सावन के पावन महीने में भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए उनकी स्तुतियों का विशेष महत्व माना गया है. भगवान शिव की स्तुतियां सामान्यतः छंदात्मक होती हैं और अलग-अलग स्वरूपों के लिए अलग-अलग स्तुतियों की रचना की गई है. शिव पंचाक्षरी स्तोत्र 'नमः शिवाय' मंत्र की व्याख्या है, जो पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन पांच तत्वों की शक्ति से भरा हुआ है. शिव तांडव स्तोत्र कठिन परिस्थितियों और अशुभ ग्रहों की दशा में लाभकारी होता है. आर्थिक तंगी से राहत के लिए महर्षि वशिष्ठ द्वारा रचित दारिद्र्य दहन स्तोत्र का पाठ सात्विकता के साथ करने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही मेष से मीन तक की सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल प्रस्तुत किया गया है.