होली का पर्व 4 मार्च को है, लेकिन होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च को किया जाना शास्त्रसम्मत है, क्योंकि पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम से शुरू हो रही है और इसी समय भद्रा भी लग जाएगी. होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रात में भद्रा पुच्छ काल के दौरान रहेगा. इसके अलावा शाम को प्रदोष काल का समय भी पूजन के लिए अनुकूल बताया गया है. पूजन के लिए रोली, मोली, अक्षत, फूल और पकवान जैसी सामग्री का उपयोग होता है तथा 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करते हुए परिक्रमा की जाती है. वहीं, 3 मार्च को चंद्र ग्रहण लगने के कारण इस दिन सूतक काल प्रभावी रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. इसी बीच, मथुरा-वृंदावन में 40 दिवसीय होली उत्सव की धूम है, जिसमें शामिल होने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.