सावन के पहले सोमवार पर देशभर के प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. तड़के ब्रह्म मुहूर्त से उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पट खुलते ही पंचामृत अभिषेक और भस्म आरती संपन्न हुई. काशी विश्वनाथ, देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम, गुजरात के सोमनाथ, नासिक के त्र्यंबकेश्वर और औरंगाबाद के घृणेश्वर मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं. मुंबई के ऐतिहासिक बाबुलनाथ मंदिर में दूध और दही से भगवान शिव का अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया, जहां भारी बारिश के बीच भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे. जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर में फूलों के बंगले और झांकियों से भोलेनाथ का श्रृंगार हुआ. दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर और प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर में तड़के से ही जलाभिषेक, बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित करने के लिए भीड़ जुटी. बिहार के बाबा सिंघेश्वर धाम में नेपाल और उत्तर प्रदेश से भी श्रद्धालु पहुंचे. सावन के पहले सोमवार को शिव आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है. इस अवसर पर सभी प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.