सावन महीने में मंगलवार को पड़ने वाले भौम प्रदोष व्रत पर भगवान शिव, माता पार्वती और हनुमान जी की विशेष उपासना का अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन प्रदोष व्रत के साथ मंगला गौरी पूजन और त्रिपुष्कर योग का भी सुंदर मेल हो रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, भौम प्रदोष के दिन संध्या काल में शिवलिंग का जल और गंगाजल से अभिषेक करने, लाल चंदन या पीली सरसों अर्पित करने और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष हो, कोर्ट-कचहरी के मुकदमे चल रहे हों या कर्ज की समस्या परेशान कर रही हो, तो इस तिथि पर हनुमान जी के समक्ष चमेली के तेल या घी का दीपक जलाकर सुंदरकांड का पाठ करने और विशेष प्रयोग करने से संकटों से राहत मिलती है। सावन के इस पावन पर्व पर तामसिक विचार और भोजन से परहेज कर सात्विक नियम पालने की सलाह दी गई है।