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प्रार्थना हो स्वीकार

रविवार को सूर्य देव की उपासना से मिलेगा मान-सम्मान, जानें आदित्य हृदय स्तोत्र के अचूक उपाय

12 अप्रैल 2026

हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्य देव की उपासना के लिए विशेष माना जाता है। गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में सूर्य देव की महिमा और रविवार को किए जाने वाले अचूक उपायों के बारे में बताया गया है। मान्यता है कि सूर्य देव को नियमित अर्घ्य देने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है। विज्ञान भी मानता है कि सूर्य की किरणों से शरीर को विटामिन डी मिलता है, जिससे हड्डियां मजबूत होती हैं। कार्यक्रम में आदित्य हृदय स्तोत्र के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि अगस्त्य ने भगवान श्री राम को रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए इसी स्तोत्र का पाठ करने की सलाह दी थी। इसका नियमित पाठ करने से मुकदमों में जीत, प्रशासनिक सेवाओं में सफलता और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। इसके अलावा, रविवार के दिन नमक का त्याग करने और गुड़, गेहूं तथा तांबे का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

शनि की उपासना से हर संकट से मिलती है मुक्ति, साढ़ेसाती में किस सवारी से मिलता है शुभ या अशुभ फल?

11 अप्रैल 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में शनि देव के नौ वाहनों और साढ़ेसाती या ढैया के दौरान उनके प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव गधे, घोड़े, हाथी, भैंसे, शेर, सियार, कौवे, मोर और हंस पर सवार होकर आते हैं। व्यक्ति की कुंडली में शनि किस वाहन से प्रवेश करेंगे, इसका निर्धारण जन्म नक्षत्र और शनि के राशि बदलने की तिथि के नक्षत्र की संख्या को जोड़कर नौ से भाग देने पर बची शेष संख्या से होता है। हंस, घोड़े और मोर की सवारी को शुभ फलदायी माना गया है, जबकि गधे, हाथी और सियार की सवारी जीवन में संघर्ष और चुनौतियां लाती है। भैंसे, शेर और कौवे की सवारी मिले-जुले परिणाम देती है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया है कि शनि देव न्यायकर्ता हैं और व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं, इसलिए हमेशा सत्कर्म करने चाहिए।

शुक्र ग्रह की कृपा से चमकेगी किस्मत, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य पाने के अचूक ज्योतिषीय उपाय

10 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंत श्रीवास्तव शुक्र ग्रह के महत्व और जीवन पर इसके प्रभावों के बारे में चर्चा कर रही हैं। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख, समृद्धि, विलासिता और प्रेम का कारक माना गया है। कार्यक्रम में बताया गया कि यदि कुंडली में शुक्र मजबूत हो, तो व्यक्ति को भौतिक सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, जबकि इसके कमजोर होने पर दांपत्य जीवन और आर्थिक स्थिति में बाधाएं आती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, शुक्र को मजबूत करने के लिए मां लक्ष्मी की उपासना, 'ॐ शुं शुक्राय नमः' मंत्र का जाप, और महिलाओं का सम्मान करना अत्यंत फलदायी होता है। इसके अलावा, सफेद रंग के प्रयोग, इत्र के इस्तेमाल और शुक्रवार के व्रत से भी शुक्र के शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में शुक्र के स्वरूप और इसकी अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी के संबंध पर भी प्रकाश डाला गया है।

श्रीकृष्ण को क्यों प्रिय है मोरपंख और कैसे इसके छोटे उपाय दूर करते हैं कुंडली के नवग्रह दोष?

09 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत मोरपंख के आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व पर चर्चा कर रही हैं। भगवान श्रीकृष्ण के मुकुट की शोभा बढ़ाने वाला मोरपंख न केवल सौंदर्य का प्रतीक है, बल्कि यह कुंडली के नवग्रह दोषों को दूर करने में भी सक्षम है। शो में बताया गया कि कैसे राहु, केतु और कालसर्प दोष की शांति के लिए मोरपंख का उपयोग किया जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मोर का जन्म गरुड़ के पंख से हुआ और इंद्रदेव के वरदान से इसे सतरंगी आभा मिली। मोरपंख को घर के ईशान कोण में स्थापित करने से वास्तु दोष दूर होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा, एकाग्रता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को अपनी पुस्तकों में मोरपंख रखने की सलाह दी गई है। कार्यक्रम में शत्रुओं पर विजय और आर्थिक तंगी दूर करने के लिए भी मोरपंख के विशेष उपायों का वर्णन किया गया है।

परिवार में मधुरता बनाए रखने के लिए करें ये उपाय, रिश्ते का ग्रह से क्या है कनेक्शन? जानिए

08 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंच श्रीवास्तव ज्योतिष शास्त्र और पारिवारिक रिश्तों के गहरे संबंध पर चर्चा कर रही हैं। कार्यक्रम में बताया गया है कि कुंडली के नौ ग्रह किस प्रकार हमारे परिवार और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करते हैं। ज्योतिष के अनुसार, सूर्य पिता का, चंद्रमा माता का, मंगल भाई-बहन का, बुध ननिहाल पक्ष का और बृहस्पति संतान व ददिहाल पक्ष का कारक होता है। वहीं शुक्र दांपत्य जीवन और शनि अधीनस्थों के साथ रिश्तों का स्वामी है। यदि इन ग्रहों की स्थिति अशुभ हो, तो रिश्तों में तनाव और कड़वाहट पैदा हो सकती है। विशेषज्ञों ने इन दोषों को दूर करने के लिए विशेष महाउपाय साझा किए हैं, जैसे पिता के सम्मान से सूर्य और माता की सेवा से चंद्रमा को बल मिलता है। इसके अलावा हनुमान जी की उपासना, शिव पूजा और दान-पुण्य के माध्यम से ग्रहों को अनुकूल बनाकर जीवन में मधुरता लाने के तरीके बताए गए हैं।

हनुमान जी की पूजा से दूर होंगे सारे संकट, जानें अचूक मंत्र और उपाय

07 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंत श्रीवास्तव महाबली हनुमान की महिमा और उनके चमत्कारी उपायों के बारे में बता रही हैं। इस बुलेटिन में बताया गया है कि कैसे बजरंगबली की आराधना से जीवन की हर समस्या का समाधान संभव है। चाहे घर में कलह हो, नौकरी में तरक्की की बाधा हो या धन की कमी, हनुमान जी के विशेष मंत्रों और पूजा विधियों से इन संकटों को दूर किया जा सकता है। कार्यक्रम में वास्तु दोष दूर करने, सफलता पाने और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए 'बजरंग बाण' और 'राम रक्षा स्तोत्र' के महत्व पर प्रकाश डाला गया है। इसके साथ ही, सेहत, सुंदरता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हनुमान जी के विशिष्ट स्वरूपों के ध्यान और मंत्र जाप की विधि भी साझा की गई है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई पवनपुत्र की सेवा हर बिगड़े काम को बना देती है।

जीवन में कब बनता है धनयोग? कुंडली में धन योग और महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के महाउपाय जानिए

06 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना और स्वीकार' में एंकर गुंजन दीक्षित ने धन प्राप्ति और बचत से जुड़े ज्योतिषीय उपायों पर चर्चा की। कार्यक्रम में बताया गया कि कुंडली का छठा भाव धन की बचत और ग्यारहवां भाव आय को नियंत्रित करता है। बुध, शुक्र और बृहस्पति की स्थिति धन के प्रवाह और संचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ज्योतिष के अनुसार, यदि कुंडली में 'केमद्रुम योग' हो, तो व्यक्ति के पास धन नहीं टिकता। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्रीसूक्त के 16 मंत्रों का पाठ, कनकधारा स्तोत्र और लक्ष्मी यंत्र की स्थापना को फलदायी बताया गया है। साथ ही, घर में दक्षिणावर्ती या वामावर्ती शंख रखने और बड़ों व स्त्रियों का सम्मान करने को लक्ष्मी वास के लिए अनिवार्य माना गया है। कार्यक्रम में धन की बचत के लिए पन्ना या पुखराज धारण करने और रसोई की शुद्धता बनाए रखने की सलाह भी दी गई है।

बृहस्पति को मजबूत करने के लिए हल्दी, केसर और केले के चमत्कारी उपाय

05 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना स्वीकार' में एंकर सुनीता राय शर्मा बृहस्पति ग्रह को शांत और मजबूत करने के तीन विशेष उपायों के बारे में बता रही हैं। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सुख, ज्ञान, विवाह और सौभाग्य का कारक माना गया है। कार्यक्रम में बताया गया कि हल्दी, केसर और केले का पौधा बृहस्पति के प्रतीक हैं। हल्दी का प्रयोग न केवल नकारात्मकता दूर करता है, बल्कि अविवाहितों के विवाह की बाधाएं भी समाप्त करता है। वहीं केसर का तिलक लगाने और इसका सेवन करने से बुद्धि और वाणी की शक्ति बढ़ती है। भगवान विष्णु का स्वरूप माने जाने वाले केले के पौधे की पूजा करने से आर्थिक संपन्नता और संतान सुख की प्राप्ति होती है। यदि आपकी कुंडली में गुरु कमजोर है, तो गुरुवार को चने की दाल, गुड़ और हल्दी के इन विशेष प्रयोगों से आप अपनी किस्मत बदल सकते हैं।

रुद्राक्ष से शनि दोष और साढ़ेसाती से मिलेगी मुक्ति, जानें धारण करने के नियम

04 अप्रैल 2026

गुड न्यूज़ टुडे (GNT) के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में रुद्राक्ष के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न रुद्राक्ष को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख स्रोत माना गया है। यह शनि देव के प्रकोप, साढ़ेसाती और ढैया जैसी समस्याओं को दूर करने में अत्यंत लाभकारी है। कार्यक्रम में बताया गया कि मेष राशि के लिए 11 मुखी, वृषभ राशि के लिए 10 मुखी और कर्क राशि के लिए एक मुखी रुद्राक्ष पहनना अनुकूल होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रुद्राक्ष को सोना, चांदी या तांबे के साथ लाल अथवा पीले धागे में धारण करना चाहिए। इसे पूर्णिमा, अमावस्या या सोमवार के दिन पहनना शुभ माना गया है। इसके अलावा, रुद्राक्ष धारण करने के विशेष नियम भी बताए गए हैं, जैसे सोते समय इसे उतार देना चाहिए और विवाहित महिलाओं को इसे पहनने से बचना चाहिए। साथ ही, सूर्योपासना के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ का महत्व भी समझाया गया है।

वैशाख माह में विष्णु पूजन का महत्व, अक्षय तृतीया की महिमा और बांके बिहारी का भव्य फूल बंगला

03 अप्रैल 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत वैशाख माह (माधव मास) की महिमा पर चर्चा कर रही हैं। भारतीय पंचांग के इस दूसरे महीने में भगवान विष्णु, परशुराम और देवी की उपासना का विशेष विधान है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, इस माह में सूर्य मेष राशि में उच्च के होते हैं, जिससे जल दान और गंगा स्नान का पुण्य अक्षय हो जाता है। कार्यक्रम में अक्षय तृतीया, मोहिनी एकादशी और सीता नवमी जैसे प्रमुख पर्वों के महत्व को रेखांकित किया गया है। साथ ही, वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर में भीषण गर्मी से ठाकुर जी को शीतलता प्रदान करने के लिए 108 दिनों तक चलने वाली 'फूल बंगला' परंपरा का भी वर्णन किया गया है। विशेषज्ञों ने वैशाख में 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र के जाप और बेल के सेवन की सलाह दी है।

हनुमान जन्मोत्सव पर जानें अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों का रहस्य और उनके लाभ

02 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत हनुमान जी की अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों की महिमा पर प्रकाश डाल रही हैं। मान्यता है कि माता सीता ने हनुमान जी को ये अलौकिक शक्तियां और दिव्य धन प्रदान किए थे। कार्यक्रम में अनिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व जैसी आठ सिद्धियों के अर्थ और उनके प्रभाव को विस्तार से समझाया गया है। साथ ही, कुबेर और हनुमान जी के पास मौजूद नौ निधियों जैसे पद्म, महापद्म, नील और मुकुंद के महत्व पर भी चर्चा की गई है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, कलयुग में भी उत्तम चरित्र और मंगल व बृहस्पति ग्रहों की अनुकूल स्थिति से इन शक्तियों का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है। बुलेटिन में स्वास्थ्य, शिक्षा और धन प्राप्ति के लिए हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों की उपासना के विशेष उपाय भी बताए गए हैं।