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Lathmar Holi: बरसाना में जमा लट्ठमार होली का रंग, जानें कैसे शुरू हुई ये परंपरा

ब्रज में जब होली के रंग बिखरते हैं तो इसके सामने दुनिया के सारे रंग फीके पड़ जाते हैं. होली के दस दिन पहले से ही यहां जश्न और उत्साह सातवें आसमान पर है. कान्हा की नगरी होली के रंग में रंग चुकी है. बरसाना में लट्ठमार होली की परंपरा निभाई जा रही है. आज के दिन नंदगांव के हुरयारे लट्ठमार होली खेलने के लिए बरसाना आते हैं. बरसाना में उनका स्वागत रंग गुलाल के साथ लट्ठ से होता है. लट्टमार होली की ये परंपरा 5000 साल पुरानी मानी जाती है. वैसे तो ब्रज बसंत पंचमी के बाद से ही होली के रंग में रंग जाता है.लेकिन बरसाना में असली रंग तब जमता है.जब होलिका दहन से 9 दिन पहले लड्डू होली खेली जाती है.लट्ठमार होली पर बरसाने का रंग देखते बनता है.