प्रार्थना आत्मा और परमात्मा के बीच का एक माध्यम है. प्रार्थना व्यक्ति को आंतरिक मजबूती प्रदान करती है. प्रार्थना व्यक्ति के विचारों और इच्छाओं को सकारात्मक बनाकर निराशा और नकारात्मक भावों को नष्ट कर देती है. प्रार्थना के मूल में यही भाव है कि कर्म तो व्यक्ति को करना ही होगा क्योंकि उसके किए गए कर्म का फल निष्फल नहीं जाएगा लेकिन उस कर्म की प्रेरणा प्रार्थना से ही मिलेगी.
Prayer is a medium between the soul and God. Prayer provides inner strength to a person. Prayer destroys disappointments and negative emotions by making a person's thoughts and desires positive.