कल यानी 2 मई 2026 से ज्येष्ठ का महीना शुरू होने जा रहा है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ मास के साथ अधिक मास जुड़ने के कारण यह लगभग 58 से 59 दिनों का होगा। ज्येष्ठ का महीना 2 मई से 29 जून तक रहेगा, जबकि अधिक मास 17 मई से 15 जून के बीच पड़ेगा। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और इस दौरान विवाह या गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों की मनाही होती है। ज्येष्ठ के महीने में सूर्य देव, भगवान विष्णु और हनुमान जी की उपासना का विशेष महत्व है। इस दौरान भीषण गर्मी पड़ती है, इसलिए जल संरक्षण, जल दान और पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना सबसे पुण्यकारी माना गया है। इसके अलावा 25 मई से 2 जून तक नौतपा रहेगा। मान्यता है कि नौतपा में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है, मानसून उतना ही अच्छा आता है। इस महीने में स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए सादा भोजन करने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है।