गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'किस्मत कनेक्शन' में शैलेंद्र पांडे ने मूल नक्षत्र की विशेषता और इसके मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि ज्योतिष में कुल 27 नक्षत्र होते हैं, जिनमें से उग्र और तेज स्वभाव वाले नक्षत्रों को मूल नक्षत्र या सतईसा/गंडांत कहा जाता है। मुख्य मूल नक्षत्रों में मूल, ज्येष्ठा और आश्लेषा शामिल हैं, जबकि अश्विनी, रेवती और मघा सहायक मूल नक्षत्र माने जाते हैं। इन नक्षत्रों में बच्चे के जन्म लेने पर उसके स्वास्थ्य, स्वभाव और मानसिक स्थिति पर सीधा असर पड़ता है। कार्यक्रम के दौरान जन्म के 27 दिन बाद मूल शांति कराने, ओम नमः शिवाय जप और पूर्णिमा उपवास जैसे ज्योतिषीय उपाय बताए गए। इसके साथ ही विभिन्न नक्षत्रों व राशियों के अनुसार हनुमान जी, सूर्य देव, शिव जी और गणेश जी की उपासना के तरीके साझा किए गए। अंत में सभी 12 राशियों का दैनिक राशिफल और धन वृद्धि का विशेष उपाय भी बताया गया।