Good News Today के कार्यक्रम प्रार्थना हो स्वीकार में ब्रजमंडल की होली की अनोखी परंपराओं को दिखाया गया। ब्रज में होली बसंत पंचमी से लेकर फागुन पूर्णिमा तक पूरे 40 दिनों तक खेली जाती है। यह परंपरा 5000 साल से भी अधिक पुरानी मानी जाती है। बरसाना और नंदगांव की लट्ठमार होली विश्व प्रसिद्ध है जिसमें महिलाएं पुरुषों पर लट्ठ बरसाती हैं और पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। 24 फरवरी को बरसाना में लड्डूमार होली, 25 फरवरी को बरसाना में लट्ठमार होली, 26 फरवरी को नंदगांव में लट्ठमार होली और 28 फरवरी को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों की होली खेली गई। मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में फुलडोल उत्सव और रंगभरी एकादशी से लेकर धुलंडी तक होली मनाई जाती है। राधा-कृष्ण के पवित्र प्रेम की निशानी ये परंपराएं आज भी जीवित हैं।