scorecardresearch

प्रार्थना हो स्वीकार

सृष्टि का पालन और ब्रह्मांड का संचालन करते हैं ब्रह्मदेव, जानिए महिमा और महाउपाय

07 जनवरी 2026

'प्रार्थना हूं स्वीकार' के इस विशेष अंक में एंकर गुंजन दीक्षित और पंडित शैलेंद्र पांडेय ने त्रिदेवों—ब्रह्मा, विष्णु और महेश की महिमा पर चर्चा की। पंडित शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि 'भगवान की नाभि से जो कमल निकलने पर जो ब्रह्मा जी का दर्शन हुआ तो इसलिए इनको नाभिज अज और कमरज भी कहा जाता है।' कार्यक्रम में विस्तार से बताया गया कि कैसे ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की और उनके चार मुख चारों वेदों—ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का प्रतिनिधित्व करते हैं.

माघ महीने में माधव की उपासना से दूर होंगे कष्ट, ज्योतिषाचार्य से जानें दान और स्नान का महत्व

06 जनवरी 2026

माघ का पवित्र महीना शुरू हो चुका है, जिसे 'माधव' का महीना भी कहा जाता है. इस विशेष बुलेटिन में एंकर गुंजन और ज्योतिषी पंडित शैलेंद्र पांडेय माघ मास के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर चर्चा कर रहे हैं. पंडित शैलेंद्र पांडेय के अनुसार, 'माघ का महीना पहले माध का महीना था जो बाद में माघ हो गया.' इस महीने में संगम तट पर कल्पवास, गंगा स्नान और तिल-गुड़ के दान का विशेष विधान है.

संतान की खुशहाली और संकट मुक्ति के लिए करें संकष्टी चतुर्थी का व्रत, जानिए विधि और नियम

05 जनवरी 2026

'हिंदू धर्म शास्त्र के मुताबिक हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है.' यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और जीवन के संकटों को दूर करने के लिए समर्पित है. कार्यक्रम में माघ महीने की चतुर्थी, जिसे तिल चतुर्थी भी कहा जाता है, के पूजन विधान और लाभों का विस्तार से वर्णन किया गया.

श्री राम के जीवन से हमें क्या सिख मिलती है? जानिए मर्यादा पुरुषोत्तम की महिमा

04 जनवरी 2026

मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जीवन आदर्शों की एक ऐसी गाथा है, जो हर युग में प्रासंगिक है। गुड न्यूज टुडे की इस खास पेशकश में एंकर सुनीता राइ शर्मा ने बताया कि कैसे भगवान राम ने एक आज्ञाकारी पुत्र, आदर्श भाई और न्यायप्रिय राजा के रूप में समाज के सामने उदाहरण पेश किया। 'राम के जीवन से हमें यह सीख मिलती है कि मर्यादा का पालन करते हुए कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धर्म का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।' इस बुलेटिन में रामेश्वरम धाम की महिमा और वहां स्थापित ज्योतिर्लिंग के इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, लंका विजय के बाद ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति के लिए भगवान राम ने स्वयं यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। यह स्थान आज भी शैव और वैष्णव दोनों संप्रदायों के लिए अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। रामेश्वरम का गलियारा विश्व का सबसे लंबा गलियारा माना जाता है, जिसमें 1212 स्तंभ हैं।

जानें राम रक्षा स्तोत्र की महिमा और रामटेक मंदिर का पौराणिक इतिहास

03 जनवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना' में एंकर गुंजन ने राम रक्षा स्तोत्र के आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व पर चर्चा की. कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि 'राम रक्षा स्तोत्र का पाठ काल के गाल में समाये व्यक्ति को भी वापस लाने की क्षमता रखता है'. इसके नियमित पाठ से न केवल अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है, बल्कि नकारात्मक ऊर्जा का भी नाश होता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 41 दिनों तक निरंतर पाठ करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र के नागपुर स्थित रामटेक मंदिर के इतिहास पर प्रकाश डाला गया, जहाँ वनवास के दौरान भगवान राम ने चार महीने व्यतीत किए थे. इसी पावन स्थल पर महाकवि कालिदास ने 'मेघदूत' की रचना की थी. यह स्तोत्र शारीरिक कष्टों और ग्रहों के दोषों के निवारण के लिए एक अचूक कवच माना जाता है

पौष पूर्णिमा पर सूर्य-चंद्रमा की उपासना से मिलेगा आरोग्य का वरदान, जानिए महत्व, पूजा के नियम और महाउपाय

02 जनवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर पूजा पराशर के साथ ज्योतिष विशेषज्ञ पंडित शैलेंद्र पांडेय ने पौष पूर्णिमा के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि 'पौष का महीना सूर्य देव का है और पूर्णिमा तिथि चंद्रमा की है, इन दोनों का अद्भुत संगम मनोकामनाएं पूर्ण करता है.' इस पावन तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान और विशेष मंत्रों के जाप से आरोग्य और मोक्ष का वरदान मिलता है.

खाटू श्याम के दर्शन से मनोकामनाएं होती हैं पूरी, जानिए खाटू श्याम और गोविंद देव जी महिमा

01 जनवरी 2026

इस विशेष रिपोर्ट में सुनीता राय शर्मा राजस्थान के प्रसिद्ध खाटू श्याम और जयपुर के गोविंद देव जी मंदिर की महिमा का वर्णन कर रही हैं। खाटू श्याम को 'हारे का सहारा' कहा जाता है, जिनका संबंध महाभारत के बर्बरीक से है। भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया था कि 'कलयुग में लोग तुम्हें खाटू श्याम के नाम से जानेंगे'। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे बर्बरीक ने अपना शीश दान किया और वे कलयुग के साक्षात देव बने। इसके साथ ही, जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी के मंदिर की वास्तुकला और इतिहास पर भी प्रकाश डाला गया है। यह मंदिर बिना किसी खंभे के बना है और इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। भक्त यहाँ कान्हा के मनमोहक स्वरूप के दर्शन करते हैं और अपनी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

माँ वैष्णो देवी की तीन पिंडियों का क्या है रहस्य और क्या है 5000 साल पुराना इतिहास? जानिए

31 दिसंबर 2025

गुड न्यूज टुडे के विशेष शो 'प्रार्थना और स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत माँ वैष्णो देवी के अलौकिक दरबार की महिमा का वर्णन कर रही हैं। जम्मू के त्रिकूट पर्वत पर स्थित इस मंदिर में महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती तीन पिंडियों के रूप में विराजमान हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया कि 'पांडवों ने भी अज्ञातवास काल में भगवती की पूजा की थी', जिससे इस स्थान की प्राचीनता 5000 वर्ष से अधिक मानी जाती है.

नवग्रहों की शांति के लिए कौन सा रत्न है सबसे शुभ, क्या है धारण करने की सही विधि? जानिए सबकुछ

30 दिसंबर 2025

'रत्न ग्रहों की ऊर्जा को शरीर की ऊर्जा से जोड़ते हैं, जिससे कमजोर ग्रहों को मजबूती मिलती है'. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य के लिए माणिक्य, चंद्रमा के लिए मोती और मंगल के लिए मूंगा धारण करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. इसी तरह बुध के लिए पन्ना, बृहस्पति के लिए पुखराज, शुक्र के लिए हीरा और शनि के लिए नीलम के विशेष लाभ और वैज्ञानिक आधार बताए गए हैं.

पुत्रदा एकादशी पर संतान सुख और बाधाओं की मुक्ति के क्या हैं अचूक महाउपाय, जानिए

29 दिसंबर 2025

पौष मास की पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान प्राप्ति और उनकी समस्याओं के निवारण के लिए अत्यंत फलकारी माना जाता है. शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत ने बताया कि इस दिन भगवान विष्णु के बाल स्वरूप की उपासना से उत्तम संतान का वरदान मिलता है. 'पुत्रदा एकादशी का व्रत संतान संबंधी हर चिंता और समस्या का निवारण' करने वाला है और इसके लिए राजा सुकेतु मान की पौराणिक कथा का विशेष महत्व है.

पूजा में फूलों का महत्त्व और मानसिक पूजा की विधि

28 दिसंबर 2025

'प्रार्थना हो स्वीकार' के इस विशेष अंक में जानिए ईश्वर की उपासना में फूलों का क्या महत्त्व है। शास्त्रों के अनुसार, देवी-देवताओं को उनके प्रिय फूल अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस वीडियो में विस्तार से बताया गया है कि भगवान शिव, विष्णु, गणेश और देवी दुर्गा को कौन से फूल चढ़ाने चाहिए और कौन से वर्जित हैं। साथ ही जानिए कि यदि पूजा के लिए वास्तविक फूल उपलब्ध न हों, तो 'मानसिक फूल' के जरिए कैसे आराधना की जा सकती है। गेंदा, गुलाब, कमल और गुड़हल के फूलों के ज्योतिषीय उपायों और उनसे होने वाले लाभों का भी वर्णन किया गया है। यह भी जानें कि किस तरह फूलों की सुगंध घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता लाती है।