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Garuda Purana में छिपा है मृत्यु के बाद का रहस्य, जानें कैसे तय होता है स्वर्ग और नर्क का सफर

गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में गरुड़ पुराण के अनुसार जन्म और मृत्यु के रहस्यों पर चर्चा की गई है. सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, मृत्यु के बाद शरीर नष्ट हो जाता है लेकिन आत्मा अमर रहती है. गरुड़ पुराण में बताया गया है कि व्यक्ति के कर्मों के आधार पर ही यमलोक में उसके पाप और पुण्य का हिसाब होता है. अच्छे कर्म करने वाले स्वर्ग और बुरे कर्म करने वाले नर्क के अधिकारी होते हैं. मृत्यु के बाद आत्मा की यमलोक यात्रा और सद्गति के लिए किए जाने वाले कर्मों का विस्तार से वर्णन किया गया है. इसके अलावा, जीवन में सफलता और मोक्ष प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु, एकादशी व्रत, गंगा, तुलसी, ज्ञानी जन और गाय की पूजा का महत्व बताया गया है. गौदान, भूमि दान, तिल और स्वर्ण दान जैसे कर्मों से परलोक में आत्मा को कष्टों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है.