किस्मत कनेक्शन के इस अंक में ज्योतिषी शैलेंद्र पांडे ने विदेश यात्रा और विदेश में स्थायी रूप से बसने से जुड़े ज्योतिषीय योगों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि कुंडली के पंचम, नवम, अष्टम और द्वादश भाव विदेश यात्रा से जुड़े होते हैं. राहु, शनि और मंगल ग्रह विदेश जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जबकि शनि की साढ़ेसाती या ढैया के दौरान भी विदेश यात्रा के अवसर बनते हैं. शैलेंद्र पांडे ने कहा, 'कुंडली में अगर पाप ग्रहों का प्रभाव हो, कुंडली का बारहवाँ, आठवाँ या चौथा भाव अगर पीड़ित हो, तो व्यक्ति विदेश जाता है और उसके विदेश में बसने की संभावना बहुत होती है.' इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मजबूत चंद्रमा या शुक्र व्यक्ति को मातृभूमि से दूर नहीं जाने देते. कार्यक्रम में विदेश यात्रा की बाधाओं को दूर करने और विदेश में बसने के लिए शनि मंत्र के जप और हल्दी से जुड़े विशेष उपाय साझा किए गए.