देशभर में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है. बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना कर रही हैं. इस अवसर पर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को दो फीट की विशेष राखी अर्पित की गई और सवा लाख लड्डू का महाभोग लगाया गया. वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर और अयोध्या में रामलला को भी पवित्र राखी अर्पित की गई. इसके अलावा नागपुर में 65 फीट चौड़ी इको-फ्रेंडली महा राखी बनाई गई तथा जंगलों में पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधा गया. सावन मास के समापन पर आंशिक चंद्र ग्रहण भी लगा, लेकिन भारत में दृश्यमान न होने के कारण इसका सूतक काल मान्य नहीं है. ज्योतिषाचार्यों ने कलावा या सूती धागा बांधने के धार्मिक महत्व, शुभ रंगों और राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर जानकारी साझा की.