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Kismat Connection: नवरात्रि नवमी पर माता सिद्धिदात्री पूजा से मिलेगा संपूर्ण नवरात्र का फल, पंडित शैलेंद्र पांडेय से जानिए

नवरात्रि की नवमी तिथि पर माता सिद्धिदात्री की पूजा उपासना करने से समस्त प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और व्यक्ति को जीवन में हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। नवरात्रि में अगर किसी भी दिन उपासना नहीं की है और नवमी तिथि को माता सिद्धिदात्री की पूजा करते हैं तो समस्त देवियों की पूजा का फल मिलेगा। इस दिन कमल के फूल पर बैठी हुई देवी का ध्यान करना चाहिए। नवरात्रि की नवमी तिथि पर देवी को शहद अर्पित करना चाहिए और ओम सिद्धिदात्री देव्ये नमः मंत्र का जप करना चाहिए। भगवान राम का जन्म वासंतिक नवरात्र के नवें दिन चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को हुआ था। मध्य दोपहर में कर्क लग्न, कर्क राशि और पुनर्वसु नक्षत्र में भगवान राम का जन्म हुआ था। दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच में भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए। नवमी के दिन पहले देवी की पूजा करें, फिर भगवान राम की पूजा करें और तब हवन करना चाहिए।