scorecardresearch

Kismat Connection: दुर्गा सप्तशती के अलग-अलग अध्यायों से मिलते हैं अलग-अलग लाभ, ज्योतिष शैलेन्द्र पांडेय से जानिए दुर्गा सप्तशती का महत्व

22 मार्च 2025 को चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है और भरणी नक्षत्र में चंद्रमा मेष राशि में संचरण कर रहे हैं। दुर्गा सप्तशती में माता दुर्गा की महिमा के 700 श्लोक हैं जो तीन भागों में विभाजित हैं - प्रथम चरित्र, मध्यम चरित्र और उत्तम चरित्र। ये श्लोक तंत्र साधना के हैं जिनमें मारन, मोहन, उच्चाटन, स्तंभन, वशीकरण और विद्वेषण के श्लोक दिए गए हैं। प्रथम अध्याय से शत्रु भय दूर होता है, दूसरे-तीसरे अध्याय से मुकदमेबाजी में सफलता मिलती है, चौथे अध्याय से अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है, पांचवें अध्याय से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। छठवें अध्याय से बड़ी से बड़ी बाधा दूर होती है, आठवें अध्याय से वशीकरण की शक्ति मिलती है, नौवें अध्याय से संपत्ति का लाभ होता है, बारहवें अध्याय से रोगों से छुटकारा मिलता है। सभी राशियों के लिए आज का राशिफल और उपाय भी बताए गए हैं।