अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन श्री राम यंत्र की स्थापना की. यह महत्वपूर्ण अनुष्ठान अभिजीत मुहूर्त में सुबह 11:55 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ. इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे. यह स्वर्ण जड़ित यंत्र तीन फीट लंबा-चौड़ा है, जिसका वजन लगभग 150 किलोग्राम है. इस पर श्री राम सहित 121 देवी-देवताओं की छवियां अंकित हैं. इसे भगवान राम की दिव्य शक्ति, मर्यादा और धर्म का प्रतीक माना जाता है, जो मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा. इस यंत्र को दो वर्ष पूर्व कांची पीठ के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा तिरुपति से अयोध्या लाया गया था. स्थापना से पहले सात दिनों तक विशेष वैदिक अनुष्ठान किए गए. राष्ट्रपति ने रामलला के दर्शन और पूजा-अर्चना करने के बाद मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिकों और अन्य लोगों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित भी किया.