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Kajari Teej: कजरी तीज और बहुला चतुर्थी पर कैसे करें पूजन? जानिए व्रत विधि, नियम और कथा

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में जानिए भाद्रपद माह में पड़ने वाले प्रमुख व्रतों कजरी तीज और बहुला चतुर्थी का महत्व और पूजन विधान. भाद्रपद कृष्ण तृतीया को कजरी तीज मनाई जाती है, जिसे कजली या सातुड़ी तीज भी कहते हैं. यह व्रत पति की लंबी उम्र, वैवाहिक सुख और मनोवांछित वर पाने के लिए रखा जाता है. इसमें निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती, भगवान शिव और नीमड़ी माता की पूजा की जाती है तथा रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. वहीं भाद्रपद कृष्ण चतुर्थी को बहुला चतुर्थी या हेरंब संकष्टी चतुर्थी मनाई जाती है. यह व्रत संतान की सुरक्षा, उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए रखा जाता है. इस दिन भगवान गणेश, श्री कृष्ण और बहुला गाय की विशेष पूजा की परंपरा है. जानिए इन दोनों पावन पर्वों की संपूर्ण कथा, पूजन नियम और धार्मिक महत्व.