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kismat Connection: नवरात्रि में नारियल के प्रयोग, ग्रह दशा शांति और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के उपाय

21 मार्च 2026, शनिवार को चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। नवरात्रि में नारियल के विशेष प्रयोग और महत्व बताते हुए समझाया गया कि नारियल को श्रीफल माना जाता है और यह लक्ष्मी जी का स्वरूप है। देवी की पूजा में नारियल का विशेष महत्व है और इसे बलि के प्रतीक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। भूरे रंग के नारियल का प्रयोग देवी की पूजा में करना चाहिए जिसके अंदर गिरी और जल दोनों हों। नवरात्रि में नारियल को मौली से बांधकर कलश पर या देवी के चरणों में रखना चाहिए। ग्रह दशा शांति के लिए नारियल को गोद में रखकर विशेष मंत्र का जाप करने और फिर बहते जल में प्रवाहित करने का उपाय बताया गया। नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-मंत्र से मुक्ति के लिए सूखे नारियल में चीनी भरकर पेड़ के नीचे दबाने का उपाय भी साझा किया गया। अगर नवरात्रि के बाद नारियल खराब निकले तो यह घर में नकारात्मक ऊर्जा की अधिकता का संकेत है।