किस्मत कनेक्शन कार्यक्रम में ज्योतिषी शैलेन्द्र पांडेय ने शारदीय नवरात्रि के महत्व, कलश स्थापना की विधि और शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक रहेगी और इस बार देवी का आगमन हाथी पर हो रहा है, जो संपन्नता, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है. कलश स्थापना घर के उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर मिट्टी के कलश, जल, सिक्का, मौली बंधे नारियल और अखंड दीपक के साथ की जाती है. 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के लिए प्रातः 06:18 से 10:11 तक और दोपहर 11:44 से 12:30 तक का समय सबसे शुभ रहेगा. इसके साथ ही कार्यक्रम में पंचांग, ग्रहों की स्थिति और सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया.