किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में शैलेंद्र पांडे ने शहद के धार्मिक और आयुर्वेदिक महत्व पर चर्चा की। शहद मधुमक्खियों द्वारा बनाया जाने वाला प्राकृतिक मीठा पदार्थ है जिसका प्रयोग प्राचीन काल से औषधि और धार्मिक कार्यों में होता है। पंचामृत बिना शहद के नहीं बन सकता। ज्योतिष में शहद का संबंध बृहस्पति से माना जाता है। नियमित रूप से शिव जी का शहद से अभिषेक करने पर मंगल दोष समाप्त होता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। माता दुर्गा को शहद का भोग लगाने से शत्रु शांत होते हैं। प्रातःकाल गुनगुने पानी के साथ शहद लेने से मोटापा दूर होता है। शहद के साथ तुलसी और अदरक का प्रयोग करने से गले की समस्या में सुधार होता है। कार्यक्रम में 18 March 2026 के पंचांग और बारह राशियों के दैनिक राशिफल की जानकारी भी दी गई।