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Solar Eclipse 2026: आज लगेगा सूर्य ग्रहण, खग्रास व वलयाकार के धार्मिक-वैज्ञानिक मायने..जानें गर्भवती महिलाएं क्या करें

सावन महीने की हरियाली अमावस्या पर साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण सूर्य ग्रहण लग रहा है. 18 साल बाद सावन में सूर्य ग्रहण का ऐसा दुर्लभ खगोलीय और ज्योतिषीय संयोग बन रहा है. यह सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 9:04 बजे से देर रात 1:27 बजे तक रहेगा, जबकि रात 11:17 बजे यह अपने चरम पर होगा. यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिससे देश में सूतक काल मान्य नहीं होगा और पूजा-पाठ या मंदिरों के कपाट बंद नहीं होंगे. गर्भवती महिलाओं और सामान्य जनजीवन पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. यह घटना ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस और अटलांटिक महासागर में दिखाई देगी. धार्मिक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विशेषज्ञों ने बताया कि ऋग्वेद, अथर्ववेद और मत्स्य पुराण के अनुसार यह समय सूर्य देव की उपासना, ध्यान और 'ओम नमः शिवाय' व महामृत्युंजय मंत्र के जाप के लिए विशेष माना गया है.