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प्रार्थना हो स्वीकार

गीता जयंती पर करें श्रीहरि की पूजा, जानिए व्रत के नियम और महत्व

29 नवंबर 2025

‘प्रार्थना हो स्वीकार’ कार्यक्रम में मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ता ने बताया कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को सांसारिक बंधनों से मुक्ति मिलती है और पूर्वजों का भी कल्याण होता है। कार्यक्रम में कहा गया, 'जीवन मृत्यु के बंधनों से उठकर ईश्वरीय ऊर्जा में विलीन होने की कामना हर कोई करता है।' इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, गीता का पाठ और दान करने की सलाह दी गई है। साथ ही, व्रत के दौरान चावल, मांस और मदिरा के सेवन से बचने और सात्विक जीवन जीने पर जोर दिया गया है।

त्रिपुंड की तीन रेखाओं में बसते हैं 27 देवता, जानिए माथे पर तिलक लगाने का वैज्ञानिक और धार्मिक महत्त्व

28 नवंबर 2025

गुड न्यूज़ टुडे के शो 'प्रार्थना और स्वीकार' में एंकर गीतिका पंत ने त्रिपुंड की महिमा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि माथे पर लगाई जाने वाली ये तीन रेखाएं केवल श्रृंगार नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक हैं। गीतिका पंत ने कहा, 'त्रिपुंड की प्रत्येक रेखा में नौ देवों का वास माना जाता है।' शो में बताया गया कि त्रिपुंड शरीर के 32 अंगों पर लगाया जा सकता है और इसे चंदन या भस्म से लगाने का विधान है। इसके अलावा, त्रिपुंड लगाने के वैज्ञानिक लाभों पर भी चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि यह मस्तक को शीतलता प्रदान करता है और एकाग्रता बढ़ाता है।

विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ कैसे दूर करेगा जीवन के संकट? जानिए भीष्म पितामह से जुड़ा इसका रहस्य

27 नवंबर 2025

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना स्वीकार' में भगवान विष्णु के 1000 नामों वाले विष्णु सहस्त्रनाम पाठ की महिमा और उसके लाभों पर चर्चा की गई। इस दौरान बताया गया कि कैसे यह चमत्कारी पाठ जीवन के विभिन्न संकटों, जैसे विवाह में देरी, गृह क्लेश और व्यापारिक बाधाओं को दूर कर सकता है.

श्रीराम के 10 महाशक्तिशाली मंत्र, जो हर विपदा दूर कर जीवन में सुख-समृद्धि लाएंगे, जानिए इसके बारे में

25 नवंबर 2025

यह कार्यक्रम भगवान राम के दस महाशक्तिशाली मंत्रों और उनके महत्व पर केंद्रित है। इसमें बताया गया है कि कैसे इन मंत्रों का जाप जीवन की हर विपदा को दूर कर सकता है, चाहे वह स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो, वाद-विवाद या मुकदमेबाजी। कार्यक्रम में विभिन्न मंत्रों का उल्लेख है, जैसे 'श्रीराम जयराम जय जय राम', 'ओम रामाय नमः', और राम गायत्री मंत्र, जिनके जाप से आरोग्य, सकारात्मक ऊर्जा और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है.

विवाह पंचमी पर शीघ्र विवाह का मिलेगा वरदान, जानें सियाराम की पूजा के महाउपाय और महत्व

24 नवंबर 2025

मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाई जाने वाली विवाह पंचमी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, क्योंकि इसी तिथि पर भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था। यह पर्व विशेष रूप से अयोध्या और जनकपुर में धूमधाम से मनाया जाता है। एक विशेषज्ञ के अनुसार, 'मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि हो, भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था.

धन, विवाह और कर्ज मुक्ति के लिए करें शिव के विशेष मंत्रों का जाप, जानें मनोकामना पूर्ति के अचूक उपाय

23 नवंबर 2025

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर गुंजन दीक्षित ने भगवान शिव के उन शक्तिशाली मंत्रों और पूजन विधियों पर चर्चा की, जिनसे विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति हो सकती है। इस रिपोर्ट में शीघ्र विवाह, धन-वैभव, संतान सुख, कर्ज मुक्ति और आरोग्य प्राप्ति के लिए विशेष मंत्र, शिवलिंग स्थापना और प्रसाद के बारे में विस्तार से बताया गया है। एक विशेषज्ञ ने शिव कृपा पाने का सरल मार्ग बताते हुए कहा, 'इनका सबसे सरल मंत्र पंचाक्षर मंत्र जो है नमः शिवाय...नमः शिवाय जपने वाले व्यक्ति का कल्याण हो जाता है'। कार्यक्रम में अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति और मान-सम्मान में वृद्धि के लिए भी शिव उपासना के उपाय बताए गए हैं।

नवग्रहों को बनाएं बलवान, जानें कुंडली के दोष दूर करने के सरल और अचूक घरेलू उपाय

22 नवंबर 2025

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवग्रहों को बलवान बनाने के सरल घरेलू नुस्खों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में बताया गया कि कैसे सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु ग्रहों की शांति के लिए अपनी दिनचर्या, खानपान और स्वभाव में छोटे-छोटे बदलाव करके जीवन की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। कार्यक्रम में एक विशेषज्ञ ने कलियुग में ईश्वर की कृपा पाने का मार्ग बताते हुए कहा, 'कलयुग में जो राम नाम जपेगा वही केवल व्यक्ति इस कली के प्रभाव से बचेगा अर्थात कलयुग में केवल राम का नाम ही आधार है'। इसमें सूर्य के लिए तांबे के बर्तन से जल पीने, शनि के लिए सरसों के तेल का प्रयोग करने और राहु-केतु के लिए सात्विक जीवनशैली अपनाने जैसे कई उपाय बताए गए।

कर्मों का फल या साढ़े साती का डर? जानें शनिदेव को प्रसन्न करने के अचूक ज्योतिषीय उपाय

21 नवंबर 2025

जीएनटी के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में शनि देव के ज्योतिषीय महत्व पर चर्चा की गई। इसमें बताया गया कि शनि केवल दंड ही नहीं देते, बल्कि कर्मों के अनुसार फल भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और कुंडली के विभिन्न भावों में उनके प्रभाव को समझाया गया, साथ ही शनि को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया.

हरिद्वार में है शिव की पुत्री माँ मनसा का धाम, जहाँ नागों का भय होता है खत्म और पूरी होती है हर मनोकामना

20 नवंबर 2025

यह रिपोर्ट हरिद्वार में शिवालिक पहाड़ियों पर स्थित माँ मनसा देवी के सिद्ध पीठ की महिमा पर केंद्रित है, जिन्हें भगवान शिव की मानस पुत्री और नागों की देवी कहा जाता है। एक वक्ता के अनुसार, 'मुख्यतया माँ मनसा देवी के दर्शन करके वहाँ प्रसाद में नारियल अवश्य चढ़ाना चाहिए। नारियल का अर्थ है आपकी मन की कामना।' यह धाम एक शक्ति पीठ है, जहाँ माना जाता है कि देवी सती का मन गिरा था। यहाँ माँ पंचमुखी स्वरूप में दर्शन देती हैं और गर्भगृह में उनके साथ माँ महिषासुर मर्दिनी भी विराजती हैं.

राम नाम के जाप से बनेंगे बिगड़े काम, जानिए स्वास्थ्य, विवाह और संतान प्राप्ति से जुड़े महाप्रयोग

19 नवंबर 2025

जीएनटी के विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना हूँ स्वीकार' में प्रस्तोता सुनीता राय शर्मा ने राम नाम की महिमा पर प्रकाश डाला। इस कड़ी में बताया गया कि कैसे दो अक्षरों के इस महामंत्र के जाप से स्वास्थ्य समस्याओं, शनि पीड़ा, और मुकदमों जैसी बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है। कार्यक्रम में एक विद्वान ने तुलसीदास जी का उल्लेख करते हुए कहा, 'कलयुग में जो राम नाम जपेगा वही केवल व्यक्ति इस कली के प्रभाव से बचेगा अर्थात कलयुग में केवल राम का नाम ही आधार है.

पितृ दोष और कमजोर चंद्रमा से मुक्ति के क्या हैं उपाय, जानें मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व और महाउपाय

18 नवंबर 2025

यह विशेष कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' दर्श अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालता है, जिसे मार्गशीर्ष अमावस्या भी कहा जाता है। इसमें पितरों के तर्पण, पितृ दोष से मुक्ति के उपाय और भगवान विष्णु की पूजा के विधान पर चर्चा की गई है। कार्यक्रम में बताया गया है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, और पीपल के वृक्ष की पूजा करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.