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Char Dham Yatra: अक्षय तृतीया से शुरू हो रही है चार धाम यात्रा, जानें यमुनोत्री से बद्रीनाथ तक का धार्मिक महत्व

सनातन संस्कृति में चार धाम यात्रा का विशेष महत्व है। इस पवित्र यात्रा का शुभारंभ अक्षय तृतीया के दिन से होता है। यह यात्रा यमुनोत्री से शुरू होकर गंगोत्री और केदारनाथ होते हुए भगवान बद्रीनाथ के दर्शन के साथ संपन्न होती है। मान्यता है कि इन चारों धामों के दर्शन करने से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और उसके सभी पाप धुल जाते हैं। इस वर्ष 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। यमुनोत्री को मां यमुना का उद्गम स्थल माना जाता है, जबकि गंगोत्री मां गंगा का पावन धाम है। केदारनाथ में भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान हैं और बद्रीनाथ को धरती का वैकुंठ कहा जाता है जहां भगवान विष्णु विश्राम करते हैं। इस यात्रा के जरिए भक्त अपने जीवन को सफल बनाते हैं।