12 अगस्त को श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या पर पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह 1:27 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण कर्क राशि और अशलेषा नक्षत्र में लग रहा है। चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दर्शनीय नहीं होगा, इसलिए यहां सूतक काल के नियमों के पालन की आवश्यकता नहीं है और गर्भवती महिलाओं को भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, ज्योतिषीय दृष्टि से इस ग्रहण का देश-दुनिया और विभिन्न राशियों पर गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा। ग्रहण के समय प्राकृतिक आपदाओं, तटीय क्षेत्रों में समस्याओं और राजनीतिक उथल-पुथल की संभावना है। इसके साथ ही मेष से लेकर मीन राशि तक के जातकों के जीवन, सेहत, करियर और आर्थिक स्थिति पर अगले 15 दिनों से एक महीने तक इसका प्रभाव पड़ेगा। ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए भगवान के नाम का जप, शिव उपासना और गुड़-गेहूं के दान का महाउपाय बताया गया है।