आज अधिकमास की पहली एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. ये एकादशी 3 साल के बाद आई है. ज्येष्ठ मास में 27 साल के बाद ऐसी एकादशी तिथि का संयोग बना है. अधिकमास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को पद्म पुराण में कमला एकादशी बताया गया है. जबकि इसे पद्मिनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है.