scorecardresearch
Advertisement

कुंडली के ग्रहों से कैसे जुड़ी है फैसले लेने की क्षमता? पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानिए सफलता के उपाय

ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडे के अनुसार व्यक्ति के निर्णय लेने की क्षमता का ज्योतिष और ग्रहों से सीधा संबंध होता है. कुंडली में पंचम, नवम और एकादश भाव से निर्णय क्षमता देखी जाती है. चंद्रमा मन का कारक होने के कारण निर्णयों में अहम भूमिका निभाता है, जबकि हस्तरेखा में अंगूठा निर्णय लेने की प्रवृत्ति दर्शाता है. सूर्य प्रधान लोग तुरंत और सटीक निर्णय लेते हैं, वहीं चंद्रमा प्रधान जातक भावनाओं में बहकर गलत फैसले ले बैठते हैं. मंगल प्रधान लोग जल्दबाजी और जोश में निर्णय करते हैं, जबकि बुध प्रधान अक्सर दुविधा में रहते हैं. इसके विपरीत बृहस्पति, शुक्र और शनि प्रधान जातकों के निर्णय अधिक संतुलित और बेहतर होते हैं. पंचम भाव कमजोर होने पर व्यक्ति गलत निर्णयों से असफलता पाता है. निर्णय क्षमता सुधारने के लिए उगते सूर्य को अर्घ्य देने, एकादशी या पूर्णिमा व्रत रखने, नमः शिवाय या ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र जप करने तथा गायत्री मंत्र का पाठ करने की सलाह दी गई है.