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प्रार्थना हो स्वीकार

विवाह में देरी के 4 ज्योतिषीय कारण और उनके अचूक समाधान क्या हैं? जानिए

21 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंच श्रीवास्तव ने विवाह में होने वाले विलंब के ज्योतिषीय कारणों पर चर्चा की है. सरगम पंच श्रीवास्तव के अनुसार, 'शनि चंद्र का विष योग अक्सर विवाह में विलंब कराता है और इस योग के कारण व्यक्ति पहले विवाह करना नहीं चाहता.' कार्यक्रम में बताया गया कि कुंडली के सप्तम भाव में बृहस्पति की स्थिति, विशेषकर महिलाओं के लिए, विवाह में बाधा उत्पन्न कर सकती है. इसके अलावा, शुक्र और चंद्र की युति तथा शुक्र की अशुभ स्थिति भी विवाह में देरी के मुख्य कारण हैं. समाधान के तौर पर सरगम पंच श्रीवास्तव ने भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त उपासना, 16 सोमवार के व्रत और कुंडली के अनुसार पुखराज या ओपल जैसे रत्न धारण करने की सलाह दी है. पुरुषों के लिए शुक्र को मजबूत करने हेतु शुक्रवार का व्रत और देवी की उपासना को प्रभावी बताया गया है.

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की पौराणिक परंपरा का शुभारंभ, 2026 की चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत हुई

21 जनवरी 2026

बद्रीनाथ धाम की 2026 चारधाम यात्रा की पौराणिक परंपराओं के साथ औपचारिक शुरुआत हो गई है. जोशीमठ के नरसिंह मंदिर से योग बद्री पांडुकेश्वर पहुंचा घड़ा विशेष पूजा के बाद टिहरी राजदरबार के लिए रवाना किया गया है. '23 जनवरी को बसंत पंचमी पर टिहरी राजदरबार में कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त निकलेगा और इसी दिन बद्रीनाथ यात्रा की तिथि घोषित की जाएगी.' इसके साथ ही प्रयागराज के माघ मेले में श्रद्धालुओं का तांता लगा है, जहां साइबेरियन पक्षी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. दिल्ली में गणतंत्र दिवस की तैयारियां जोरों पर हैं और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने 22वें सुब्रत मुखर्जी सेमिनार में शिरकत की. वहीं, बाराबंकी के गढ़ रियन पुरवा गांव में 79 साल बाद पहली बार बिजली पहुंचने से ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया.

नासिक के कालाराम मंदिर में बिना धनुष-बाण के काले रंग में विराजते हैं श्रीराम, लेकिन क्यों, क्या है रहस्य? देखिए ये खास रिपोर्ट

20 जनवरी 2026

पंचवटी स्थित इस मंदिर के बारे में मान्यता है कि 'प्रभु रामचंद्र जी ने यहां राक्षसों का काल बनकर केवल डेढ़ मुहूर्त में 14,000 असुरों का वध किया था।' इसी कारण उन्हें यहाँ 'कालाराम' कहा जाता है। यह विश्व का संभवतः अकेला ऐसा मंदिर है जहाँ भगवान राम के हाथों में धनुष-बाण नहीं है; उनका एक हाथ हृदय पर है और दूसरा वरदान देने की मुद्रा में है। मंदिर का निर्माण 1782 में पेशवा के सरदार रंगराव ओढेकर ने काले पत्थरों से करवाया था। यहाँ राम, लक्ष्मण और सीता माता की मूर्तियाँ श्याम वर्ण की हैं। मंदिर परिसर में स्थित हनुमान मंदिर में 40 स्तंभ हैं, जो हनुमान चालीसा का प्रतीक माने जाते हैं। यहाँ की आरती परंपरा और स्थापत्य कला रामायण काल की स्मृतियों को जीवंत करती है।

गुप्त नवरात्रि का क्या है महत्व, कैसे करें 10 महाविद्याओं की साधना, क्या है पूजा विधान? जानिए सबकुछ

19 जनवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में माघ मास की गुप्त नवरात्रि की महिमा और इसके आध्यात्मिक महत्व पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि 'गुप्त नवरात्र में पूजा और मनोकामना जितनी गोपनीय होगी, सफलता उतनी ही ज्यादा मिलेगी.' इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य नवरात्रि में जहां मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है, वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्याओं जैसे काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी और बगलामुखी की तांत्रिक साधना का विधान है.

खुशबू से चमकेगा भाग्य और दूर होगा जीवन का दुर्भाग्य

18 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास शो 'प्रार्थना हो स्वीकार' में सुगंध के विज्ञान और इसके ज्योतिषीय महत्व पर चर्चा की गई. शो में बताया गया कि 'सुगंध का संबंध कुंडली के बुध ग्रह से है और इसके सही इस्तेमाल से जीवन की कई समस्याएं दूर की जा सकती हैं.' विशेषज्ञों के अनुसार, सुगंध न केवल एकाग्रता बढ़ाती है बल्कि मानसिक तनाव और नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर करती है. मोगरे की खुशबू से शुक्र ग्रह मजबूत होता है, जबकि चंदन और गूगल की सुगंध पूजा स्थान के लिए लाभकारी मानी गई है. शो में प्राकृतिक और रासायनिक सुगंधों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए बताया गया कि रासायनिक सुगंध स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है. इसके अलावा, घर में लोबान और कपूर जलाने के फायदों पर भी प्रकाश डाला गया.

मौनी अमावस्या पूरी करेगी हर मनोकामना, जानिए इस दिन पर स्नान और दान का विशेष महत्व

17 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर गुंजन ने माघ मास की मौनी अमावस्या के आध्यात्मिक महत्व पर चर्चा की. इस दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि 'माघ मास की अमावस्या पर मौन रहकर स्नान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और यह तिथि पितरों की मुक्ति का मार्ग खोलती है.' रिपोर्ट के अनुसार, प्रयागराज संगम में आस्था की डुबकी लगाने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है. इस दिन भगवान विष्णु और शिव की संयुक्त उपासना का विधान है. यदि आप पवित्र नदी तक नहीं जा सकते, तो घर पर ही जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं. इसके अलावा, पितृ दोष से मुक्ति के लिए सफेद वस्तुओं का दान और राहु-केतु की शांति के लिए काले तिल व उड़द के दान को अत्यंत लाभकारी बताया गया है.

शुक्र प्रदोष पर कैसे करें महादेव की पूजा और कैसे पाएं सुख-समृद्धि का वरदान? जानिए विधि और महाउपाय

16 जनवरी 2026

'शुक्र प्रदोष के दिन कुंडली के शुक्र को भी बलवान किया जा सकता है' और यह तिथि जीवन की हर इच्छा पूर्ण करने वाली है। कार्यक्रम में महादेव और माता पार्वती की पूजा विधि का विस्तार से वर्णन किया गया है, जिसमें पंचामृत स्नान और 'ओम नमः शिवाय' मंत्र के जाप पर जोर दिया गया है। Sunita Rai Sharma ने विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के लिए विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के विशिष्ट ज्योतिषीय उपाय भी साझा किए। इसके अतिरिक्त, संतान प्राप्ति, कर्ज मुक्ति और शत्रुओं के नाश के लिए प्रदोष व्रत के लाभों को रेखांकित किया गया है।

मां लक्ष्मी, काली और सरस्वती की महिमा और पूजन की सही विधि क्या है और कैसे पाएं वरदान? जानिए सबकुछ

15 जनवरी 2026

'प्रार्थना हूं स्वीकार' में सनातन धर्म की त्रिदेवियों—लक्ष्मी, काली और सरस्वती—की महिमा और उनके पूजन विधान पर प्रकाश डाल रही हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि 'महाकाली, महा सरस्वती और महालक्ष्मी इन तीनों की कृपा से हमें संपूर्ण जगत की शक्तियां प्राप्त हो सकती हैं।' लक्ष्मी जी की उपासना से धन और वैभव, मां काली की पूजा से भयमुक्ति और शत्रुओं पर विजय, तथा मां सरस्वती की आराधना से ज्ञान और बुद्धि का वरदान मिलता है.

भारतीय सेना मना रही अपना 78वां स्थापना दिवस, राजस्थान के जयपुर में शौर्य, साहस और पराक्रम का प्रदर्शन

15 जनवरी 2026

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारतीय सेना का 78वां स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाया गया. इस अवसर पर सेना प्रमुख ने जयपुर के प्रेरणा स्थल पर शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. परेड में 'आत्मनिर्भर भारत' की झलक देखने को मिली, जिसमें स्वदेशी के-9 वज्र, ब्रह्मोस मिसाइल और पिनाका लॉन्चर का प्रदर्शन किया गया.

शिक्षा में सफलता के लिए कैसे करें सूर्य उपासना और क्या है आदित्य हृदय स्तोत्र का महत्व? जानिए सबकुछ

14 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर Geetika Pant ने शिक्षा और करियर में सफलता के लिए सूर्य उपासना के महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम में बताया गया कि 'शिक्षा में तरक्की और सफलता के लिए सूर्य देव की उपासना बेहद कारगर मानी गई है।' ज्योतिषीय दृष्टिकोण से सूर्य को ज्ञान और एकाग्रता का स्वामी माना जाता है। यदि कुंडली में सूर्य कमजोर हो, तो शिक्षा में बाधाएं आती हैं, जिन्हें आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ और सूर्य के बीज मंत्रों के जाप से दूर किया जा सकता है। Geetika Pant ने विद्यार्थियों के लिए सूर्य नमस्कार, ब्रह्म मुहूर्त में उठने और पिता का सम्मान करने जैसे अचूक उपाय साझा किए। इसके अलावा, सूर्य के 21 चमत्कारी नामों और रविवार के विशेष नियमों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, जो स्मरण शक्ति बढ़ाने और जीवन में तेज लाने में सहायक हैं।

मकर संक्रांति पर सूर्य उपासना और दान का क्या है महत्व, किन उपायों से बदलेंगे भाग्य के सितारे? जानिए

13 जनवरी 2026

गुड न्यूज टुडे की एंकर सरगम पंथ श्रीवास्तव ने मकर संक्रांति के पावन पर्व पर सूर्य देव की उपासना और दान के महत्व पर प्रकाश डाला है. उन्होंने बताया कि 'सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर संक्रांति कहलाता है और इसी दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाते हैं.' इस विशेष बुलेटिन में बताया गया कि कैसे सूर्य के उत्तरायण होने से ऋतुओं में परिवर्तन आता है और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है.