सावन शिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं तथा कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ी. हरिद्वार, प्रयागराज, गाजियाबाद, दिल्ली, अयोध्या, मुंबई, मेरठ, देवघर, उज्जैन और वाराणसी सहित विभिन्न शहरों के मंदिरों में तड़के ब्रह्म मुहूर्त से भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पंचामृत पूजन शुरू हुआ. गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वरनाथ मंदिर में लंबी कतारों के बीच शाम को भव्य श्रृंगार और महाआरती का आयोजन निर्धारित है. जयपुर के मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए महिलाएं पारंपरिक लहरिया परिधान में पहुंचीं, जहां चढ़ाए गए फूल और बेलपत्र को रीसायकल कर खाद बनाने के लिए विशेष गाड़ी चलाई गई. हरिद्वार से गंगाजल लेकर आ रहे कांवड़ियों और दंडवत यात्रा करने वाले भक्तों में भारी उत्साह देखा गया, जिसमें 13 से 16 वर्ष की महिला कांवड़ यात्री भी 250 किलोमीटर पैदल सफर तय कर जल चढ़ाने पहुंचीं. इस पर्व पर चार पहर की पूजा और विशेष मुहूर्त का आध्यात्मिक महत्व बताया गया है.