चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होने जा रही है और समापन 27 मार्च को होगा। इस बार मां दुर्गा पालकी पर सवार होकर आ रही हैं और हाथी पर सवार होकर विदा होंगी, जिसे समृद्धि का सूचक माना जाता है। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 19 मार्च को सुबह 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होती है, जिसे विक्रम संवत भी कहते हैं। नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का होना चाहिए। इस बार महा अष्टमी और महा नवमी एक साथ पड़ने जा रही है। नवमी तिथि 26 मार्च को दोपहर 2:15 से शुरू होकर 27 मार्च को दोपहर 12:02 तक रहेगी। व्रत रखने वाले भक्त दशमी को पारण करेंगे।