है. स्वास्थ्य संकट और आयु रक्षा के लिए चंद्रशेखर अष्टक के पाठ की सलाह दी गई. इसके साथ ही कार्यक्रम में 1 अगस्त 2026 के पंचांग, ग्रहों की स्थिति और मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल बताया गया. अंत में दर्शकों के लिए भाग्य संवारने वाला लकी टिप और दिन को सफल बनाने का विशेष सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया.
किस्मत कनेक्शन के इस अंक में शैलेंद्र पांडे ने शनि और राहु के योग यानी नंदी या पिशाच योग के बारे में विस्तृत चर्चा की है. ज्योतिष शास्त्र में शनि और राहु के इस मेल को शनि का सबसे नकारात्मक योग और एक प्रकार का शाप माना जाता है, जो जीवन को छिन्न-भिन्न कर सकता है. इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को अज्ञात बाधाओं, नशे की लत, रहस्यमय बीमारियों और एकाकीपन का सामना करना पड़ता है. हालांकि, सही मार्गदर्शन और साधना के माध्यम से इस ऊर्जा का सकारात्मक प्रयोग भी किया जा सकता है. कार्यक्रम में इस अशुभ योग के प्रभाव को कम करने के लिए सूर्य देव को जल अर्पित करने, गजेंद्र मोक्ष का पाठ करने, एकादशी व्रत रखने और रुद्राक्ष धारण करने जैसे उपाय बताए गए हैं. साथ ही सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, रोजगार में स्थिरता के लिए लकी टिप और सफलता का विशेष मंत्र भी साझा किया गया है.
किस्मत कनेक्शन में शैलेंद्र पांडे ने सावन के पावन महीने की महिमा, शिव पूजा के महत्व और दैनिक राशिफल पर चर्चा की। सावन हिंदुओं के पवित्र चातुर्मास का पहला महीना है जिसका संबंध भगवान शिव से माना जाता है। मान्यता है कि सावन में समुद्र मंथन के दौरान विष पान करने वाले शिव जी की गर्मी शांत करने के लिए भक्त जल अर्पित करते हैं। सावन में शिव पूजा, साधना और तपस्या करने से वर्ष भर की पूजा का फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही विवाह के योग, आयु रक्षा, शनि देव की पूजा और कुंडली के विभिन्न दोषों की शांति के लाभ मिलते हैं। कार्यक्रम में दैनिक राशिफल, लकी टिप और सक्सेस मंत्र भी बताया गया।
किस्मत कनेक्शन के इस विशेष एपिसोड में शैलेंद्र पांडे ने आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा के महान पर्व के महत्व और गुरु कृपा पाने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की है. आषाढ़ पूर्णिमा को महर्षि वेदव्यास के जन्मोत्सव के रूप में व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है. कार्यक्रम में गुरु के वास्तविक अर्थ और सद्गुरु की पहचान के बारे में बताया गया है. इसके अलावा, गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजन की सही और संपूर्ण विधि साझा की गई है. यदि किसी के गुरु न हों, तो भगवान शिव या श्री कृष्ण को गुरु मानकर उपासना करने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, दिन को बेहतर बनाने का लकी टिप और सफलता के लिए विशेष सक्सेस मंत्र भी बताया गया है.
किस्मत कनेक्शन के इस एपिसोड में शैलेंद्र पांडे ने चंद्रमा की एकमात्र राशि कर्क की विशेषताओं और महत्व पर विस्तार से चर्चा की है. जल तत्व की यह राशि बृहस्पति के लिए शक्तिशाली और मंगल के लिए कमजोर मानी जाती है. इसमें भावुकता, सुंदरता और दया जैसे गुण होते हैं, लेकिन वैवाहिक और प्रेम संबंधों में चुनौतियां आ सकती हैं. इसके साथ ही कार्यक्रम में 28 जुलाई 2026 का पंचांग, ग्रहों की स्थिति, मेष से मीन तक की सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, भाग्य संवारने वाला लकी टिप और हनुमान जी से जुड़ा सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया है.
शनिदेव 27 जुलाई से मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं, जो 11 दिसंबर तक वक्री रहेंगे. शनि की इस उल्टी चाल से साढ़ेसाती और ढैया का प्रभाव बदलेगा, जिससे मुख्यतः आठ राशियां प्रभावित होंगी. कुंभ, मीन और मेष के साथ मकर राशि पर साढ़ेसाती तथा सिंह और धनु के अलावा कर्क और वृश्चिक राशि पर ढैया जैसी स्थिति बनेगी. इसके प्रभाव से लोगों के करियर और जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं. देश और दुनिया के संदर्भ में, शनि-मंगल संबंध और शनि के वक्री होने से जनता और सरकार के बीच तनाव तथा उपद्रव बढ़ने की संभावना है. वक्री शनि के अशुभ प्रभाव से बचाव के लिए रोज सुबह-शाम 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करने, शनिवार शाम को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने और निर्धन व्यक्ति को अन्न दान करने की सलाह दी गई है. साथ ही 12 राशियों के दैनिक राशिफल और उपायों की चर्चा की गई है.
शनिदेव की कृपा प्राप्त करने और जीवन से शनि की बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष उपाय और दान के नियम बताए गए हैं. यदि जीवन में अत्यधिक संघर्ष बढ़ रहा हो, करियर या व्यापार में रुकावटें आ रही हों या लंबे समय से बीमारी परेशान कर रही हो, तो शनि से संबंधित वस्तुओं का दान करना लाभकारी माना जाता है. निर्बल और गरीब तबके के लोगों को दान करना अधिक शुभ फल देता है. हालांकि, जिनकी कुंडली में शनि लाभकारी ग्रह है या जो लोहे, कोयले व पेट्रोल से जुड़े व्यापार में हैं, उन्हें शनि का दान करने से बचना चाहिए. दान हमेशा शनिवार को सूर्यास्त के बाद मंत्र जाप के साथ करना चाहिए. इसके अलावा, दैनिक राशिफल में मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के जातकों के लिए स्वास्थ्य, करियर और आर्थिक स्थिति का आंकलन प्रस्तुत किया गया है.
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी से अगले चार महीनों के लिए चातुर्मास की शुरुआत हो रही है. इस दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं, जिससे सभी तरह के मांगलिक व शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है. चातुर्मास के दौरान सावन में भगवान शिव, भाद्रपद में श्रीकृष्ण व गणेश जी, अश्विन में मां दुर्गा व पितरों तथा कार्तिक में श्रीहरि की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन विशेष पूजा, मंत्र जप और कीर्तन करने से मानसिक पापों और समस्याओं का नाश होता है. इसके साथ ही कार्यक्रम में मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल, सेहत व करियर के उपाय, सफल सर्जरी के लिए ज्योतिषीय सुझाव और बार-बार चोट-चपेट से बचने के आसान उपाय भी साझा किए गए हैं.
पूजा-उपासना में मंत्र जप और माला के महत्व पर विशेष चर्चा की गई है. कार्यक्रम में बताया गया है कि अलग-अलग मंत्रों की शक्ति और ऊर्जा भिन्न होती है, इसलिए उनके जप के लिए विभिन्न प्रकार की मालाओं का प्रयोग किया जाता है. रुद्राक्ष, स्फटिक, हल्दी और तुलसी की मालाओं के धार्मिक महत्व और उनके उपयोग के नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई है. इसके साथ ही, मंत्र जप के दौरान सुमेरु का उल्लंघन न करने, माला को ढंक कर रखने और व्यक्तिगत माला का ही उपयोग करने जैसे मुख्य नियम बताए गए हैं. कार्यक्रम में मेष से लेकर मीन तक सभी 12 राशियों के दैनिक राशिफल के साथ-साथ पंचांग और ग्रहों की स्थिति का विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया है. अंत में दिन को शुभ बनाने के लिए लकी टिप और माता लक्ष्मी को गुलाब का फूल अर्पित करने का सक्सेस मंत्र भी साझा किया गया है.