मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान और काशी विश्वनाथ धाम के बीच होली के अवसर पर उपहारों का ऐतिहासिक आदान-प्रदान हुआ है. काशी से लड्डू गोपाल के लिए वस्त्र, खिलौने और भस्म भेजी गई, जबकि मथुरा से बाबा विश्वनाथ के लिए गुलाल और गुझिया भेंट की गई. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित एरच कस्बे को हिरण्यकश्यप की राजधानी और होलिका दहन का उद्गम स्थल माना जाता है, जहाँ भक्त प्रहलाद की रक्षा हेतु भगवान विष्णु ने नरसिंह अवतार लिया था. इसी बीच, उत्तराखंड की कत्यूर घाटी में चीर बंधन के साथ होली का शुभारंभ हुआ और अकोला में बच्चों को प्राकृतिक रंग बनाने का प्रशिक्षण दिया गया. दिल्ली के बाजारों में इस वर्ष ऑर्गेनिक होली किट्स, हर्बल गुलाल और कस्टमाइज्ड उत्पादों की अधिक मांग देखी जा रही है.