ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन वन में भटकते हुए भगवान श्री राम की मुलाकात पहली बार हनुमान जी से हुई थी। इस खास दिन पर बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें सिंदूर और चमेली के तेल या घी का चोला चढ़ाने का विशेष विधान है। चोला हमेशा पैरों से शुरू करके सिर की ओर चढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा, लखनऊ के गोमती नदी तट पर स्थित हनुमान सेतु मंदिर का भी विशेष महत्व है। 1960 के दशक में बाढ़ के दौरान बाबा नीब करौरी की सलाह पर इस मंदिर की स्थापना हुई थी। यहां भक्त अपनी मनोकामनाएं चिट्ठियों में लिखकर बजरंगबली तक पहुंचाते हैं। बड़े मंगल पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।