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प्रार्थना हो स्वीकार

शत्रुओं पर विजय और कार्यों में सफलता के लिए ऐसे करें श्री हरि की उपासना

12 फरवरी 2026

विजया एकादशी का व्रत शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने और आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है. इस विशेष तिथि पर भगवान विष्णु की उपासना का विधान है. मान्यता है कि त्रेता युग में स्वयं भगवान श्री राम ने लंका विजय से पूर्व सागर तट पर इस व्रत को किया था, जिसके प्रभाव से उन्होंने रावण का अंत किया. इस दिन 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना विशेष फलदायी होता है. व्रत के दौरान तामसिक भोजन, चावल और बैंगन का त्याग करना चाहिए. शाम को आरती के बाद सात्विक आहार ग्रहण करें और अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन व दान देकर व्रत का पारण करें. यदि कोई शत्रुओं से परेशान है, तो उसे इस दिन शालिग्राम का पूजन और दक्षिणावर्ती शंख से अभिषेक करना चाहिए.

पूजा में फूलों का महत्व, मनोकामना पूर्ति और ग्रहों की शांति के लिए अपनाएं ये खास ज्योतिषीय उपाय

11 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में आज ज्योतिष शास्त्र में फूलों के महत्व पर चर्चा की गई. कार्यक्रम में बताया गया कि फूलों का संबंध सीधे तौर पर ग्रहों और देवी-देवताओं से होता है. 'सुगंधित फूल चढ़ाना भगवान की प्रसन्नता के लिए बहुत अच्छा काम करते हैं और फूलों के जो इत्र होते हैं, वह फल को कई गुना बढ़ा देते हैं.' चर्चा के दौरान बताया गया कि शिक्षा में सफलता के लिए मां सरस्वती को पीले या सफेद फूल अर्पित करने चाहिए, जबकि करियर में बाधा दूर करने के लिए मां काली को गुड़हल का फूल चढ़ाना लाभकारी होता है. इसके अलावा, धन लाभ के लिए मां लक्ष्मी को गुलाब और शीघ्र विवाह के लिए लक्ष्मी-नारायण को संयुक्त रूप से फूलों की माला अर्पित करने का सुझाव दिया गया है. कार्यक्रम में कर्नाटक के प्रसिद्ध कोटिलिंगेश्वर महादेव मंदिर की महिमा का भी वर्णन किया गया.

रीवा और मंडी के महामृत्युंजय मंदिरों की महिमा, 1001 छिद्रों वाले शिवलिंग और रंग बदलती शिव प्रतिमा

09 फरवरी 2026

इस विशेष कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के रीवा और हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित अद्भुत महामृत्युंजय मंदिरों की महिमा का वर्णन किया गया है. रीवा के मंदिर में 1001 छिद्रों वाला एक अनोखा सफेद स्वयंभू शिवलिंग है, जिसे भगवान के सहस्त्र नेत्र माना जाता है. मान्यता है कि यहाँ दर्शन मात्र से असाध्य रोगों और अकाल मृत्यु से मुक्ति मिलती है. वहीं मंडी के 'छोटी काशी' में स्थित महामृत्युंजय मंदिर में महादेव की काले पत्थर की चतुर्भुज प्रतिमा है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यह दिन में पांच बार अपना स्वरूप बदलती है. कार्यक्रम में महामृत्युंजय मंत्र की शक्ति और इसके जाप के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया है, जिसे 'वेद का हृदय' कहा जाता है. इन मंदिरों का इतिहास बघेल और मंडी के राजाओं के काल से जुड़ा है.

भक्ति का सबसे सरल मार्ग क्या है? जानिए सच्चे भक्त के लक्षण

08 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में आज भक्ति की महिमा और ईश्वर से जुड़ाव के रहस्यों पर चर्चा की गई. कार्यक्रम में बताया गया कि भक्ति केवल पूजा-पाठ नहीं, बल्कि निराकार परब्रह्म के प्रति सर्वस्व समर्पण का भाव है. शास्त्रों में वर्णित 'नवधा भक्ति' के माध्यम से कोई भी साधक ईश्वर तक पहुँच सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, ज्ञान और कर्मकांड का मार्ग अत्यंत कठिन है, जबकि भक्ति मार्ग सबसे सुलभ है जहाँ भक्त स्वयं को ईश्वर की इच्छा पर छोड़ देता है. इसके साथ ही, मध्य प्रदेश के आगर मालवा स्थित 'केवड़ा स्वामी भैरव धाम' की अद्भुत महिमा का वर्णन किया गया, जहाँ भगवान भैरव जंजीरों में बंधे हुए हैं. मान्यता है कि यहाँ दाल-बाटी का भोग लगाने से बाबा प्रसन्न होते हैं और शत्रुओं पर विजय का वरदान देते हैं.

जानिए श्रीमद् भगवत गीता का महत्व, 'कर्म कर फल की इच्छा मत कर' ही है जीवन का असली सार

07 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे की एंकर Gunjan इस विशेष रिपोर्ट में श्रीमद् भगवत गीता की महिमा और कलयुग में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाल रही हैं. Gunjan के अनुसार, 'गीता का सार है कि कर्म कर फल की इच्छा मत कर', जो मनुष्य को निष्काम कर्म की प्रेरणा देता है. इस कार्यक्रम में बताया गया कि गीता केवल एक धर्मग्रंथ नहीं बल्कि जीवन जीने की एक कला है, जो द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों का संकलन है. 18 अध्यायों और 700 श्लोकों वाला यह ग्रंथ मानवीय कल्याण, आत्मज्ञान और मोक्ष प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है. रिपोर्ट में गीता के नियमित पाठ, श्रवण और पूजन की सही विधि के साथ-साथ दान के महत्व को भी विस्तार से समझाया गया है, जिससे जीवन की नकारात्मकता दूर होती है.

मां माया देवी के दर्शन से दूर होगी हर बाधा, जानें क्या है महत्व

06 फरवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में आज बात हरिद्वार की अधिष्ठात्री देवी मां माया देवी की. मान्यता है कि हरिद्वार के इस पावन शक्तिपीठ पर माता सती का हृदय और नाभि गिरे थे, जिस कारण इसे ब्रह्मांड का केंद्र और ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है. 'माया देवी के दर्शन मात्र से सांसारिक मोह-माया के बंधन कट जाते हैं और मोक्ष के द्वार खुलते हैं.' कार्यक्रम में बताया गया कि मां माया देवी, मां मंशा और मां चंडी के साथ मिलकर हरिद्वार का रक्षा कवच बनाती हैं. यहाँ त्रिविध पापों के नाश के लिए विशेष पूजन, अनार और कमल के फूल अर्पित करने का महत्व है. इसके अलावा, व्यापार में उन्नति और कर्ज मुक्ति के लिए ज्योतिषीय उपायों और हलवा-पूरी के भोग की महिमा का भी वर्णन किया गया है.

द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी का क्या है महत्व, संतान सुख और धन प्राप्ति के लिए क्या उपाय करें? जानिए सबकुछ

04 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना और स्वीकार' में एंकर गुंजन दीक्षित ने द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी के महत्व पर चर्चा की. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की इस चतुर्थी को भगवान गणेश और चंद्रदेव की उपासना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है. गुंजन दीक्षित ने बताया कि 'द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी पर विघ्न विनाशक भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना का फल मिलता है, यह उपासना कभी भी खाली नहीं जाती है.' कार्यक्रम में संतान प्राप्ति, धन लाभ और विवाह बाधा दूर करने के लिए विशेष ज्योतिषीय उपायों की जानकारी दी गई.

हनुमान जी की अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का क्या है रहस्य और कैसे चमकेगी किस्मत? जानिए

03 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत ने हनुमान जी की अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों के अलौकिक प्रताप पर चर्चा की. कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बताया कि 'हनुमान जी को माता सीता से ये सिद्धियां प्राप्त हुई थीं, जो उन्हें सर्वशक्तिमान बनाती हैं.' गीतिका पंत ने विस्तार से समझाया कि अणिमा, महिमा, गरिमा जैसी आठ सिद्धियां और पद्म, महापद्म जैसी नौ निधियां क्या हैं और इनका महत्व क्या है.

मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में ब्रज की होली शुरू, रसिया गायन से भक्ति और उल्लास का दिखा संग

03 फरवरी 2026

असम के शिवसागर में 15,555 महिलाओं ने पारंपरिक असमिया भक्ति लोक गीत गाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया है. इस कार्यक्रम ने दिसंबर 2024 के 10,101 महिलाओं के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. वहीं, इसरो (ISRO) के चेयरमैन वी नारायण ने स्वामी थोपू अइया वैकुंडर पाठी मंदिर में पूजा-अर्चना की.

फाल्गुन मास का क्या है महत्व, इस माह कौन कौन से हैं त्योहार, कैसे करें भगवान कृष्ण की पूजा? जानिए सबकुछ

02 फरवरी 2026

गुड न्यूज टुडे की एंकर सरगम पंच श्रीवास्तव इस विशेष बुलेटिन में फाल्गुन मास के धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाल रही हैं. उन्होंने बताया कि 'फाल्गुन का महीना हिंदू पंचांग का अंतिम महीना है और इस बार यह 2 फरवरी से 3 मार्च तक रहेगा.' इस दौरान श्रीकृष्ण, महादेव और चंद्र देव की स्तुति का विशेष विधान है. सरगम ने जानकारी दी कि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि और 4 मार्च को होली मनाई जाएगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संतान प्राप्ति के लिए बाल कृष्ण, प्रेम के लिए युवा कृष्ण और ज्ञान के लिए गुरु कृष्ण की उपासना करनी चाहिए.

महाराष्ट्र का वो धाम जहां भगवान राम को मिला था ब्रह्मास्त्र, जानिए रामटेक धाम का रहस्य और महिमा

01 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे की एंकर Sunita Rai Sharma इस विशेष रिपोर्ट में महाराष्ट्र के नागपुर स्थित ऐतिहासिक रामटेक मंदिर की महिमा का वर्णन कर रही हैं. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में वनवास के दौरान भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने यहाँ चार महीने बिताए थे. Sunita Rai Sharma बताती हैं कि 'यही वह धाम है जहां भगवान राम को ऋषि अगस्त्य ने ब्रह्म अस्त्र का ज्ञान दिया था.' इस मंदिर की विशेषता यह है कि इसे बिना रेत के, केवल पत्थरों को एक-दूसरे पर रखकर बनाया गया है. यहाँ माता सीता की पहली रसोई के साक्ष्य भी माने जाते हैं. साथ ही, यह स्थान महाकवि कालिदास की कर्मस्थली रहा है, जहाँ उन्होंने 'मेघदूत' की रचना की थी. आधुनिक काल में इसे मराठा शासक रघुजी भोंसले ने भव्य रूप दिया.