सावन महीने की शुरुआत के साथ उत्तर भारत में कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है. हरिद्वार, प्रयागराज और अन्य धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा हुआ है, जहां शिव भक्त गंगाजल भरकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं. यात्रा के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द, पारिवारिक एकजुटता और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने जैसे संकल्प देखने को मिल रहे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के व्यापक इंतजाम किए हैं. प्रयागराज में 24 घंटे हेल्प डेस्क और प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत कपड़े के थैले बांटे जा रहे हैं. पौराणिक मान्यताओं वाली यह यात्रा आज बोल बम, खड़ी, झूला, डाक और दंडवत जैसी पांच प्रमुख पद्धतियों से की जाती है. देश भर के प्रमुख शिवालयों उज्जैन के महाकाल, मुंबई के बाबुलनाथ और देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है.