भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी अथवा हल छठ का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण के अग्रज श्री बलराम जी का जन्मोत्सव भी होता है। हल षष्ठी का व्रत महिलाएं संतान प्राप्ति और संतान के कल्याण के लिए रखती हैं। मान्यता के अनुसार भगवान बलराम की पूजा से अपूर्व शक्ति, पद-प्रतिष्ठा और घर में समृद्धि की प्राप्ति होती है। पूजा के लिए घर, छत या आंगन में मिट्टी का छोटा तालाब बनाकर उसमें कुश, महुआ और पलाश की शाखा से हरछठ स्थापित कर पूजा की जाती है। इस व्रत में गाय का दूध, दही और हल से जुते हुए खेत का अन्न ग्रहण नहीं किया जाता, केवल बिना जोते-बोए अनाज और साग का सेवन होता है। इसके साथ ही 2 सितंबर 2026 के पंचांग, सभी 12 राशियों के दैनिक राशिफल और कार्यों में सफलता के लिए विशेष उपायों की जानकारी दी गई है।