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संतान के करियर, विवाह, स्वभाव और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के ज्योतिषीय कारण और उपाय, जानिए पंडित शैलेंद्र पांडेय से

कार्यक्रम में संतान के करियर, विवाह, स्वभाव और स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं के ज्योतिषीय कारणों और समाधानों पर विस्तार से चर्चा की गई है. ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति और सूर्य के कमजोर होने अथवा पंचम भाव पर राहु के प्रभाव से माता-पिता को संतान को लेकर अधिक चिंताएं होती हैं. संतान के स्वभाव में सुधार के लिए पीले रंग के गणेश जी को दूर्वा अर्पित कर मंत्र जप करने का सुझाव दिया गया है. करियर और शिक्षा में उन्नति के लिए रोली मिले जल से सूर्य को अर्घ्य देने तथा शनिवार को गरीबों में हलवा-पूड़ी बांटने की सलाह दी गई है. इसके साथ ही संतान के विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए शिव-पार्वती की उपासना और खीर का भोग लगाने का उपाय बताया गया है. बच्चों की लगातार खराब सेहत के लिए 12 वर्ष से कम आयु में माता द्वारा शिवलिंग पर जलाभिषेक कर महामृत्युंजय या शिव मंत्र जपने का विशेष विधान बताया गया है. साथ ही सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल भी प्रस्तुत किया गया है.