scorecardresearch

प्रार्थना हो स्वीकार

जानें कमजोर बुध को बलवान करने के अचूक ज्योतिष उपाय

13 मई 2026

ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है. यह ग्रह व्यक्ति की बुद्धि, वाणी, एकाग्रता, त्वचा और सौंदर्य का मुख्य कारक माना जाता है. कुंडली में बुध के बलवान होने से व्यक्ति को तेज बुद्धि, मीठी वाणी और व्यापार में अपार सफलता मिलती है. वहीं, बुध के कमजोर होने पर कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कमजोर बुध के कारण त्वचा संबंधी रोग, कान, नाक और गले की बीमारियां, याददाश्त की कमी और धन की हानि हो सकती है. इसके अलावा गणित और आर्थिक मामलों में भी असफलता मिलती है. ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, कुछ आसान उपायों से बुध को मजबूत किया जा सकता है. इनमें भगवान गणेश और विष्णु की पूजा करना, भोजन में हरी सब्जियों का प्रयोग, हरे कपड़े पहनना, गायत्री मंत्र का जाप और पन्ना या ओनेक्स रत्न धारण करना शामिल है. इन महाउपायों को अपनाकर व्यक्ति अपने जीवन में सफलता, रूप और सौंदर्य का वरदान प्राप्त कर सकता है

अपरा एकादशी पर श्री हरि की पूजा का महत्व, जानें व्रत के नियम और विष्णु गायत्री मंत्र के लाभ

12 मई 2026

ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी या अचला एकादशी के नाम से जाना जाता है। गुड न्यूज़ टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में अपरा एकादशी के महत्व और पूजा विधि के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु के त्रिविक्रम स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को अपार धन, यश और पापों से मुक्ति मिलती है। पुराणों के अनुसार, इस व्रत के पुण्य से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल सकती है। एकादशी के दिन निर्जल या फलाहारी व्रत रखा जा सकता है। इस दिन पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु को अक्षत, पुष्प, पंचमेवा और तुलसी दल अर्पित करना चाहिए। 'ओम नमो भगवते वासुदेवाय' और विष्णु गायत्री मंत्र का जाप करने से मानसिक शुद्धि और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है। इसके अलावा, पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाने और दीप जलाने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।

नवग्रहों के दोष दूर करने वाले शक्तिशाली मंत्र, जो जीवन में लाएंगे अपार सफलता और खुशहाली

11 मई 2026

गुड न्यूज टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में नवग्रहों को मजबूत करने और जीवन की परेशानियों को दूर करने वाले शक्तिशाली मंत्रों के बारे में बताया गया है। ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की दशा और दिशा का सीधा असर इंसान के जीवन पर पड़ता है। अगर ग्रह कमजोर हों, तो स्वास्थ्य, धन और मानसिक शांति में बाधाएं आती हैं। इस कार्यक्रम में सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु को बलवान बनाने के लिए विशेष बीज मंत्रों की जानकारी दी गई है। जैसे सूर्य के लिए 'ॐ आदित्याय नमः', चंद्रमा के लिए 'ॐ सोम सोमाय नमः' और शनि के लिए 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करना लाभकारी होता है। इसके अलावा, ग्रहों के दोष दूर करने के लिए भगवान विष्णु और शिव की आराधना, पशु-पक्षियों को जल पिलाने, हनुमान चालीसा का पाठ करने और दान-पुण्य जैसे आसान महाउपाय भी बताए गए हैं। इन उपायों को अपनाकर जीवन में सुख, शांति और संपन्नता लाई जा सकती है।

सूर्य उपासना से दूर होंगे नेत्र और हृदय रोग, जानें चक्षुषी विद्या और अचूक ज्योतिष उपाय

10 मई 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में सूर्य उपासना के महत्व और सूर्य से संबंधित बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र और विज्ञान दोनों के अनुसार, सूर्य शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। कुंडली में सूर्य के कमजोर होने से व्यक्ति को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कमजोर सूर्य के कारण मुख्य रूप से नेत्र रोग, हड्डियों की समस्या और हृदय रोग हो सकते हैं। कार्यक्रम में बताया गया है कि सूर्य की कमजोरी से आंखों में ग्लूकोमा और मोतियाबिंद जैसी परेशानियां हो सकती हैं। नेत्र रोगों से बचाव के लिए 'चक्षुषी विद्या' का प्रयोग बेहद लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, हड्डियों की मजबूती और हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करने, आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने और तांबे का छल्ला धारण करने जैसे उपाय बताए गए हैं। रविवार के दिन सूर्य की विशेष उपासना करने से आत्मबल बढ़ता है और नकारात्मकता दूर होती है।

शनिदेव के 5 चमत्कारी धाम, साढ़ेसाती और ढैया से मुक्ति के अचूक उपाय और पूजा विधि

09 मई 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में शनिदेव के पांच चमत्कारी धामों की महिमा बताई गई है। ज्योतिष के अनुसार, शनिदेव न्याय के देवता हैं जो मनुष्य को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। देश में शनिदेव के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनमें महाराष्ट्र का शनि शिंगणापुर, मध्य प्रदेश का जूनी इंदौर और ग्वालियर-मुरैना सीमा पर स्थित शनिचरा मंदिर प्रमुख हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ और दिल्ली के फतेहपुर बेरी में भी शनिदेव के सिद्ध धाम मौजूद हैं। मान्यता है कि इन मंदिरों में दर्शन और तैल अभिषेक करने से शनि की साढ़ेसाती, ढैया और अन्य कष्टों से मुक्ति मिलती है। शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए काले तिल, तेल, काले वस्त्र और उड़द का दान करना चाहिए। साथ ही शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है। जो व्यक्ति धर्म के मार्ग पर चलता है, शनिदेव हमेशा उसका कल्याण करते हैं।

ग्रहों की चाल से है बीमारियों का संबंध, जानिए नवग्रहों से जुड़े रोग और उनके अचूक ज्योतिषीय उपाय

08 मई 2026

गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में ज्योतिष और बीमारियों के गहरे संबंध पर चर्चा की गई. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बीमारियों का सीधा संबंध ग्रहों की चाल से होता है. कमजोर ग्रह व्यक्ति को बीमार कर सकते हैं, जबकि बलवान ग्रह उत्तम स्वास्थ्य देते हैं. कार्यक्रम में बताया गया कि सूर्य और शुक्र के कमजोर होने से त्वचा और पेट के रोग होते हैं. चंद्रमा मानसिक रोग और सर्दी-जुकाम का कारण बनता है, जबकि मंगल रक्तचाप और संक्रमण से जुड़ा है. बुध तंत्रिका तंत्र, बृहस्पति मधुमेह, शनि हड्डियों के रोग और राहु-केतु असाध्य बीमारियों का कारण बनते हैं. इन बीमारियों से बचने के लिए अचूक ज्योतिषीय उपाय भी बताए गए हैं. चंद्रमा को मजबूत करने के लिए चांदी के गिलास में पानी पीने, त्वचा रोगों के लिए सूर्य की उपासना करने और पेट की समस्याओं के लिए तांबे के बर्तन का उपयोग करने की सलाह दी गई है. इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप और नवग्रहों की शांति के उपाय भी लाभकारी माने गए हैं.

जानें देवी-देवताओं की पूजा के अचूक ज्योतिषीय उपाय

07 मई 2026

सनातन धर्म में जीवन की हर समस्या के समाधान के लिए अलग-अलग देवी-देवताओं की पूजा का विधान है। मान-सम्मान की प्राप्ति के लिए सूर्य देव को जल अर्पित करना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना फलदायी माना जाता है। विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए मां दुर्गा की उपासना और अर्गला स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। वहीं, नौकरी और रोजगार में सफलता के लिए भगवान विष्णु और शनि देव की आराधना करनी चाहिए। व्यापार में उन्नति के लिए मां लक्ष्मी की पूजा और श्री सूक्त का पाठ विशेष लाभ देता है। उत्तम स्वास्थ्य और अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए भगवान शिव का महामृत्युंजय मंत्र जपना चाहिए। इसके अलावा, कर्ज और मुकदमों से मुक्ति पाने के लिए हनुमान जी और मां बगलामुखी की साधना अचूक मानी जाती है। इन ज्योतिषीय उपायों और मंत्रों के सही उच्चारण से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।

चंदन के चमत्कारी फायदे: शिव-विष्णु की पूजा में है विशेष महत्व

06 मई 2026

गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम 'प्रार्थना और स्वीकार' में माथे पर चंदन लगाने के धार्मिक, ज्योतिषीय और वैज्ञानिक महत्व को बताया गया है। चंदन को शांति का प्रतीक माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव और विष्णु को चंदन अत्यंत प्रिय है। शिवलिंग पर चंदन का लेप करने से महादेव प्रसन्न होते हैं, जबकि विष्णु जी को सफेद चंदन अर्पित करने से लक्ष्मी जी की कृपा मिलती है। ज्योतिष के अनुसार, माथे पर चंदन का तिलक लगाने से आज्ञा चक्र सक्रिय होता है, जिससे मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ती है। ग्रहों की शांति के लिए भी चंदन के उपाय बताए गए हैं। लाल चंदन हनुमान जी को अर्पित करने से शनि-मंगल दोष शांत होते हैं। राहु-केतु के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए चंदन के टुकड़े को नीले कपड़े में बांधकर शनिवार को गले में धारण करने की सलाह दी गई है। दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए सफेद चंदन की लकड़ी मंदिर में दान करने का उपाय बताया गया है। चंदन हमेशा भगवान को अर्पित करने के बाद ही मस्तक पर लगाना चाहिए।

ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल, जानें बजरंगबली की पूजा विधि और चोला चढ़ाने का सही तरीका

05 मई 2026

ज्येष्ठ महीने के पहले मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन वन में भटकते हुए भगवान श्री राम की मुलाकात पहली बार हनुमान जी से हुई थी। इस खास दिन पर बजरंगबली की विशेष पूजा-अर्चना करने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं। हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें सिंदूर और चमेली के तेल या घी का चोला चढ़ाने का विशेष विधान है। चोला हमेशा पैरों से शुरू करके सिर की ओर चढ़ाया जाना चाहिए। इसके अलावा, लखनऊ के गोमती नदी तट पर स्थित हनुमान सेतु मंदिर का भी विशेष महत्व है। 1960 के दशक में बाढ़ के दौरान बाबा नीब करौरी की सलाह पर इस मंदिर की स्थापना हुई थी। यहां भक्त अपनी मनोकामनाएं चिट्ठियों में लिखकर बजरंगबली तक पहुंचाते हैं। बड़े मंगल पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।

घर में तुलसी का पौधा लगाने के फायदे, वास्तु दोष होगा दूर और बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा

04 मई 2026

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का विशेष धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। मान्यता है कि घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि आती है। तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना गया है, इसलिए जहां तुलसी होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तु दोष दूर होते हैं। इसे कभी भी दक्षिण दिशा में नहीं लगाना चाहिए। विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार, तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट गुण और ऑक्सीजन की भरपूर मात्रा होती है। इसके पत्तों का सेवन सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों से बचाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। शास्त्रों में एकादशी, रविवार और ग्रहण के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ने की मनाही है। यदि तुलसी का पौधा सूख जाए, तो उसे पवित्र नदी में प्रवाहित कर तुरंत नया पौधा लगाना चाहिए। नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने और शाम को घी का दीपक जलाने से घर में दरिद्रता दूर होती है।

माथे पर तिलक लगाने से कैसे दूर होते हैं कुंडली के दोष और शांत होते हैं नवग्रह

03 मई 2026

हिंदू धर्म में माथे पर तिलक लगाने का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, तिलक लगाने से न केवल सौभाग्य की प्राप्ति होती है बल्कि कुंडली के दोष भी दूर होते हैं। मुख्य रूप से चंदन, रोली, केसर, भस्म और कुमकुम का तिलक लगाया जाता है। दोनों भौंहों के बीच आज्ञा चक्र पर तिलक लगाने से मस्तिष्क की तंत्रिकाएं शांत होती हैं और मन एकाग्र होता है। चंदन का तिलक लगाने से क्रोध शांत होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इसके अलावा, तिलक के प्रयोग से नवग्रहों को भी मजबूत किया जा सकता है। सूर्य के लिए लाल चंदन, चंद्रमा के लिए सफेद चंदन, मंगल के लिए नारंगी सिंदूर, बुध के लिए अष्टगंध, बृहस्पति के लिए केसर और शुक्र के लिए रोली का तिलक लगाना शुभ माना जाता है। तिलक हमेशा स्नान के बाद पहले अपने इष्ट देवता को और फिर स्वयं को लगाना चाहिए।