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Shaligram Significance: श्री भगवान विष्णु कैसे हो गए थे शिला के रूप में परिवर्तित और क्या है शालिग्राम की विशेषता ? जानिए पंडित Shailendra Pandey से

शंखचूड़ नामक दैत्य की पत्नी वृंदा अत्यंत सती थी. बिना उसके सतीत्व को भंग किये हुये शंखचूड़ को परास्त कर पाना असंभव था. श्री हरि ने छल से रूप बदलकर वृंदा का सतीत्व भंग कर दिया , और तब जाकर शिव ने शंखचूड़ का वध किया. वृंदा ने इस छल के लिए श्री हरि को शिला रूप में परिवर्तित हो जाने का शाप दिया . श्री हरि तबसे शिला रूप में भी रहते हैं , और उन्हें शालिग्राम कहा जाता है . इन्ही वृंदा ने अगले जन्म में तुलसी के रूप में पुनः जन्म लिया था. श्री हरि ने वृंदा को आशीर्वाद दिया था कि बिना तुलसी दल के कभी उनकी पूजा सम्पूर्ण ही नहीं होगी.