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प्रार्थना हो स्वीकार

बृहस्पति की कृपा से करियर में मिलेगी सफलता, जानिए नौकरी में तरक्की पाने के ज्योतिषीय उपाय

12 मार्च 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में शुगुफ्ता साहिल देव ने नौकरी में तरक्की पाने के ज्योतिषीय उपायों के बारे में बताया। कार्यक्रम में बताया गया कि नौकरी और करियर गुरु ग्रह बृहस्पति के अधीन होते हैं और बृहस्पति को बलवान बनाकर नौकरी में तरक्की पाई जा सकती है। जानकारों के अनुसार, बृहस्पति वित्त, कानून और शिक्षा से संबंध रखते हैं। कार्यक्रम में कुछ उपाय बताए गए जिनमें बृहस्पतिवार को केले की जड़ में जल डालना, चने की दाल और केले का दान करना, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना, हल्दी मिलाकर सूर्य को जल अर्पित करना और पीले रंग का रुमाल साथ रखना शामिल हैं। बृहस्पति की कृपा से कानूनी मामलों और आर्थिक परेशानियों से भी राहत मिल सकती है। शिक्षा के क्षेत्र में तरक्की के लिए भी बृहस्पति के उपाय कारगर बताए गए।

सूर्य यंत्र की पूजा से प्रसन्न होते हैं भगवान भास्कर

11 मार्च 2026

गुड न्यूज़ टुडे के शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में सूर्य यंत्र की पूजा विधि और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। रविवार को सूर्य देव की उपासना का दिन माना जाता है और इस दिन सूर्य यंत्र की पूजा शुभ फलदायी मानी जाती है। सूर्य यंत्र दो प्रकार से बनाया जाता है - कांसे या स्वर्ण से, और भोजपत्र या श्वेत वस्त्र पर लाल चंदन से। ज्योतिष के अनुसार जिनकी कुंडली में सूर्य कमजोर हो, उन्हें सूर्य यंत्र की स्थापना करनी चाहिए। यंत्र की स्थापना रविवार को करें और 'ओम् घृणी सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें। सूर्य यंत्र से मान-सम्मान मिलता है, नेत्र और हृदय रोगों में लाभ होता है, सरकारी मामलों में सफलता मिलती है। शो में बताया गया कि पिता का सम्मान करना और रविवार को उपवास रखना भी सूर्य को प्रसन्न करने के उपाय हैं।

मंगलवार को हनुमान जी की उपासना से जीवन के संकट होते हैं दूर, जानें चमत्कारी मंत्र

10 मार्च 2026

प्रार्थना हो स्वीकार कार्यक्रम में बताया गया कि मंगलवार को हनुमान जी की उपासना परम फलदायी मानी जाती है। इस दिन हनुमान जी के मंत्रों के जाप से जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो सकते हैं। कार्यक्रम में कई चमत्कारी मंत्रों की जानकारी दी गई। धन-संपत्ति की समस्या के लिए 'ओम श्री हनुमते नमः', विजय के लिए 'ओम वीरा वीराय नमः', रोजगार के लिए 'ओम पिंगाक्षाय नमः', और मान-सम्मान के लिए 'ओम व्यापकाय नमः' मंत्र का जाप करना लाभकारी बताया गया। बताया गया कि मंगलवार को मंदिर जाकर हनुमान जी के सामने चालीसा का पाठ करने, बूंदी या लड्डू का भोग लगाने और निश्चित संख्या में मंत्र जाप करने से हर प्रकार की समस्या का समाधान हो सकता है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि संकट मोचन मंत्र 'ओम नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्व शत्रु संहारणाय, सर्व रोग हराय, सर्व वशीकरणाय रामदूताय स्वाहा' सबसे शक्तिशाली माना जाता है।

मां शीतला की पूजा से मिलता है निरोगी काया का आशीर्वाद, जानिए क्या है शीतलाष्टमी का विधान?

09 मार्च 2026

गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकारो' में शीतला अष्टमी पर्व की विस्तृत जानकारी दी गई। यह पर्व चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। मां शीतला को मां भगवती दुर्गा का ही रूप माना जाता है। स्कंद पुराण में इनका उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि इनकी पूजा से चेचक और संक्रामक बीमारियों से रक्षा होती है। इस दिन बासी भोजन ग्रहण करने की परंपरा है जिसे बसौड़ा कहते हैं। इसके बाद गर्मी और बरसात के मौसम में ताजा भोजन करने का संदेश दिया जाता है। मां शीतला के हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते होते हैं जो स्वच्छता और समृद्धि के प्रतीक हैं। पूजा विधान में सप्तमी को भोजन तैयार कर अष्टमी को मां को भोग लगाया जाता है। अमृतसर के लोहागढ़ द्वार के पास स्थित मां शीतला का मंदिर दूसरे स्वर्ण मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है।

घर का मुख्य द्वार, रसोई और शयन कक्ष किस दिशा में बनाएं? जानें घर का वास्तु शास्त्र

08 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम प्रार्थना हो स्वीकार में एंकर गुंजन दीक्षित ने वास्तु शास्त्र के अनुसार घर बनाने के नियमों के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में बताया गया कि 'किसी भी व्यक्ति को अपने उत्तर पूर्व में स्वच्छता रखने से, पवित्रता रखने से, मंदिर स्थापित करने से व्यक्ति के घर में शुभता आती है।' वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार पूर्व या उत्तर दिशा में होना चाहिए। रसोई के लिए दक्षिण पूर्व दिशा यानी आग्नेय कोण सर्वोत्तम है। शयन कक्ष उत्तर पश्चिम या दक्षिण पश्चिम दिशा में होना चाहिए। पूजा कक्ष के लिए उत्तर पूर्व कोना सबसे अच्छा माना गया है। सीढ़ियां दक्षिण दिशा में होनी चाहिए और घड़ी की सुई की दिशा में घूमनी चाहिए। मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति अंदर की ओर लगानी चाहिए।

किन रत्नों से दूर हो सकती हैं आपकी बुरी आदतें? जानिए कौन-से मोती बनाएंगे आपको सफल?

07 मार्च 2026

Good News Today के शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में ज्योतिष में रत्नों के प्रभाव पर चर्चा की गई। बताया गया कि गुस्सा, नशा, आलस और बदजुबानी जैसी बुरी आदतों से छुटकारा पाने के लिए कुछ खास रत्न धारण किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने समझाया कि ग्रहों की स्थिति के कारण बुरी आदतें पैदा होती हैं और रत्न धारण करने से इन ग्रहों का प्रभाव संतुलित हो सकता है। नशे की आदत छुड़ाने के लिए जमुनिया और मैलाकाइट, गुस्से और बदजुबानी से निजात के लिए सुनहला और मोती, आलस्य दूर करने के लिए गार्नेट रत्न की सलाह दी गई। मोती के फायदे और नुकसान पर विस्तार से बताया गया। कहा गया कि मेष, कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न के लिए मोती शुभ है जबकि वृष, मिथुन, कन्या, मकर और कुंभ लग्न के लिए अशुभ। कुंडली जांच कर ज्योतिषी की सलाह पर ही रत्न धारण करने की सलाह दी गई।

रंग पंचमी: राधा-कृष्ण की होली, देवताओं का आगमन और रंगों का ज्योतिषीय महत्व

06 मार्च 2026

गुड न्यूज टुडे के कार्यक्रम 'प्रार्थना और स्वीकार' में रंग पंचमी के त्योहार का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया. होली के पांचवें दिन मनाई जाने वाली रंग पंचमी को देवताओं की होली भी कहा जाता है. मान्यता है कि इसी दिन श्री कृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी और स्वर्ग से देवी देवताओं ने उन पर पुष्पों की वर्षा की थी. कार्यक्रम में बताया गया कि इस दिन श्री कृष्ण और राधा रानी को रंग लगाया जाता है तथा लक्ष्मी नारायण की पूजा का विशेष महत्व होता है. रंग पंचमी का सबसे भव्य आयोजन इंदौर में देखने को मिलता है, जहां पूरा शहर रंगों में सराबोर हो जाता है. मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में यह त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. कार्यक्रम में ज्योतिष के अनुसार विभिन्न रंगों के महत्व और उनके ग्रहों से संबंध की भी विस्तृत जानकारी दी गई.

दान की महिमा और विधान, राशि अनुसार करें दान, ग्रहों की बाधा होगी दूर

05 मार्च 2026

गुड न्यूज टुडे के प्रोग्राम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर पूजा ने दान की महिमा और विधान को विस्तार से समझाया. कार्यक्रम में बताया गया कि सनातन संस्कृति में दान की महिमा अपरंपार है. ज्योतिष जानकार मानते हैं कि दान करने से जीवन की तमाम परेशानियों का अंत खुद ब खुद होने लगता है. अन्न दान, जल दान और विद्या दान को अनिवार्य बताया गया है. अलग-अलग ग्रहों के हिसाब से अलग-अलग वस्तुओं का दान करने से विभिन्न समस्याओं का समाधान होता है. कार्यक्रम में राशि अनुसार दान के नियम भी बताए गए। मेष राशि वालों को सूर्य का दान नहीं करना चाहिए, वृष राशि वालों को शनि और लोहे का दान नहीं करना चाहिए. इसके अलावा प्लास्टिक, झाड़ू, स्टील की वस्तुओं और पहने हुए कपड़ों का दान अशुभ माना जाता है.

ब्रज में 40 दिनों तक चलती है होली, आखिर क्यों खेलते हैं लट्ठमार होली?

04 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम प्रार्थना हो स्वीकार में ब्रजमंडल की होली की अनोखी परंपराओं को दिखाया गया। ब्रज में होली बसंत पंचमी से लेकर फागुन पूर्णिमा तक पूरे 40 दिनों तक खेली जाती है। यह परंपरा 5000 साल से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली विश्व प्रसिद्ध है जिसमें महिलाएं पुरुषों पर लट्ठ बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। 24 फरवरी को बरसाना में लड्डूमार होली, 25 फरवरी को बरसाना में लट्ठमार होली, 26 फरवरी को नंदगांव में लट्ठमार होली और 28 फरवरी को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों की होली खेली गई। मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में फुलडोल उत्सव और रंगभरी एकादशी से लेकर धुलंडी तक होली मनाई जाती है। राधा-कृष्ण के पवित्र प्रेम की निशानी ये परंपराएं आज भी जीवित हैं।

होली की शाम करें ये उपाय, मिलेगा सुख और समृद्धि का वरदान

03 मार्च 2026

गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम प्रार्थना हो स्वीकार में होली के अवसर पर विशेष ज्योतिषीय उपाय बताए गए। कार्यक्रम में बताया गया कि शुक्र दो तारीख से सूर्योदय के बाद अपनी उच्च राशि मीन में रहेंगे जहां उनके साथ शनि का संयोग बनेगा। होली की शाम से जुड़े कई उपाय बताए गए जिनमें खुशहाली के लिए चंद्रमा को सफेद फूल डालकर अर्घ्य देना, सेहत के लिए ओम सोम सोमाय नमः मंत्र का जाप, प्रेम सफलता के लिए राधा कृष्ण को गुलाब की माला चढ़ाना शामिल है। विवाह में देरी के लिए शिव को इलायची चढ़ाने और होलिका में सात लौंग डालने का उपाय बताया गया। चंद्र ग्रहण के बाद राशि अनुसार दान करने की सलाह दी गई जिसमें मेष और कन्या राशि वालों को सफेद मिठाई, वृष और धनु को दूध, कर्क को चावल का दान करना चाहिए। होलिका दहन तीन मार्च को शाम छह बजकर छियालीस मिनट के बाद करना उचित बताया गया।

होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण की छाया, जानें शुभ मुहूर्त और मनोकामना पूर्ति के उपाय

02 मार्च 2026

Good News Today के कार्यक्रम प्रार्थना हो स्वीकार में होलिका दहन और चंद्र ग्रहण से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। इस वर्ष होलिका दहन 3 मार्च को शाम 6:46 बजे चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद किया जाना उचित होगा। ज्योतिषी बताते हैं कि भद्रा काल में होलिका दहन नहीं करना चाहिए और रात 11:30 से 12:50 के बीच का समय शुभ मुहूर्त है। चंद्र ग्रहण 3 मार्च को शाम 6 बजे से शुरू होगा जो लगभग 48 मिनट का रहेगा। यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र पर लगेगा। सूतक काल सुबह 9:38 बजे से शुरू होगा। होलिका दहन के दौरान काले तिल, हरी इलायची, कपूर, चंदन की लकड़ी और हवन सामग्री अर्पित करने से विभिन्न समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी रखनी चाहिए। 4 मार्च को रंग वाली होली खेली जाएगी।