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Sawan Second Somwar: जलाभिषेक के लिए शिवालयों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें, जानिए शिव पूजा और परिक्रमा के नियम

सावन के दूसरे सोमवार के अवसर पर देशभर के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों और प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के पंचामृत अभिषेक, भस्म आरती और विशेष श्रृंगार किया गया, जहाँ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी दर्शन किए. काशी विश्वनाथ, देवघर के बैद्यनाथ धाम, गुजरात के सोमनाथ, हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव और प्रयागराज के मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से जलाभिषेक जारी है. दिल्ली के गौरी शंकर व कालकाजी मंदिर, गाजियाबाद के दूधेश्वर महादेव, जयपुर के ताड़केश्वर और मुंबई के महेश्वर मंदिर में लंबी कतारें लगी हैं. प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से कांवड़िए और डाक बम गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे हैं. श्रद्धालु शिवलिंग पर बेलपत्र, भांग, धतूरा, दूध, शहद और पंचामृत अर्पित कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं. पंडित अरविंद जी ने बताया कि सादे जल के लिए तांबे और दूध के लिए पीतल का पात्र श्रेष्ठ होता है तथा शिव की केवल अर्ध परिक्रमा ही करनी चाहिए.