15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस से पूर्व देश भर में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत बाइक, नौका और शिकारा रैलियों का आयोजन किया जा रहा है. छत्तीसगढ़ के रायपुर में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर आयोजित एक फैशन शो में आत्मसमर्पण कर चुकीं पूर्व महिला नक्सलियों ने पेशेवर मॉडलों के साथ पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक किया. इधर, अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया आयोजित हुई, जिसमें 5300 आवेदकों में से छांटे गए उम्मीदवारों से प्रशासनिक अनुभव और सनातन मान्यताओं से जुड़े सवाल पूछे गए. इसके अलावा, सिनेमाघरों में सनी देओल की फिल्म 'बटवारा 1947' और इमरान हाशमी की 'आवारापन 2' की रिलीज को लेकर उत्साह है. साथ ही, सावन मास के अवसर पर उत्तर व दक्षिण भारत के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है.
सावन महीने की हरियाली अमावस्या पर साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है. 18 साल बाद सावन में सूर्य ग्रहण का ऐसा दुर्लभ खगोलीय और ज्योतिषीय संयोग बन रहा है. यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 9:04 बजे से देर रात 1:27 बजे तक रहेगा, जबकि रात 11:17 बजे यह अपने चरम पर होगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिससे देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा और पूजा-पाठ या मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे. गर्भवती महिलाओं और सामान्य जनजीवन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. यह घटना ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगी. धार्मिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विशेषज्ञों ने बताया कि ऋग्वेद, अथर्ववेद और मत्स्य पुराण के अनुसार यह समय सूर्य देव की उपासना, ध्यान और 'ओम नमः शिवाय' व महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए विशेष माना गया है.
सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं तथा कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ी. हरिद्वार, प्रयागराज, गाजियाबाद, दिल्ली, अयोध्या, मुंबई, मेरठ, देवघर, उज्जैन और वाराणसी सहित विभिन्न शहरों के मंदिरों में तड़के ब्रह्म मुहूर्त से भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पंचामृत पूजन शुरू हुआ. गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर में लंबी कतारों के बीच शाम को भव्य श्रृंगार और महाआरती का आयोजन निर्धारित है. जयपुर के मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए महिलाएं पारंपरिक लहरिया परिधान में पहुंचीं, जहां चढ़ाए गए फूल और बेलपत्र को रीसायकल कर खाद बनाने के लिए विशेष गाड़ी चलाई गई. हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे कांवड़ियों और दंडवत यात्रा करने वाले भक्तों में भारी उत्साह देखा गया, जिसमें 13 से 16 वर्ष की महिला कांवड़ यात्री भी 250 किलोमीटर पैदल सफर तय कर जल चढ़ाने पहुंचीं. इस पर्व पर चार पहर की पूजा और विशेष मुहूर्त का आध्यात्मिक महत्व बताया गया है.
सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के पंचामृत अभिषेक, भस्म आरती और विशेष श्रृंगार किया गया, जहाँ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी दर्शन किए. काशी विश्वनाथ, देवघर के बैद्यनाथ धाम, गुजरात के सोमनाथ, हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव और प्रयागराज के मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से जलाभिषेक जारी है. दिल्ली के गौरी शंकर व कालकाजी मंदिर, गाजियाबाद के दूधेश्वर महादेव, जयपुर के ताड़केश्वर और मुंबई के महेश्वर मंदिर में लंबी कतारें लगी हैं. प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से कांवड़िए और डाक बम गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं. श्रद्धालु शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूध, शहद और पंचामृत अर्पित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं. पंडित अरविंद जी ने बताया कि सादे जल के लिए तांबे और दूध के लिए पीतल का पात्र श्रेष्ठ होता है तथा शिव की केवल अर्ध परिक्रमा ही करनी चाहिए.
सावन के पवित्र महीने में देशभर के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के ढाई बजे पट खुलने के बाद तीन बजे भस्म आरती की शुरुआत की जा रही है. मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर और दिल्ली सहित विभिन्न कांवड़ मार्गों पर सेवा शिविर लगाए गए हैं. झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवड़िए पहुंच रहे हैं. मुंगेर के कांवड़िया पथ पर भक्त अनोखे रूपों में भक्ति प्रदर्शित कर रहे हैं, जिसमें कोलकाता के श्रद्धालुओं द्वारा 80 किलो वजनी मां तारा की प्रतिमा ले जाना और एक भक्त का आंखों पर पट्टी बांधकर यात्रा करना शामिल है. वहीं शिर्डी के द्वारकामाई मंदिर में दुबई के एक श्रद्धालु ने 76 ग्राम सोने का 'राम' शब्द अर्पित किया है. गुजरात के मोरबी स्थित वीरपड़ा गांव में 18 फीट गहरे कुएं के पानी में हलचल की वजह बारिश के दौरान फंसी हवा का निकलना बताई गई है. देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश से मौसम खुशनुमा बना हुआ है. इसके अलावा भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंदा ने सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज टूर्नामेंट का खिताब जीता है.
छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के बाद गुजरात सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने भी राज्य में एनालॉग पनीर, चीज़ और बटर के उत्पादन, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत छह महीने की जेल, जुर्माना और लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई का प्रावधान है. असली पनीर दूध से बनता है, जबकि एनालॉग पनीर में वेजिटेबल ऑयल और अन्य फैट्स मिलाए जाते हैं. उधर, हैदराबाद में बच्चों के लिए 'छोटा भीम' थीम आधारित एक विशेष कैफे शुरू किया गया है, जहां बच्चे स्वयं पिज्जा और विभिन्न व्यंजन बनाना सीख रहे हैं. इसके अलावा, महाराष्ट्र में आगामी गणेश उत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. नागपुर और अमरावती में मूर्तिकार पर्यावरण के अनुकूल इको-फ्रेंडली गणपति प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं, वहीं पुणे में प्रतिमाओं के लिए पारंपरिक मराठी फेटा बनाने का काम जारी है.
गिलासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में हरियाणा के करनाल की मुक्केबाजी नर्सरी से निकली भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच स्वर्ण सहित कुल छह पदक अपने नाम किए. पदक विजेताओं ने अपनी मेहनत और तैयारियों के अनुभव साझा किए. वहीं राष्ट्रमंडल खेलों में दो बार के पदक विजेता भारोत्तोलक लवप्रीत सिंह का अमृतसर में जोरदार स्वागत हुआ. श्रीनगर में ताइक्वांडो का क्रेज युवाओं और लड़कियों के बीच लगातार बढ़ रहा है. उधर प्रसिद्ध कथावाचक देवी चित्रलेखा ने 23 अगस्त को दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित होने वाले भक्ति संगीत कंसर्ट 'अनंतनाद' की जानकारी दी. सावन महीने में हरिद्वार, काशी, देवघर और उज्जैन में शिव भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है. हरिद्वार में भव्य कांवड़ झांकियां, मुजफ्फरनगर में मोदी-योगी थीम कांवड़ और बागपत में सास-ससुर को गंगाजल स्नान कराने ले जा रहे दंपत्ति कांवड़ यात्रा का केंद्र बिंदु बने हुए हैं.
सावन के महीने में उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों में बारिश से भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है. इसके विपरीत असम के कई जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जहां भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत कार्य कर रही हैं. अभिनेता रणदीप हुड्डा, सलमान खान और कार्तिक आर्यन भी सहायता के लिए आगे आए हैं. वाराणसी और प्रयागराज में गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी कर निचले इलाकों में राहत चौकियां और एनडीआरएफ तैनात की है. सावन के पहले मंगलवार पर मां मंगला गौरी की पूजा-अर्चना की गई. उज्जैन के महाकाल मंदिर से बाबा महाकाल की भव्य शाही सवारी निकाली गई और धनबाद के राजेंद्र सरोवर में बनारस की तर्ज पर शिव महा आरती आयोजित हुई. इसके अलावा प्रयागराज में पारंपरिक गहरेबाज़ी स्पर्धा आयोजित हुई, जम्मू-कश्मीर के गुरेज़ में सेना द्वारा स्पोर्ट्स फेस्टिवल शुरू हुआ तथा ग्लासगो से लौटे भारतीय मुक्केबाजों का दिल्ली एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया.
सावन के पहले सोमवार पर देशभर के प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. तड़के ब्रह्म मुहूर्त से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पट खुलते ही पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती संपन्न हुई. काशी विश्वनाथ, देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम, गुजरात के सोमनाथ, नासिक के त्र्यंबकेश्वर और औरंगाबाद के घृणेश्वर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं. मुंबई के ऐतिहासिक बाबुलनाथ मंदिर में दूध और दही से भगवान शिव का अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया, जहां भारी बारिश के बीच भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे. जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में फूलों के बंगले और झांकियों से भोलेनाथ का श्रृंगार हुआ. दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर और प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में तड़के से ही जलाभिषेक, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करने के लिए भीड़ जुटी. बिहार के बाबा सिंघेश्वर धाम में नेपाल और उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचे. सावन के पहले सोमवार को शिव आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. इस अवसर पर सभी प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
सावन महीने की शुरुआत के साथ उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है. हरिद्वार, प्रयागराज और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है, जहां शिव भक्त गंगाजल भरकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं. यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द, पारिवारिक एकजुटता और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने जैसे संकल्प देखने को मिल रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं. प्रयागराज में 24 घंटे हेल्प डेस्क और प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत कपड़े के थैले बांटे जा रहे हैं. पौराणिक मान्यताओं वाली यह यात्रा आज बोल बम, खड़ी, झूला, डाक और दंडवत जैसी पांच प्रमुख पद्धतियों से की जाती है. देश भर के प्रमुख शिवालयों उज्जैन के महाकाल, मुंबई के बाबुलनाथ और देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है.
पवित्र सावन महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के शिव मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के पंचामृत अभिषेक और भांग श्रृंगार के बाद भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया, वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की. दिल्ली के प्राचीन गौरी शंकर मंदिर, श्री आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ और जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्त रुद्राभिषेक और जलाभिषेक के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं. हरिद्वार, देवघर और अन्य प्रमुख धामों में कांवड़ यात्रा के तहत शिव भक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्यों की ओर बढ़ रहे हैं. पंडितों के अनुसार सावन के दौरान व्रत, जलाभिषेक और शिव आराधना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. इस पावन महीने में कुल चार सोमवार पड़ रहे हैं, जिन्हें धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रतीक माना जाता है. मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.